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मंडियों में खुले में पड़ी धान की फसल भीगी
करनाल
Updated Sat, 21 Sep 2013 12:22 AM IST
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कुरुक्षेत्र जिले में शुक्रवार दोपहर को हुई बरसात से मंडियों में खुले में रखी गई धान की आवक भीग गई। थानेसर नई अनाज मंडी, झांसा अनाज मंडी में बरसात से किसानों को काफी नुकसान हुआ।
वहीं, बरसात तथा तेज हवा के कारण कईं एकड़ में खड़ी धान की फसल बिछ गई है। किसान रघुनाथ ने बताया कि उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ तो उनकी कईं एकड़ में खड़ी फसल बिछ गई और कुछ फसल को वह मंडी में लेकर आ गए थे।
वह भी मंडी प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम न होने के कारण भीग गई। किसान विक्रम सिंह ने बताया कि उनका धान पिछले दो दिनों से नई अनाजमंडी में बिकने के लिए आया है। परंतु शुक्रवार को बरसात में अनाज गीला हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने समय रहते पुख्ता इंतजाम किया होता तो बरसात से धान नहीं भीगता और उन्हें नुकसान नही उठाना पड़ता।
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थानेसर मंडी एसोसिएशन के प्रधान जगतार सिंह काजल ने कहा कि बरसात के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ। मंडी में करीब 20 हजार क्विंटल धान आ चुकी है।
जिसमें से काफी धान बरसात भीग गया है। वहीं, मंडी मार्केट कमेटी सचिव सुरेश नैन ने बताया कि विभाग की ओर से धान को तिरपाल के नीचे ढक दिया गया था। बरसात से ज्यादा कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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वहीं, बरसात तथा तेज हवा के कारण कईं एकड़ में खड़ी धान की फसल बिछ गई है। किसान रघुनाथ ने बताया कि उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ तो उनकी कईं एकड़ में खड़ी फसल बिछ गई और कुछ फसल को वह मंडी में लेकर आ गए थे।
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वह भी मंडी प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम न होने के कारण भीग गई। किसान विक्रम सिंह ने बताया कि उनका धान पिछले दो दिनों से नई अनाजमंडी में बिकने के लिए आया है। परंतु शुक्रवार को बरसात में अनाज गीला हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने समय रहते पुख्ता इंतजाम किया होता तो बरसात से धान नहीं भीगता और उन्हें नुकसान नही उठाना पड़ता।
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थानेसर मंडी एसोसिएशन के प्रधान जगतार सिंह काजल ने कहा कि बरसात के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ। मंडी में करीब 20 हजार क्विंटल धान आ चुकी है।
जिसमें से काफी धान बरसात भीग गया है। वहीं, मंडी मार्केट कमेटी सचिव सुरेश नैन ने बताया कि विभाग की ओर से धान को तिरपाल के नीचे ढक दिया गया था। बरसात से ज्यादा कोई नुकसान नहीं हुआ है।