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बारिश से राहत तो बिजली कट से आफत
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sun, 10 Jul 2016 12:47 AM IST
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करनाल में हुई बारिश
- फोटो : amar ujala
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जिले में बिजली के अघोषित कटों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में भीषण गर्मी पड़े तो फीडर ओवर लोडिंग के चलते कट लगने शुरू हो जाते हैं। यदि बारिश हो जाए तो लाइनों में ट्रिप करने से घंटो के लिए बिजली गुल हो जाती है। बिजली निगम किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मुहैया नहीं करवा पा रहा है। इससे लोगों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। शनिवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने फिर से शहर की कई कॉलोनियों व गांवों की रात अंधेरे में बिताने पर मजबूर कर दिया है। निगम के पास लोगों की इस समस्या कोई भी स्थाई समाधान नहीं है। हालंाकि बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली।
बिजली कटों ने इन दिनों लोगों का जीना बेहाल किया हुआ है। 24 घंटों में से जहां शहर में 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों में 7 से 8 घंटे। इससे एक तरफ आम जनता परेशान है, वहीं दुकानदारों व उद्योगपतियों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रदेश में नो डिमांड पर थर्मल प्लांट बद किए हैं, वहीं लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं। बरसों पुराने तारों व ट्रांसफार्मरों की जर्जर हालात लोगों को जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं दे पा रहे हैं। ओवरलोडिंग के चलते बार-बार बिजली कट लग रहे हैं। भीषण गर्मी व बिजली कटों ने लोगों को चैन दिन व रातों का चैन छीन लिया है। वहीं दूसरी ओर इससे शहर में औद्योगिक उत्पादन व दुकानदारों का काम भी प्रभावित हो रहा है। इससे लोगों को मजबूरन जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनपर आर्थिक बोझ भी बढ़ा है।
शाम को हुई पांच एमएम बारिश से राहत, बिजली कट से परेशानी
शनिवार को दिनभर उमझ व गर्मी के बीच लगे बिजली कटों लोगों की चैन छीन लिया। दोपहर बाद बदले हवाओं के रूख ने लोगों को थोड़ी गर्मी से राहत दिलाई। शाम को हुई करीब पांच एमएम बारिश से मौसम का मिजाज जरूर खुशनुमा हुआ। लेकिन तेज हवाओं व बारिश के चलते लाइनों में आए फाल्ट की वजह से कई गांवों व कालोनियों की बिजली गुल हो गई तथा शहर में भी बार-बार लगने वाले कटों का सिलासिला बढ़ गया। ऐसे में लोगों को बिना बिजली के छतों व खुले में बैठकर समय बिताना पड़ा। वहीं बारिश की वजह स सड़कों पर जमा पानी ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी।
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बिजली निगम का जर्जर ढांचे से हो रही परेशानी
बिजली निगम द्वारा 15 से 20 साल पहले खींची गई लाइनों के कंडक्टर आज तक नहीं बदले हैं। लाइनों पर लोड बढने व कंडक्टर के हालात जर्जर होने की वजह से लाइनों में बार-बार फाल्ट आते हैं। इससे बिजली के अघोषित कटों की संख्या में इजाफा होता है। निगम अपने तमाम प्रयासों के बाद भी इस समस्या से उभर नहीं सका है। इसके अलावा ट्रांसफार्मरों की मेंटेनेंस का अभाव व पावर हाउस की वीसीबी की समय समय पर जांच न होने की वजह से भी कट लग रहे हैं।
लाइनों की ओवर क्रॉसिंग सबसे बड़ी परेशानी
बिजली निगम द्वारा जिले में बेतरतीब ढंग से बिछाए गए लाइनों के जाल की वजह से भी सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एक लाइन से कई फीडरों की ओवर क्रासिंग होने की वजह से यदि किसी एक लाइन में फाल्ट आ जाए तो उसे ठीक करने के लिए उस लाइन से क्रॉस होने वाले अन्य फीडरों को भी से टी पर्पज के चलते बंद करना पड़ता है। ऐसे में हर रोज किसी ने किसी फीडर पर फाल्ट आने की वजह से अघोषित कट लगते हैं। इससे लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही ह्रै।
प्रतिदिन हो रहा है लाखों का घाटा
फैक्टरी में श्रमिकों का काम करने का समय 9 से 5 बजे तक का है, लेकिन सुबह 10 से 4 बजे तक बिजली कट रहता है। इस दौरान जनरेटर चलाना पड़ता है, जिसमें प्रति घंटे हजार रुपये से ज्यादा का डीजल लग जाता है। मगर जनरेटर से मशीनों को पूरी फ्रीक्वेंसी नहीं मिल पाती, जिस वजह से मशीनों की मर मत का खर्चा भी बढ़ जाता है। बिजली कटौती की वजह से हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
अमित गुप्ता, उद्योगपति, (फोटो सं या- 11)
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दिनचर्या को किया प्रभावित
शहर में हर दो घंटे बाद बिजली कट लग लग रहे हैं। इससे घरों में रखे इन्वर्टर भी ठीक से चार्ज नहीं होते। जगह जगह पर बिजली के ढीले तार व सड़कों किनारे जर्जर खंबो पर ाड़े ट्रांसफार्मर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। बिजली के कटों के चलते रोजमर्रा के काम भी नहीं हो पा रहे है। लोग बार बार आकर शिकायतें करते हैं, लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं है।
राकेश कुमार, वार्ड पार्षद। (फोटो सं या- 12)
बूढे-बच्चों की बढ़ाई परेशानी
फोटो कोट्स
घर में छोटे बच्चे व बुर्जुगों को बिजली के बिना सबसे अधिक परेशानी होती है। इतनी गर्मी में घर से बाहर भी नहीं निकला जा सकता। मजबूरी में घर में ही बैठा रहना पड़ता है। घर में इनवर्टर भी लगाया हुआ है, लेकिन नियमित बिजली न होने से वो भी काम नहीं कर पाता है।
विकास बसंल, शहरवासी। (फोटो सं या- 13)
बॉक्स
भीषण गर्मी में बिजली कटों ने छुड़ाए लोगों के पसीने
फोटो कोट्स
गर्मी ने बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है, वहीं बिजली के कटों ने घर में रहना। अब करें भी तो क्या करें। दिन भर में मुश्किल से आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है और वह भी एक साथ नहीं। हर एक घंटे के बाद कट लग जाता है जो लगभग एक से डेढ़ घंटे तक रहता है। ऐसे में बार बार लगने के वाले कटों से परेशानी हो रही है। कई बार तो वोल्टेज इतनी लो हो जाती है कि उस पर पंखा भी नहीं चलता। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
संतोष यादव, एडवोकेट । (फोटो सं या- 14)
वर्जन
कई बार लाइनों में फाल्ट आने की वजह से बिजली की कटौती हो जाती है, लेकिन कटौती की बिजली को भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। कई जगहों पर ओवर लोडिंग की भी समस्या है। इससे हर दो बार-बार फीडर ट्रिप हो जाते हैं। निगम द्वारा लाइनों पर लोड सर्वे करवाकर क्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
-जेके कांबोज, एसई, बिजली निगम करनाल।
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बिजली कटों ने इन दिनों लोगों का जीना बेहाल किया हुआ है। 24 घंटों में से जहां शहर में 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों में 7 से 8 घंटे। इससे एक तरफ आम जनता परेशान है, वहीं दुकानदारों व उद्योगपतियों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रदेश में नो डिमांड पर थर्मल प्लांट बद किए हैं, वहीं लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं। बरसों पुराने तारों व ट्रांसफार्मरों की जर्जर हालात लोगों को जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं दे पा रहे हैं। ओवरलोडिंग के चलते बार-बार बिजली कट लग रहे हैं। भीषण गर्मी व बिजली कटों ने लोगों को चैन दिन व रातों का चैन छीन लिया है। वहीं दूसरी ओर इससे शहर में औद्योगिक उत्पादन व दुकानदारों का काम भी प्रभावित हो रहा है। इससे लोगों को मजबूरन जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनपर आर्थिक बोझ भी बढ़ा है।
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शाम को हुई पांच एमएम बारिश से राहत, बिजली कट से परेशानी
शनिवार को दिनभर उमझ व गर्मी के बीच लगे बिजली कटों लोगों की चैन छीन लिया। दोपहर बाद बदले हवाओं के रूख ने लोगों को थोड़ी गर्मी से राहत दिलाई। शाम को हुई करीब पांच एमएम बारिश से मौसम का मिजाज जरूर खुशनुमा हुआ। लेकिन तेज हवाओं व बारिश के चलते लाइनों में आए फाल्ट की वजह से कई गांवों व कालोनियों की बिजली गुल हो गई तथा शहर में भी बार-बार लगने वाले कटों का सिलासिला बढ़ गया। ऐसे में लोगों को बिना बिजली के छतों व खुले में बैठकर समय बिताना पड़ा। वहीं बारिश की वजह स सड़कों पर जमा पानी ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी।
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बिजली निगम का जर्जर ढांचे से हो रही परेशानी
बिजली निगम द्वारा 15 से 20 साल पहले खींची गई लाइनों के कंडक्टर आज तक नहीं बदले हैं। लाइनों पर लोड बढने व कंडक्टर के हालात जर्जर होने की वजह से लाइनों में बार-बार फाल्ट आते हैं। इससे बिजली के अघोषित कटों की संख्या में इजाफा होता है। निगम अपने तमाम प्रयासों के बाद भी इस समस्या से उभर नहीं सका है। इसके अलावा ट्रांसफार्मरों की मेंटेनेंस का अभाव व पावर हाउस की वीसीबी की समय समय पर जांच न होने की वजह से भी कट लग रहे हैं।
लाइनों की ओवर क्रॉसिंग सबसे बड़ी परेशानी
बिजली निगम द्वारा जिले में बेतरतीब ढंग से बिछाए गए लाइनों के जाल की वजह से भी सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एक लाइन से कई फीडरों की ओवर क्रासिंग होने की वजह से यदि किसी एक लाइन में फाल्ट आ जाए तो उसे ठीक करने के लिए उस लाइन से क्रॉस होने वाले अन्य फीडरों को भी से टी पर्पज के चलते बंद करना पड़ता है। ऐसे में हर रोज किसी ने किसी फीडर पर फाल्ट आने की वजह से अघोषित कट लगते हैं। इससे लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही ह्रै।
प्रतिदिन हो रहा है लाखों का घाटा
फैक्टरी में श्रमिकों का काम करने का समय 9 से 5 बजे तक का है, लेकिन सुबह 10 से 4 बजे तक बिजली कट रहता है। इस दौरान जनरेटर चलाना पड़ता है, जिसमें प्रति घंटे हजार रुपये से ज्यादा का डीजल लग जाता है। मगर जनरेटर से मशीनों को पूरी फ्रीक्वेंसी नहीं मिल पाती, जिस वजह से मशीनों की मर मत का खर्चा भी बढ़ जाता है। बिजली कटौती की वजह से हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
अमित गुप्ता, उद्योगपति, (फोटो सं या- 11)
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दिनचर्या को किया प्रभावित
शहर में हर दो घंटे बाद बिजली कट लग लग रहे हैं। इससे घरों में रखे इन्वर्टर भी ठीक से चार्ज नहीं होते। जगह जगह पर बिजली के ढीले तार व सड़कों किनारे जर्जर खंबो पर ाड़े ट्रांसफार्मर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। बिजली के कटों के चलते रोजमर्रा के काम भी नहीं हो पा रहे है। लोग बार बार आकर शिकायतें करते हैं, लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं है।
राकेश कुमार, वार्ड पार्षद। (फोटो सं या- 12)
बूढे-बच्चों की बढ़ाई परेशानी
फोटो कोट्स
घर में छोटे बच्चे व बुर्जुगों को बिजली के बिना सबसे अधिक परेशानी होती है। इतनी गर्मी में घर से बाहर भी नहीं निकला जा सकता। मजबूरी में घर में ही बैठा रहना पड़ता है। घर में इनवर्टर भी लगाया हुआ है, लेकिन नियमित बिजली न होने से वो भी काम नहीं कर पाता है।
विकास बसंल, शहरवासी। (फोटो सं या- 13)
बॉक्स
भीषण गर्मी में बिजली कटों ने छुड़ाए लोगों के पसीने
फोटो कोट्स
गर्मी ने बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है, वहीं बिजली के कटों ने घर में रहना। अब करें भी तो क्या करें। दिन भर में मुश्किल से आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है और वह भी एक साथ नहीं। हर एक घंटे के बाद कट लग जाता है जो लगभग एक से डेढ़ घंटे तक रहता है। ऐसे में बार बार लगने के वाले कटों से परेशानी हो रही है। कई बार तो वोल्टेज इतनी लो हो जाती है कि उस पर पंखा भी नहीं चलता। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
संतोष यादव, एडवोकेट । (फोटो सं या- 14)
वर्जन
कई बार लाइनों में फाल्ट आने की वजह से बिजली की कटौती हो जाती है, लेकिन कटौती की बिजली को भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। कई जगहों पर ओवर लोडिंग की भी समस्या है। इससे हर दो बार-बार फीडर ट्रिप हो जाते हैं। निगम द्वारा लाइनों पर लोड सर्वे करवाकर क्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
-जेके कांबोज, एसई, बिजली निगम करनाल।