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खिलाड़ियों ने बढ़ाया कर्णनगरी का मान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 02:24 AM IST
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Players raised the value of Karnanagari
भीम अवॉर्ड पाकर बढ़ाया कर्णनगरी का मान
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जिले के चार खिलाड़ियों को मिला पुरस्कार, परिजनों में खुशी की लहर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भीम अवॉर्ड पाकर चार खिलाड़ियों ने कर्णनगरी का नाम रोशन किया है। यह पुरस्कार पाकर जहां खिलाड़ियों के परिजन जश्न मना रिहे हैं वहीं खिलाड़ियों के प्रशंसकों द्वारा उन्हें बधाइयां दी जा रही हैं। इन खिलाड़ियों में से किसी ने छोटी उम्र में ही विश्व रिकॉर्ड बनाया है तो किसी ने इंडोनेशिया में आयोजित हुए पैरा एशियन गेम्स में अपना डंका बजाया था। इन खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के हाथों भीम अवॉर्ड से नवाजा गया। यह पुरस्कार प्राप्त करने वालों में अंतरराष्ट्रीय शूटर अनीश भनवाला, घुड़सवारी खिलाड़ी प्रदीप, कुश्ती खिलाड़ी अनीता श्योराण, पैरा-एथलीट रीना रानी हैं।
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घुड़सवारी में दिखा रहे जलवा
मधुबन पुलिस अकादमी में सब-इंस्पेक्टर प्रदीप को उनकी उपलब्धियों के आधार पर पुरस्कार मिला है। प्रदीप ने मिस्त्र में वर्ष-2018 में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में घुड़सवारी में गोल्ड मेडल हासिल किया था। जींद के गांव गांगोली वासी प्रदीप वर्ष 2008 में पुलिस में भर्ती हुए थे, तभी से वह घुड़सवारी में हिस्से लेते हैं। प्रदीप ने इस पुरस्कार को अपनी माता कमलेश देवी और पिता ताराचंद को समर्पित किया। प्रदीप का परिवार इस उपलब्धि से काफी खुश है।
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पैरा एशियन गेम्स में जमाई धाक
भीम अवॉर्ड प्राप्त करने वाली पैरा एथलीट रीना रानी को 2018-19 में इंडोनेशिया में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में पांचवें स्थान पर रहने पर भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ज्योति नगर निवासी रीना रानी ने वर्ष 2014 से अपने खेल सफर की शुरूआत की जो अभी तक निरंतर जारी हैं। कभी कर्ण स्टेडियम में अभ्यास किया। खेल सुविधाओं के अभाव के बाद भी रीना ने हिम्मत नहीं हारी और प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रहीं। वहीं वर्ष-2014 से अब तक कई नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर पदक जीत चुकी हैं।
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नेशनल में 11 बार जीत चुकीं स्वर्ण
कुश्ती खिलाड़ी अनीता श्योराण को उनके शानदार खेल प्रदर्शन के लिए भीम अवॉर्ड दिया गया। अनीता को यह पुरस्कार
11 बार लगातार नेशनल में स्वर्ण पदक विजेता रहने और वर्ष-2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण, शियन में हुई प्रतियोगिता में वर्ष-2008 में और वर्ष 2016 में कांस्य मेडल, कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में कांस्य, 2009, 2011 और 2013 में रजत पदक जीतने पर दिया गया। अनीता मधुबन पुलिस अकादमी में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। भिवानी के नीमाहू गांव निवासी पिता दलीप श्योराण और माता संतोष देवी के घर जन्मी अनीता श्योराण की इस कामयाबी पर परिवार में खुशी का माहौल हैं।

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सबसे कम उम्र में बने थे विश्व रिकॉर्ड धारक
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले कर्णनगरी के शूटर अनीश भनवाला को वर्ष-2018 के कॉमनवेल्थ खेलों में शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतने पर भीम अवॉर्ड प्रदान किया गया। छोटी उम्र में ही अनीश ने पदक जीतने की शुरूआत कर दी थी। अनीश अब तक दो बार राष्ट्रपति और एक बार प्रधानमंत्री से भी पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। सोनीपत में जन्मे अनीश अब अपने परिवार के साथ करनाल के कर्ण विहार में रहते हैं। देश के सबसे कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड धारक बनने वाले अनीश पहले शूटर हैं। अनीश ने यह उपलब्धि 16 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में 30 अंक के साथ प्राप्त की थी।
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