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Karnal News: सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
- फोटो : सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
घरौंडा। घरौंडा। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने वीरवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। पहले दिन कर्मचारियों ने बिजली बोर्ड परिसर में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने से कर्मचारियों और आम जनता के हित प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की। हड़ताल को किसान यूनियन और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया। इस दौरान रमेश कुमार, अंकित राणा और अनिल कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे। संवाद
गांवों तक पहुंचा निजीकरण का विरोध
करनाल। बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में अब गांवों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। वीरवार को गांव रांवर, दिलावरा और शेखुपुरा में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर प्रदेश सरकार के नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाकर रोष जताया। गांव दिलावरा में अनिल रावल, रांवर में कर्ण कालिया और शेखुपुरा में राजकुमार नौतना ने प्रदर्शन की अगुवाई की। भाकियू प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान ने चेतावनी दी कि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने एग्री डिस्कॉम कंपनी बनाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया। ब्यूरो
असंध में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू
असंध। बिजली निगम के निजीकरण और निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में कर्मचारियों ने वीरवार से तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू की। बिजली बोर्ड परिसर में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर निजीकरण संबंधी फैसले वापस लेने की मांग की। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र पाल ने निजी कंपनी को जारी लाइसेंस रद करने और बिजली निगम को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया रोकने की मांग उठाई। किसान नेताओं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। कार्यक्रम में संजय शर्मा, अजमेर जागलान और जितेंद्र सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
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बिजली कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च
इंद्री। निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल वीरवार से शुरू हो गई। पहले दिन इंद्री और गढ़ी बीरबल सब यूनिट के कर्मचारियों ने पावर हाउस परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद शहर में रोष मार्च निकाला। कर्मचारी नेता संजीव मलिक ने गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर कंपनी को जारी लाइसेंस रद करने की मांग की। उधर, हड़ताल के चलते इंद्री के वार्ड 11, 12, डेरा रामनगर और ननदी-भौजी गांव में आठ से नौ घंटे बिजली बाधित रहने की सूचना है। पावर हाउस में पुलिस तैनात रही। संवाद
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गांवों तक पहुंचा निजीकरण का विरोध
करनाल। बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में अब गांवों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। वीरवार को गांव रांवर, दिलावरा और शेखुपुरा में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर प्रदेश सरकार के नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाकर रोष जताया। गांव दिलावरा में अनिल रावल, रांवर में कर्ण कालिया और शेखुपुरा में राजकुमार नौतना ने प्रदर्शन की अगुवाई की। भाकियू प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान ने चेतावनी दी कि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने एग्री डिस्कॉम कंपनी बनाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया। ब्यूरो
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असंध में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू
असंध। बिजली निगम के निजीकरण और निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में कर्मचारियों ने वीरवार से तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू की। बिजली बोर्ड परिसर में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर निजीकरण संबंधी फैसले वापस लेने की मांग की। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र पाल ने निजी कंपनी को जारी लाइसेंस रद करने और बिजली निगम को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया रोकने की मांग उठाई। किसान नेताओं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। कार्यक्रम में संजय शर्मा, अजमेर जागलान और जितेंद्र सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
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बिजली कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च
इंद्री। निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल वीरवार से शुरू हो गई। पहले दिन इंद्री और गढ़ी बीरबल सब यूनिट के कर्मचारियों ने पावर हाउस परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद शहर में रोष मार्च निकाला। कर्मचारी नेता संजीव मलिक ने गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर कंपनी को जारी लाइसेंस रद करने की मांग की। उधर, हड़ताल के चलते इंद्री के वार्ड 11, 12, डेरा रामनगर और ननदी-भौजी गांव में आठ से नौ घंटे बिजली बाधित रहने की सूचना है। पावर हाउस में पुलिस तैनात रही। संवाद