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पुलिस कार्रवाई से नाराज, स्टेट हाईवे पर बैठे
करनाल
Updated Fri, 07 Mar 2014 12:18 AM IST
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गांव जोहड़माजरा की छात्रा की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने वीरवार को करनाल-यमुनानगर स्टेट हाईवे पर जाम लगाया दिया।
इस मौके पर क्षेत्र के काफी संख्या में महिलाओं सहित लोग दो घंटे तक हाईवे पर बैठे रहे। जिससे यातायात बाधित हो गया। डीएसपी इंद्री, महिला सेल की इंचार्ज एवं डीएसपी करनाल तथा थाना इंद्री प्रभारी के आश्वासन के बाद लोग हाईवे से हटे और जाम खोला गया।
गौरतलब है कि गांव जोहड़माजरा की 12वीं कक्षा की छात्रा की हत्या के दो सप्ताह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की ढीली कार्रवाई से खफा लोग स्टेट हाइवे के पश्चिमी यमुना पुल पर सड़क पर लेट गए। इस दौरान पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को निकाला।
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करीब दो घंटे बाद डीएसपी बलजिन्द्र सिंह, डीएसपी भारती मोर, थाना प्रभारी सुनील कुमार ने मामले में जल्द कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। जिला परिषद सदस्य इंद्रजीत गोल्डी, राजीव रंगीला, चरणजीत ढूंगरा, गुरतार सिंह और वेद कंबोज ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इन लोगों का कहना कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है।
ये था मामला
बीस फरवरी को गांव जोहड़माजरा की 12वीं कक्षा की छात्रा का स्कूल पहुंचने से पूर्व ही अपहरण करके हत्या कर दी थी और शव अगले दिन गन्ने के खेत से मिला था। इस मेामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी अभिषेक गर्ग ने इंद्री थाना में तैनात एक एएसआई को सस्पेंड किया था।
पुलिस ने हत्यारों को ढूंढने के लिए नौ अलग-अलग टीमें गठित की थीं। शक के आधार पर क्षेत्र के आधा दर्जन युवकों को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नही लगा। इसके बाद डीएसपी इंद्री बलजिंद्र सिंह के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया। लेकिन घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक पहुंच नहीं पाई है।
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इस मौके पर क्षेत्र के काफी संख्या में महिलाओं सहित लोग दो घंटे तक हाईवे पर बैठे रहे। जिससे यातायात बाधित हो गया। डीएसपी इंद्री, महिला सेल की इंचार्ज एवं डीएसपी करनाल तथा थाना इंद्री प्रभारी के आश्वासन के बाद लोग हाईवे से हटे और जाम खोला गया।
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गौरतलब है कि गांव जोहड़माजरा की 12वीं कक्षा की छात्रा की हत्या के दो सप्ताह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की ढीली कार्रवाई से खफा लोग स्टेट हाइवे के पश्चिमी यमुना पुल पर सड़क पर लेट गए। इस दौरान पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को निकाला।
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करीब दो घंटे बाद डीएसपी बलजिन्द्र सिंह, डीएसपी भारती मोर, थाना प्रभारी सुनील कुमार ने मामले में जल्द कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। जिला परिषद सदस्य इंद्रजीत गोल्डी, राजीव रंगीला, चरणजीत ढूंगरा, गुरतार सिंह और वेद कंबोज ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इन लोगों का कहना कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है।
ये था मामला
बीस फरवरी को गांव जोहड़माजरा की 12वीं कक्षा की छात्रा का स्कूल पहुंचने से पूर्व ही अपहरण करके हत्या कर दी थी और शव अगले दिन गन्ने के खेत से मिला था। इस मेामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी अभिषेक गर्ग ने इंद्री थाना में तैनात एक एएसआई को सस्पेंड किया था।
पुलिस ने हत्यारों को ढूंढने के लिए नौ अलग-अलग टीमें गठित की थीं। शक के आधार पर क्षेत्र के आधा दर्जन युवकों को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नही लगा। इसके बाद डीएसपी इंद्री बलजिंद्र सिंह के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया। लेकिन घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक पहुंच नहीं पाई है।