फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Paddy soaked in rain, 50% off

बारिश से भीगा धान, 50 फीसदी हुआ उठान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Oct 2022 02:15 AM IST
विज्ञापन
Paddy soaked in rain, 50% off
Paddy soaked in rain, 50% off
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। जिलेभर की मंडियों में रविवार को धान की खरीद बंद रही, लेकिन लिफ्टिंग तेजी से कराई गई। हालांकि कहीं-कहीं बारिश से लिफ्टिंग में दिक्कत आई वहीं खुले में पड़ा हजारों क्विंटल धान भीग गया। मंडियों से अब तक कुल 517803 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। जिसमें से 366277 एमटी धान की लिफ्टिंग कर ली गई है। अभी 152526 मीट्रिक टन धान अनाज मंडियों में पड़ा है। कुल मिलाकर मंडियों से 50 प्रतिशत से अधिक धान को उठा लिया गया है। जिससे कई मंडियों में जगह खाली हो गई है। सैकड़ों किसान रविवार को भी धान लेकर मंडियों में पहुंचे, लेकिन व्यवस्था बनाने के लिए सिर्फ 297 मीट्रिक धान की ही आज खरीद की जा सकी।
बंपर आवक से बिगड़ी थी व्यवस्था
जिले की सभी अनाज मंडियों में धान की बंपर आवक से स्थिति बिगड़ गई थी। इस कारण कई मंडियों में खरीद को बंद करना पड़ा था। पिछले दो-तीन दिनों से मौसम के तेवर तल्ख थे। इस कारण किसानों ने भी धान की कटाई में हाथ रोक दिया। रविवार को खरीद एजेंसियों ने भी रविवार को खरीद नहीं की। जिला प्रशासन ने लिफ्टिंग को तेज कराया। परिणाम ये रहा कि करनाल सहित जिले की सभी मंडियों में जाम की स्थिति को खत्म कर दिया गया। किसानों के धान लेकर अधिक संख्या में न आने के कारण कहीं लाइनें देखने को नहीं मिली, लेकिन अभी भी कई मंडियों में ऐसे किसान हैं, जिनका धान भीग चुका है, उन्हें र्कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। आलम ये है कि ढेरियों में धान जमने से और खराब होने लगा है। मंडी में भाव नीचे गिर गया है। कई राइस मिलर्स किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर एमएसपी से भी नीचे धान खरीद रहे हैं।
विज्ञापन

अब तक हुई खरीद
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि जिले की मंडियों में करीब 5 लाख 17 हजार 506 मीट्रिक टन धान की खरीद सरकारी एजेंसी द्वारा की गई। अब तक करीब 5 लाख 17 हजार 803 मीट्रिक टन धान मंडियों में आई, जिससे सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया। इसमें से 230014 मीट्रिक टन धान खाद्य आपूर्ति विभाग, 111737 मीट्रिक टन हैफेड, 105952 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाउसिंग तथा 35 मीट्रिक टन मिलर/डीलर द्वारा खरीदा गया। असंध में 74332 मीट्रिक टन, बल्ला में 1562 मीट्रिक टन, ब्याना में 4382 मीट्रिक टन, घरौंडा में 73159 मीट्रिक टन, घीड़ में 5929 मीट्रिक टन, इंद्री में 46646 मीट्रिक टन, जुंडला में 49244 मीट्रिक टन, करनाल में 67222 मीट्रिक टन, कुंजपुरा में 24106 मीट्रिक टन, निगदु में 27912 मीट्रिक टन, नीलोखेड़ी में 7719 मीट्रिक टन, निसिंग में 72601 मीट्रिक टन तथा तरावड़ी में 63009 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों की बढ़ी धड़कनें
तरावड़ी। अनाज मंडी में धान की आवक जोर पकड़ रही है, लेकिन रविवार को हुई बूंदाबांदी ने किसानों के पसीने छुड़ा दिए। मंडी में किसान अपने धान को ढकने में लगे रहे। आढ़ती भी धान की बोरियां तिरपाल डाल कर उसे भीगने से बचाने की कोशिश करते रहे। हालांकि किसानों ने पहले ही बारिश के मौसम को देखते हुए मंडी में पड़ी बारियों को त्रिपाल से ढक दिया था, फिर भी कुछ हद तक धान गीली हो गई। मंडी में हजारों टन धान खुले में पड़ी है। लोडिंग की समस्या के चलते मंडी में उठान नहीं हो पा रहा। जिसकी वजह से हजारों बोरियां खुले में पड़ी हैं। रविवार को बूंदाबांदी से धान की कटाई का काम भी रुक गया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed