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दो बच्चों के लिए प्रधानमंत्री ने भेजा स्नेह पत्र
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले दो बच्चों के नाम प्रधानमंत्री मोदी ने स्नेह पत्र और पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सेवाओं के लाभ पत्र भेजे गए हैं। जिन्हें सोमवार को लघु सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मेयर रेणू बाला गुप्ता और उपायुक्त अनीश यादव ने सौंपा।
बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत लाभ एवं सेवाएं देने की शुरुआत सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से की। जिला स्तर पर लघु सचिवालय में हुए कार्यक्रम में सभी ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी जुड़ीं।
इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 29 मई 2021 को की थी। इसका उद्देश्य कोरोना में माता-पिता को खोने वाले बच्चों की व्यापक देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और 23 वर्ष की आयु तक वित्तीय सहायता के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। मौके पर जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन उमेश चानना, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी राजबाला, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना कादियान, जिला आपदा प्रबंधन के आरओ शब्द दयाल मौजूद रहे।
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किताबों को मित्र बनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने देशभर में कोरोना के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के सपने पूरा करने में सरकार और पूरा देश उनके साथ है। बच्चे संकल्प लेकर जीवन में आगे बढ़ें और अपने सपनों को सच करें। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि अपने जीवन में किताबों को अपना मित्र बनाएं, अच्छी किताबें ही जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रधानमंत्री ने बच्चों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम व स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम से जुड़ने का भी आह्वान किया।
वित्तीय सहायता प्रदान कर रही योजना
योजना में चिह्नित बच्चों की आयु 18 वर्ष होने पर 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। जबकि डाकघर मासिक आय योजना में 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के नाम 10 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है। इसके अलावा बच्चों को 18 वर्ष के बाद से 23 वर्ष की आयु तक मासिक वजीफा प्राप्त होगा। बच्चों को 23 की आयु प्राप्त करने पर 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी। एसडीआरएफ द्वारा बच्चों को पहले ही प्रति मृतक माता-पिता की दर से 50 हजार रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया जा चुका है।
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करनाल। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले दो बच्चों के नाम प्रधानमंत्री मोदी ने स्नेह पत्र और पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सेवाओं के लाभ पत्र भेजे गए हैं। जिन्हें सोमवार को लघु सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मेयर रेणू बाला गुप्ता और उपायुक्त अनीश यादव ने सौंपा।
बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत लाभ एवं सेवाएं देने की शुरुआत सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से की। जिला स्तर पर लघु सचिवालय में हुए कार्यक्रम में सभी ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी जुड़ीं।
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इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 29 मई 2021 को की थी। इसका उद्देश्य कोरोना में माता-पिता को खोने वाले बच्चों की व्यापक देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और 23 वर्ष की आयु तक वित्तीय सहायता के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। मौके पर जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन उमेश चानना, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी राजबाला, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना कादियान, जिला आपदा प्रबंधन के आरओ शब्द दयाल मौजूद रहे।
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किताबों को मित्र बनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने देशभर में कोरोना के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के सपने पूरा करने में सरकार और पूरा देश उनके साथ है। बच्चे संकल्प लेकर जीवन में आगे बढ़ें और अपने सपनों को सच करें। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि अपने जीवन में किताबों को अपना मित्र बनाएं, अच्छी किताबें ही जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रधानमंत्री ने बच्चों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम व स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम से जुड़ने का भी आह्वान किया।
वित्तीय सहायता प्रदान कर रही योजना
योजना में चिह्नित बच्चों की आयु 18 वर्ष होने पर 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। जबकि डाकघर मासिक आय योजना में 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के नाम 10 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है। इसके अलावा बच्चों को 18 वर्ष के बाद से 23 वर्ष की आयु तक मासिक वजीफा प्राप्त होगा। बच्चों को 23 की आयु प्राप्त करने पर 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी। एसडीआरएफ द्वारा बच्चों को पहले ही प्रति मृतक माता-पिता की दर से 50 हजार रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया जा चुका है।