{"_id":"611d762b8ebc3e7a2519a288","slug":"pos-machine-wheat-is-spoiled-somewhere-consumers-returned-empty-handed-karnal-news-knl80339065","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्नपूर्णा महोत्सव, पॉश मशीन खराब होने से नहीं हुआ राशन वितरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्नपूर्णा महोत्सव, पॉश मशीन खराब होने से नहीं हुआ राशन वितरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत जिले के 646 राशन डिपो पर अन्नपूर्णा महोत्सव शुरू हुआ। डिपो को सजाया गया। जलपान की व्यवस्था की गई। समारोह हुए लेकिन सालों पुरानी पीओएस मशीनें दगा दे गईं। जिससे कई घंटे तक राशन वितरण नहीं हो सका। कुछ डिपो बंद भी रहे। कई पर खराब गेहूं पहुंचा। हालांकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी डिपो पर गेहूं वितरण का दावा किया है।
नगर निगम के वार्ड एक व दो के अंतर्गत चार राशन डिपो में से तीन की पीओएस मशीनें खराब होने के कारण गेहूं वितरण नहीं हुआ। राशन कार्ड धारक सुबह से शाम तक डिपो के चक्कर काटते रहे लेकिन खाली हाथ लौटे। नियमों में बंधे डिपो धारकों की विवशता रही कि वे बिना मशीन के गेहूं नहीं बांट सके। हांसी रोड गली एक के डिपो पर खराब गेहूं पहुंचा। फिर भी डिपो संचालक ने बांटा। बाद में शिकायत होने पर पहुंचे अधिकारियों ने गेहूं बदलवाने की बात कही।
इधर, डीएफएससी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आठ राशन डिपो पर पीओएस मशीनें खराब थी। यहां पर ऐसे डिपो जहां दो मशीनें थी या उनके पास उपभोक्ता कम थे, उनसे लेकर राशन वितरण कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम के वार्ड एक व दो के अंतर्गत चार राशन डिपो में से तीन की पीओएस मशीनें खराब होने के कारण गेहूं वितरण नहीं हुआ। राशन कार्ड धारक सुबह से शाम तक डिपो के चक्कर काटते रहे लेकिन खाली हाथ लौटे। नियमों में बंधे डिपो धारकों की विवशता रही कि वे बिना मशीन के गेहूं नहीं बांट सके। हांसी रोड गली एक के डिपो पर खराब गेहूं पहुंचा। फिर भी डिपो संचालक ने बांटा। बाद में शिकायत होने पर पहुंचे अधिकारियों ने गेहूं बदलवाने की बात कही।
विज्ञापन
इधर, डीएफएससी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आठ राशन डिपो पर पीओएस मशीनें खराब थी। यहां पर ऐसे डिपो जहां दो मशीनें थी या उनके पास उपभोक्ता कम थे, उनसे लेकर राशन वितरण कराया गया है।
विज्ञापन