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Karnal News: 1.70 लाख हेक्टेयर में होगी धान की फसल
Sat, 05 Apr 2025 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 05 Apr 2025 01:36 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कृषि विभाग की ओर से अब किसानों को खरीफ सीजन में धान की किस्म पूसा 44 को नही लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, क्योंकि किस्म अधिक समय में लेती है। इस बार जिले में एक लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन के दौरान विभाग ने 1,70,000 हैक्टेयर जमीन पर धान की रोपाई करने का लक्ष्य है लेकिन विभाग ने धान का रकबा घटाने के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत् मिलने वाली अनुदान राशि में भी इस बार बढ़ोतरी की है।
किसानों को धान के स्थान पर अन्य फसल उगाने पर 8 हजार रुपये प्रति एकड] अनुदान राशि मिलेगी। किसानों से अपील की जा रही है कि वह कम समय में तैयार होने वाली किस्मों का चयन करें। धान की किस्म पूसा 44 की रोपाई न करें। इसकी बजाय सीओ 51 जैसी किस्म लगाएं। जो जल्द पककर तैयार होती है। यह किस्म 108 दिनों में पक जाती है
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इसके अलावा डीआरआर धान 52 व 56 किस्म महज 115 दिन, एनकेआर 48 किस्म 116 दिन में पक जाती है। वही पीआर 126 किस्म को पकडने में 123 दिन का समय लगता है। बासमती किस्मों में पूसा बासमती 1509, 1847 को पकने में 120 दिन लगते है। पूसा बासमती 1692 किस्म 115 दिन में तैयार हो जाती है। इन किस्मों में सिंचाई का खर्च भी कम होता है।
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करनाल। कृषि विभाग की ओर से अब किसानों को खरीफ सीजन में धान की किस्म पूसा 44 को नही लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, क्योंकि किस्म अधिक समय में लेती है। इस बार जिले में एक लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन के दौरान विभाग ने 1,70,000 हैक्टेयर जमीन पर धान की रोपाई करने का लक्ष्य है लेकिन विभाग ने धान का रकबा घटाने के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत् मिलने वाली अनुदान राशि में भी इस बार बढ़ोतरी की है।
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किसानों को धान के स्थान पर अन्य फसल उगाने पर 8 हजार रुपये प्रति एकड] अनुदान राशि मिलेगी। किसानों से अपील की जा रही है कि वह कम समय में तैयार होने वाली किस्मों का चयन करें। धान की किस्म पूसा 44 की रोपाई न करें। इसकी बजाय सीओ 51 जैसी किस्म लगाएं। जो जल्द पककर तैयार होती है। यह किस्म 108 दिनों में पक जाती है
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इसके अलावा डीआरआर धान 52 व 56 किस्म महज 115 दिन, एनकेआर 48 किस्म 116 दिन में पक जाती है। वही पीआर 126 किस्म को पकडने में 123 दिन का समय लगता है। बासमती किस्मों में पूसा बासमती 1509, 1847 को पकने में 120 दिन लगते है। पूसा बासमती 1692 किस्म 115 दिन में तैयार हो जाती है। इन किस्मों में सिंचाई का खर्च भी कम होता है।