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निजी स्कूलों ने 134ए के तहत दाखिला देने से किया इंकार, अभिभावक परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Dec 2021 02:29 AM IST
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private school denied admission under the rule of 134a
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। जिले के निजी स्कूलों ने 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला देने से इनकार कर दिया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि इस वर्ष वे किसी भी विद्यार्थी को नियम के तहत नहीं पढ़ाएंगे, क्योंकि पिछले सात साल से सरकार ने उन्हें तय फीस भी नहीं दी। ऐसे में जब तक सरकार पिछला बकाया भुगतान नहीं करती तब तक 134ए के तहत नए दाखिले नहीं देंगे।
सहोदय स्कूल कॉप्लेक्स की सोमवार को सेंट थैरेसा कान्वेंट स्कूल में बैठक हुई। बैठक में जिले के 125 निजी स्कूलों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया। इधर, दाखिला न मिलने से अभिभावक स्कूलों के चक्कर काटकर परेशान हो रहे हैं।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष डॉ. राजन लांबा ने कहा कि पिछले कई साल से कागजी कार्यवाही करने के बावजूद सरकार का रवैया ढुलमुल रहा है। कोरोना के कारण पहले ही स्कूलों की स्थिति खराब है। सरकार से कई बार फीस के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई। सरकार पर फीस के लाखों रुपये बकाया हैं। बैठक में कान्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर प्रिया थैरेसा, ब्रह्मानंद पब्लिक स्कूल निंसिंग के संचालक विक्रम चौधरी, दून पब्लिक स्कूल के संचालक सरदार कुलजिंदर मोहन प्रताप पब्लिक स्कूल पूनम नेवट, विवेकानंद स्कूल से प्रमोद शर्मा और आरवी भारद्वाज मौजूद रहे।
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बोले, बच्चों के खाते में पैसे भेजे सरकार
स्कूल संचालकों ने कहा कि जिन बच्चों के 134ए के तहत दाखिले होने हैं, सरकार उनके बैंक खाते में पैसा भेजे। ताकि वे कहीं भी अपनी मर्जी से दाखिला ले सकें। इससे विद्यार्थियों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा। वहीं स्कूलों को भी दाखिले के लिए कई तरह की औपचारिकताओं में नहीं पड़ना पड़ेगा। विद्यार्थी के खाते में पैसे आने से वे मनचाहे स्कूल में दाखिला ले सकेंगे।
बोर्ड परीक्षा के लिए नहीं कराएंगे पंजीकरण
बैठक में स्कूलों ने यह भी निर्णय लिया कि प्राइवेट स्कूल किसी भी हालत में आठवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए पंजीकरण नहीं करवाएंगे। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री कंवरपाल इस मुद्दे पर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं कि मिडिल परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सीबीएसई व अन्य बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालय आठवीं की परीक्षा लिए जाने के अंतर्गत शामिल नहीं किए जाएंगे। इसके बावजूद अब विभाग की ओर से स्कूलों से परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

2765 विद्यार्थियों को आवंटित हुए हैं स्कूल
नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए पात्र 2765 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। इन विद्यार्थियों के अभिभावक दस्तावेज लेकर स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन स्कूल सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के शेड्यूल के अनुसार 24 दिसंबर दाखिला देने की अंतिम तिथि है। सभी छह खंडों के 361 स्कूलों ने 10259 सीटें निशुल्क शिक्षा के लिए आरक्षित हैं।
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