फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Positive talks with Anganwadi workers, deadlock remains on some issues

आंगनबाड़ी वर्कर्स के साथ हुई सकारात्मक वार्ता, कुछ मुद्दों पर गतिरोध बरकरार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 01:25 AM IST
विज्ञापन
Positive talks with Anganwadi workers, deadlock remains on some issues
आंगनबाड़ी वर्कर्स की तालमेल कमेटी की चंडीगढ़ सिविल सचिवालय में शनिवार को अधिकारियों के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। कमेटी के पदाधिकारियों का दावा है कि वार्ता सकारात्मक रही, कई मुद्दों पर सहमति भी बनती दिखी। कुछ मुद्दोें पर असहमति के कारण गतिरोध बरकरार है। ऐसे में आंदोलन अभी जारी रहेगा। अधिकारियों ने 16 मार्च को वार्ता के लिए दोबारा बुलाया है। यदि तब भी समाधान नहीं निकला तो 19 मार्च को कलायत में प्रदेश स्तरीय महापंचायत करेंगे। इसमें आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन

तालमेल कमेटी के सदस्यों का कहना है कि 96 दिन से वर्कर्स हड़ताल पर चल रही हैं। कई बार सरकार और अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है लेकिन समाधान नहीं निकला। वहीं करनाल में शनिवार को भी लघु सचिवालय के सामने धरना जारी रहा। जिला प्रधान रूपा राणा और सचिव बिजनेश राणा की अध्यक्षता में 11 वर्कर्स क्रमिक अनशन पर रही। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में बातचीत के लिए कमेटी की अध्यक्ष देवेंद्री शर्मा, शकुंतला, कृष्णा, पुष्पा दलाल, जय भगवान और राजेंद्र सिंह गए थे। अनशन पर बेलपति, मोनिका, सुमित्रा, सुदेश, भतेरी, नीलम, सीता, सुनीता, रेखा, संतोष और दर्शना बैठी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार वेतन बढ़ोतरी समेत अन्य सभी मांगे नहीं मानती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीटू नेता सतपाल सैनी, जगपाल राणा, ओपी माटा व सेवा राम ने कहा कि महिलाओं का जीवन आज सबसे बदतर स्थिति में है। बेरोजगारी और अल्प-रोजगार का उच्च स्तर महामारी से पहले के स्तर से भी बढ़ गया है और इसके परिणामस्वरूप नौकरी का भारी नुकसान और वेतन में कटौती, आय की हानि और गरीबी में वृद्धि हुई है। इस मौके पर ओपी माटा, कृष्ण निर्माण, रमेश शर्मा, रीना, कृष्ण शर्मा, जोगा सिंह, जगपाल राणा, मीनाक्षी, सुषमा शर्मा, सर्वेश राणा, सुमन लता, पूनम गगसीना, रीतू, सरोज, ममता, सुषमा कांबोज, उषा राणा और सुनीता मौजूद रहे। ब्यूरो
विज्ञापन

सरकार हमारी मांगें नहीं मानना चाहती, तभी हर बार की वार्ता विफल रहती है। सरकार को समाधान निकालना चाहिए। - निशा रानी
हमारा आंदोलन कमजोर नहीं तेज हो रहा है। सरकार को अपना रवैया बदलना ही पड़ेगा। महिलाएं पीछे हटने वाली नहीं हैं। - रेखा
आंदोलन केवल हमारे हक की लड़ाई है। सरकार से कुछ नया नहीं पुरानी घोषणाओं को लागू करने की ही मांग कर रहे हैं। - संतोष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed