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संकल्पों और पवित्रता के बंधन का पर्व है रक्षाबंधन : बीके सविता
Fri, 28 Aug 2026 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 28 Aug 2026 01:54 AM IST
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अंबाला कैंट के दयालबाग स्थित ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय में संकल्प लेते गणमान्य। प्र
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय शांतिधाम, दयाल बाग में रक्षाबंधन का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत और तिलक के साथ हुआ। मुख्य वक्ता बराड़ा सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी बीके सविता दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल शारीरिक रक्षा का नहीं, बल्कि संकल्पों के बंधन का पर्व है।
उन्होंने कहा कि आज समाज में नारी सशक्त है, लेकिन सत्य, प्रेम, न्याय और प्रकृति की रक्षा की वास्तविक आवश्यकता है। उन्होंने मन, वचन और कर्म की पवित्रता का संकल्प लेने पर जोर दिया। अंबाला सब्जोन निर्देशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने कहा कि हमें बुराइयों से आत्मा की रक्षा करनी है।
मुख्य अतिथि रोटरी अध्यक्ष डॉ. विवेक मल्होत्रा ने बहनों के दैवी व्यवहार की सराहना की, जो रक्षाबंधन पर भाइयों से उनकी कमियां जेबखर्ची के रूप में मांगती हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. सूरी और नेत्री चित्रा सरवारा ने भी आश्रम के पवित्र वातावरण की प्रशंसा की। अंत में सभी ने शुभ संकल्प लिए, रक्षासूत्र बंधवाया और मुख मीठा किया।
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अंबाला। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय शांतिधाम, दयाल बाग में रक्षाबंधन का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत और तिलक के साथ हुआ। मुख्य वक्ता बराड़ा सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी बीके सविता दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल शारीरिक रक्षा का नहीं, बल्कि संकल्पों के बंधन का पर्व है।
उन्होंने कहा कि आज समाज में नारी सशक्त है, लेकिन सत्य, प्रेम, न्याय और प्रकृति की रक्षा की वास्तविक आवश्यकता है। उन्होंने मन, वचन और कर्म की पवित्रता का संकल्प लेने पर जोर दिया। अंबाला सब्जोन निर्देशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने कहा कि हमें बुराइयों से आत्मा की रक्षा करनी है।
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मुख्य अतिथि रोटरी अध्यक्ष डॉ. विवेक मल्होत्रा ने बहनों के दैवी व्यवहार की सराहना की, जो रक्षाबंधन पर भाइयों से उनकी कमियां जेबखर्ची के रूप में मांगती हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. सूरी और नेत्री चित्रा सरवारा ने भी आश्रम के पवित्र वातावरण की प्रशंसा की। अंत में सभी ने शुभ संकल्प लिए, रक्षासूत्र बंधवाया और मुख मीठा किया।
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