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Karnal News: दबिश और चेतावनी पर भी नहीं सुधरे पटवारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2025 02:15 AM IST
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Patwari did not improve even after raid and warningPatwari did not improve even after raid and warning
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। भ्रष्टाचार के आरोप में कई पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार हो चुके हैं तो कई बार सरकारी जांच एजेसिंयों ने पटवार खानों पर दबिश देकर रिकॉर्ड तक जब्त किया। इसके बावजूद पटवारखानों के हालात नहीं बदले और भ्रष्टाचार का सिलसिला जारी रहा।
करीब 20 माह पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने भी निरीक्षण किया। राजस्व विभाग ने भी करीब 20 दिन पहले चिट्ठी निकाल पटवारियों को आगाह करने का प्रयास किया कि अब उनके कार्यालय में दलाली का खेल नहीं चलेगा। फिर भी भ्रष्टाचार का खेल जारी रहा और कुछ पटवारी नहीं सुधरे।
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अब राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की एक वायरल चिट्ठी में प्रदेश भर की 22 जिलों की तहसीलों के 370 भ्रष्ट पटवारियों का खुलासा हुआ। साथ ही इन पर आगामी 15 दिनों में कार्रवाई की उपायुक्तों से अनुशंसा भी की गई। दूसरी खास बात ये है कि राजस्व विभाग की ये गोपनीय चिट्ठी प्रशासन के पास पहुंचने से पहले वायरल हो गई। अब तक प्रशासनिक अधिकारियों के पास अधिकारिक रूप से नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि चिट्ठी मिलने के बाद सरकार के आदेशानुसार ही कार्रवाई होगी।
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जिले में आठ तहसीलों में करनाल, असंध, बल्ला, घरौंडा, इंद्री, निगदू और नीलोखेड़ी में कुल 57 पटवारी और 17 कानूनगो हैं। जबकि अकेले करनाल तहसील की बात करें तो यहां 15 पटवारी और छह कानूनगो हैं। इन 57 पटवारियों में से सात के नाम भ्रष्टाचार वाली सूची में मिले हैं। इन पर लोगों की जमीनों की तकसीम, पैमाइश करवाने, इंतकाल दर्ज करवाने, रिकॉर्ड दुरुस्त करने और नक्शा बनवाने जैसे कामों के पैसे लेने के आरोप लगे हैं। यहां तक की रिकॉर्ड देखने तक के नाम पर रिश्वत देने की बातें सामने आई हैं।

करीब डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने करनाल के पटवारखाने पर रेड की थी। इस दौरान पटवार खाने का 88 प्रतिशत स्टाफ नदारद मिला थ। करीब पांच घंटे तक चली इस रेड में टीम ने 13 पटवारी और चार कानूनगो के दफ्तर खंगाल कर रिकॉर्ड कब्जे में लिया था। दिसंबर 2024 में भी गुप्तचर विभाग ने सरकार को संबंधित पटवारखानों की रिपोर्ट सरकार को भेजी। बार-बार सख्ती के बाद भी जब पटवारी नहीं सुधरे तो सरकार की ओर से इनके नाम, जाति, सहयोग और रिश्वत लेने की राशि और काम सहित इन पर कार्रवाई की अनुशंसा की है।
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