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पैरालंपिक खिलाड़ियों ने भी किया कमाल, 8 पदक जीत जमाई धाक
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करनाल। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक के बाद जापान में ही चल रहे पैरालंपिक में भी दो स्वर्ण, चार रजत, दो कांस्य सहित आठ पदक भारत की झोली में आ गए हैं। जिसमें हरियाणा के 19 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। जैवलिंन थ्रो में जहां सोनीपत के सुमित अंतिल व शूटिंग में अवनि लेखड़ा ने स्वर्ण पदक जीता है वहीं डिस्कस थ्रो में आर कथुनिया ने एफ 56 श्रेणी में रजत, योगेश ने अपने 44.38 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के बाद रजत, जैवलिन थ्रो में भारत के हिस्से में दो पदक आए। देवेंद्र झाझरिया ने एफ 46 श्रेणी में रजत और सुंदर सिंह ने कांस्य सहित सोमवार तक आठ पदक झटक लिए।
करनाल निवासी अंतरराष्ट्रीय शूटर अनीश का कहना है पैरा खिलाड़ियों द्वारा पैरालंपिक में जो कमाल किया गया है वह हर उस युवा के लिए एक सबक है जो कहता है कि हमसे यह न हो पाएगा। जब पैरा खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते। वहीं अनीश कहते हैं। अब तो हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों को दिया जाने वाला पुरस्कार व सुविधाएं भी समान कर दी हैं।
कर्ण स्टेडियम में व्हील चेयर फेंसिंग के कोच सत्यवीर सिंह ने कहा कि पैरालंपिक में जो पैरा खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया है वह खेलो में भारत के आने वाले समय की दस्तक है। पहले टोक्यो ओलंपिक में सात पदक और अब पैरालंपिक में अभी तक आठ पदक कहीं न कहीं खिलाड़ियों का जज्बा दिखाता है। निश्चित ही आने वाले समय में हम और बेहतर करेंगे।
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नेशनल स्तर के पैरा शूटर गुरदीप सिंह ने कहा कि पैरा खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन कर दिया है मगर अभी देश में पैरा खिलाड़ियों की सुविधा को लेकर ज्यादा काम नहीं हुआ हैं। अभी हरियाणा सरकार से कुछ कदम उठाए हैं जो नाकाफी हैं। पैरा खिलाड़ियों को खेल व्यवस्था पर बहुत कुछ करने की जरूरत हैं। ये तो अभी शुरूआत है। पैरा खिलाड़ी इससे भी बेहतर करेंगे।
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करनाल निवासी अंतरराष्ट्रीय शूटर अनीश का कहना है पैरा खिलाड़ियों द्वारा पैरालंपिक में जो कमाल किया गया है वह हर उस युवा के लिए एक सबक है जो कहता है कि हमसे यह न हो पाएगा। जब पैरा खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते। वहीं अनीश कहते हैं। अब तो हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों को दिया जाने वाला पुरस्कार व सुविधाएं भी समान कर दी हैं।
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कर्ण स्टेडियम में व्हील चेयर फेंसिंग के कोच सत्यवीर सिंह ने कहा कि पैरालंपिक में जो पैरा खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया है वह खेलो में भारत के आने वाले समय की दस्तक है। पहले टोक्यो ओलंपिक में सात पदक और अब पैरालंपिक में अभी तक आठ पदक कहीं न कहीं खिलाड़ियों का जज्बा दिखाता है। निश्चित ही आने वाले समय में हम और बेहतर करेंगे।
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नेशनल स्तर के पैरा शूटर गुरदीप सिंह ने कहा कि पैरा खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन कर दिया है मगर अभी देश में पैरा खिलाड़ियों की सुविधा को लेकर ज्यादा काम नहीं हुआ हैं। अभी हरियाणा सरकार से कुछ कदम उठाए हैं जो नाकाफी हैं। पैरा खिलाड़ियों को खेल व्यवस्था पर बहुत कुछ करने की जरूरत हैं। ये तो अभी शुरूआत है। पैरा खिलाड़ी इससे भी बेहतर करेंगे।