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निजी स्कूलों का सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू, आज से खुलेंगे स्कूल
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Wed, 11 May 2016 12:53 AM IST
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आज से खुलेंगे स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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134ए के दाखिलों को लेकर पिछले पांच दिनों से चल रही निजी स्कूल संचालकों की हड़ताल तो समाप्त हो गई, लेकिन सरकार और निजी स्कूलों के बीच छिड़ी रार और बढ़ गई। हजारों की संख्या में उपस्थित स्कूल संचालकों व अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन की हुंकार भरी। निजी स्कूलों ने कर्णनगरी और सीएम सिटी में सर्व सम्मति से फैसला कि आगे से वे सरकार के न तो किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और न ही सरकार का सहयोग करेंगे। इसके साथ ही, सरकार को सीधे सीधे कह दिया वे किसी भी सूरत में 134ए के तहत बच्चों का दाखिला नहीं लेंगे, दाखिला तभी होगा, जब प्रति बच्चा 2500 रुपये सरकार स्कूलों के पास जमा कराए। धरने के दौरान निजी स्कूलों ने बुधवार से स्कूल खोलने का फैसला लिया। साथ ही कहा कि स्कूल प्रबंधकों का धरना आगामी तीन दिन तक तक जारी रहेगा। इसके बाद रोहतक, भिवानी, अंबाला में मंत्रियों के आवास का घेराव भी करेंगे।
मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे करीब 1500 निजी स्कूलों के हजारों की संख्या में स्कूल संचालक व अध्यापक अध्यापिकाएं करनाल पहुंचे। उन्होंने सेक्टर 12 ग्राउंड में डेरा जमाया। प्रदेशस्तरीय धरने की अध्यक्षता फैडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने की। इसके अलावा, निजी स्कूलों की तीन यूनियन हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रधान विजेंद्र मान, इंडिपेंडिट स्कूल एसो. के आरएस विर्क व प्राइवेट स्कूल संघ के सत्यवान कुंडू भी मौजूद रहे। कुलभूषण शर्मा ने सभी साथियों के साथ मंत्रणा के बाद मंच से घोषणा की कि वे आगे से सरकार के किसी भी कार्यक्रम में सहयोग नहीं करेंगे।
न तो रैली के लिए बसें देंगे और न ही सरकार के किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी को अलग रखा गया है। धरने को संबोधित करते हुए शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी सूरत में 134ए के तहत बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। अगर सरकार गरीब बच्चों का दाखिला चाहती है तो प्रति बच्चा सरकार 2500 रुपये जमा कराना होगा। सरकार को कोसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने वादों से मुकर रही है और जानबुझकर निजी स्कूलों का रिजल्ट खराब करने के लिए कमजोर बच्चों को उनके स्कूलों में दाखिल कराना चाहती है।
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हड़ताल समाप्त, धरना जारी
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बुधवार से स्कूल खोलने का ऐलान कर दिया है। स्कूल संचालकों ने स्कूल खोलने के बाद भी अगले तीन दिनों तक स्कूल मैनेजमेंट का धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। 14 व 15 मई को रोहतक, अंबाला व भिवानी में मंत्रियों के आवास का घेराव करने का भी ऐलान किया है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा उनपर 134-ए के दाखिलों का दबाव बनाया गया तो वे स्कूल बंद कर उनकी ताला चाबी सरकार को सौंप देंगे। दूसरी ओर अभिभावकों ने भी निजी स्कूलों की मनमानियों के विरोध में ब्लॉक व जिला स्तर पर प्रदर्शन कर अधिकारियों के मार्फत मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपे हैं। जिनमें अभिभावकों ने निजी स्कूलों द्वारा नियमों के विरुद्ध ली जा रही फीस पर रोक लगवाने व मेधावी बच्चों को नियम 134-ए के तहत 10 प्रतिशत सीटों पर दाखिला दिलवाने की मांग की है।
ये हैं मांगें
धरने के बाद निजी स्कूल संचालकों ने एसडीएम अश्वनी मलिक के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा। इसमें स्कूल संचालकों ने शिक्षा नियम 134- ए को समाप्त कर उसकी जगह पर आरटीई एक्ट लागू करने की बात कही। इसमें दस की बजाए 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को दाखिला दिलाया जाए। इसके अलावा, बसों की उम्र बढ़ाई जाए, या फिर किलोमीटर की संख्या बढ़ाई जाए। बसों का परमिट फीस कम की जाए। वर्ष 2011 से पूर्व स्थापित स्कूलों को भूमि नियमों में छूट देकर मान्यता दी जाए और प्रापर्टी टैक्स माफ किया जाए।
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मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे करीब 1500 निजी स्कूलों के हजारों की संख्या में स्कूल संचालक व अध्यापक अध्यापिकाएं करनाल पहुंचे। उन्होंने सेक्टर 12 ग्राउंड में डेरा जमाया। प्रदेशस्तरीय धरने की अध्यक्षता फैडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने की। इसके अलावा, निजी स्कूलों की तीन यूनियन हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रधान विजेंद्र मान, इंडिपेंडिट स्कूल एसो. के आरएस विर्क व प्राइवेट स्कूल संघ के सत्यवान कुंडू भी मौजूद रहे। कुलभूषण शर्मा ने सभी साथियों के साथ मंत्रणा के बाद मंच से घोषणा की कि वे आगे से सरकार के किसी भी कार्यक्रम में सहयोग नहीं करेंगे।
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न तो रैली के लिए बसें देंगे और न ही सरकार के किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी को अलग रखा गया है। धरने को संबोधित करते हुए शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी सूरत में 134ए के तहत बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। अगर सरकार गरीब बच्चों का दाखिला चाहती है तो प्रति बच्चा सरकार 2500 रुपये जमा कराना होगा। सरकार को कोसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने वादों से मुकर रही है और जानबुझकर निजी स्कूलों का रिजल्ट खराब करने के लिए कमजोर बच्चों को उनके स्कूलों में दाखिल कराना चाहती है।
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हड़ताल समाप्त, धरना जारी
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बुधवार से स्कूल खोलने का ऐलान कर दिया है। स्कूल संचालकों ने स्कूल खोलने के बाद भी अगले तीन दिनों तक स्कूल मैनेजमेंट का धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। 14 व 15 मई को रोहतक, अंबाला व भिवानी में मंत्रियों के आवास का घेराव करने का भी ऐलान किया है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा उनपर 134-ए के दाखिलों का दबाव बनाया गया तो वे स्कूल बंद कर उनकी ताला चाबी सरकार को सौंप देंगे। दूसरी ओर अभिभावकों ने भी निजी स्कूलों की मनमानियों के विरोध में ब्लॉक व जिला स्तर पर प्रदर्शन कर अधिकारियों के मार्फत मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपे हैं। जिनमें अभिभावकों ने निजी स्कूलों द्वारा नियमों के विरुद्ध ली जा रही फीस पर रोक लगवाने व मेधावी बच्चों को नियम 134-ए के तहत 10 प्रतिशत सीटों पर दाखिला दिलवाने की मांग की है।
ये हैं मांगें
धरने के बाद निजी स्कूल संचालकों ने एसडीएम अश्वनी मलिक के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा। इसमें स्कूल संचालकों ने शिक्षा नियम 134- ए को समाप्त कर उसकी जगह पर आरटीई एक्ट लागू करने की बात कही। इसमें दस की बजाए 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को दाखिला दिलाया जाए। इसके अलावा, बसों की उम्र बढ़ाई जाए, या फिर किलोमीटर की संख्या बढ़ाई जाए। बसों का परमिट फीस कम की जाए। वर्ष 2011 से पूर्व स्थापित स्कूलों को भूमि नियमों में छूट देकर मान्यता दी जाए और प्रापर्टी टैक्स माफ किया जाए।