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Karnal: जिला बंदी व कैदियों ने तैयार की 23 सीजनल फूलों की पौध, जेल में हुनर को तराशने का किया जा रहा प्रयास

Sun, 27 Nov 2022 06:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह अनुज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
अनुज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 27 Nov 2022 06:14 PM IST
सार

जेल में बंदियों के हुनर को तराशने का प्रयास किया जा रहा है।  कोई भी व्यक्ति लिखित में जानकारी देकर जिला जेल से पौध प्राप्त कर सकता है।

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Prisoners prepared 23 plants of seasonal flowers in Karnal District Jail
जेल में पौध तैयार कर रहे कैदी व बंदी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के करनाल जिला जेल में अब जिला बंदी अपने जीने के नए तौर तरीके सीखने पर जोर दे रहे हैं। जिला बंदियों ने 23 सीजनल फूलों की पौध तैयार की है। जिसे कोई भी व्यक्ति निशुल्क जिला जेल से प्राप्त कर सकता है। यह सब कुछ गांव दडबी जिला सिरसा निवासी डॉ. राम लाल की सहायता से हो पाया है।  

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जिला करनाल जेल अधीक्षक अमित कुमार भादो व डीएसपी शैलाक्षी भारद्वाज ने बताया कि जिला जेल में बंदियों को बेहतर सुविधाओं के साथ उन्हें जीने के लिए नए तौर तरीके सीखाएं जा रहे हैं। जिससे वे जेल के बाहर जाकर अपना अन्य लोगों की तरह सामान्य जीवन जी सकें।

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इसको लेकर डॉ. राम लाल की सहायता से जिला बंदियों को सीजनल फूलों की पौध तैयार करना सिखाया जा रहा है। इनमें से कुछ बंदियों ने सीजनल फूलों की पौध तैयार करनी भी सीख ली है और वो अपने आप अब पौध तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर किसी को भी इस पौध की आवश्यकता है तो अपनी जरूरत अनुसार लिखित रूप से जानकारी देकर इसे प्राप्त कर सकते हैं।  

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जेल में बंदियों के हुनर को तराशने का किया जा रहा प्रयास  
जेल अधीक्षक अमित कुमार भादों ने बताया कि जेल में हर बंदी व कैदी को तराशे जाने का प्रयास किया जाता है, ताकि उसकी जिंदगी में सुधार लाया जा सके। जेल से छूटने के बाद वह अपना जीवन सम्मानपूर्वक जी सके। ऐसे में हर बंदी व कैदी को उनकी इच्छा अनुसार काम की जानकारी हासिल कर उन्हें उस हाथ के काम में बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।  

 

बंदी व कैदियों ने 23 से अधिक फूलों की तैयार की पौध  
जेल उपाधीक्षक शैलाक्षी भारद्वाज ने बताया कि बंदी व कैदियों ने अथक मेहनत कर 23 से भी अधिक प्रकार के सीजनल फूलों की पौध तैयार की है। इनमें आइस, पेंजी, फ्लोक्स, एवरलास्टिंग, एलाज्म, गजानियां, स्टाक, स्वीट विलियम, शोवाय, लीफ फ्लावर, व्हाइट स्टाक, कैलेंडुला, होली हाक, लारक्सपर, ढेलिया, पापी, शास्ता डेजी, कैलिफोर्निया पापी, कास्मास, स्वीट सुल्तान, कोरियोपसिस, पेटूनिया व एग्रोस्टिमा सहित अन्य प्रकार के फूलों की पौध शामिल हैं।  



हर कोने में हो फूलों की महक  
जेल उपाधीक्षक शैलाक्षी भारद्वाज ने बताया कि बंदी व कैदियों द्वारा बनाई गई ये पौध निशुल्क वितरित की जा रही है और कोई भी व्यक्ति, संस्था व निजी व सरकारी कार्यालय की ओर से भी संपर्क किया जा सकता है। इसका मकसद यही है कि हर कोने में फूलों की महक से हर जन चहक उठे।

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