{"_id":"67915ca90b3b472e490bfd77","slug":"players-elated-over-victory-in-divyang-champions-trophy-karnal-news-c-18-knl1008-565808-2025-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: दिव्यांग चैंपियंस ट्रॉफी में जीत पर खिलाड़ी गदगद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: दिव्यांग चैंपियंस ट्रॉफी में जीत पर खिलाड़ी गदगद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्रीलंका में दिव्यांग चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मैच सोमवार को कोलंबो में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया। इसमें भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का खिताब अपने नाम किया है। इस मैच में करनाल जिले के निसिंग निवासी खिलाड़ी पवन कुमार पर लोगों की निगाहें टिकी रहीं क्योंकि वह कड़ी मेहनत के दम पर इस टीम में शामिल हुआ था। क्रिकेट कोच सतीश राणा ने दिव्यांग चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से योगेंद्र सिंह भदौरिया ने 40 गेंदों पर 73 रन बनाए वह सराहनीय है। दिव्यांगों को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
निरंतर करना होगा अभ्यास
खिलाड़ी जयगीर ने बताया कि भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनका कहना है कि करनाल के निसिंग गांव के खिलाड़ी पवन कुमार ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने खेल को लेकर निरंतर अभ्यास किया, जिस वजह से वो आज इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं।
गेंदबाजों का बढ़ेगा उत्साह
क्रिकेट खिलाड़ी ओम मलिक ने बताया कि गेंदबाजी में प्रसाद ने 3.2 ओवर में 19 रन देकर चार विकेट लिए। यह अपने आप में एक उपलब्धि है। उनका कहना है कि जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की उसे देखकर जो खिलाड़ी गेंदबाजी करते हैं, उनको काफी प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
खेल को चुन कर बनाई पहचान
क्रिकेट कोच मोंटी ने बताया कि पूरी भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। सभी खिलाड़ियों ने इस दिन के लिए जो मेहनत की थी वो रंग लाई। उनका कहना है कि उन्होंने खेल को चुन कर समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
हर खिलाड़ी का रहा महत्वपूर्ण योगदान
क्रिकेट कोच सतीश राणा ने बताया कि प्लेऑफ से लेकर फाइनल तक भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि प्रत्येक खिलाड़ी ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। टीम के कप्तान ने अपने बयान में बहुत अच्छी बात कही कि यह ट्रॉफी सिर्फ हमारी नहीं है बल्कि हर उस दिव्यांग व्यक्ति की है जिसने कभी भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखा है।
विज्ञापन
करनाल। श्रीलंका में दिव्यांग चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मैच सोमवार को कोलंबो में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया। इसमें भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का खिताब अपने नाम किया है। इस मैच में करनाल जिले के निसिंग निवासी खिलाड़ी पवन कुमार पर लोगों की निगाहें टिकी रहीं क्योंकि वह कड़ी मेहनत के दम पर इस टीम में शामिल हुआ था। क्रिकेट कोच सतीश राणा ने दिव्यांग चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से योगेंद्र सिंह भदौरिया ने 40 गेंदों पर 73 रन बनाए वह सराहनीय है। दिव्यांगों को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
निरंतर करना होगा अभ्यास
खिलाड़ी जयगीर ने बताया कि भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनका कहना है कि करनाल के निसिंग गांव के खिलाड़ी पवन कुमार ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने खेल को लेकर निरंतर अभ्यास किया, जिस वजह से वो आज इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं।
विज्ञापन
गेंदबाजों का बढ़ेगा उत्साह
क्रिकेट खिलाड़ी ओम मलिक ने बताया कि गेंदबाजी में प्रसाद ने 3.2 ओवर में 19 रन देकर चार विकेट लिए। यह अपने आप में एक उपलब्धि है। उनका कहना है कि जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की उसे देखकर जो खिलाड़ी गेंदबाजी करते हैं, उनको काफी प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
खेल को चुन कर बनाई पहचान
क्रिकेट कोच मोंटी ने बताया कि पूरी भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। सभी खिलाड़ियों ने इस दिन के लिए जो मेहनत की थी वो रंग लाई। उनका कहना है कि उन्होंने खेल को चुन कर समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
हर खिलाड़ी का रहा महत्वपूर्ण योगदान
क्रिकेट कोच सतीश राणा ने बताया कि प्लेऑफ से लेकर फाइनल तक भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि प्रत्येक खिलाड़ी ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। टीम के कप्तान ने अपने बयान में बहुत अच्छी बात कही कि यह ट्रॉफी सिर्फ हमारी नहीं है बल्कि हर उस दिव्यांग व्यक्ति की है जिसने कभी भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखा है।