{"_id":"688e616b438638e3c2091746","slug":"opposition-ignored-it-hence-the-interest-in-farming-decreased-agriculture-minister-karnal-news-c-18-knl1008-706068-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"विपक्ष ने अनदेखी की, इसलिए कम हुआ खेती के प्रति रुझान : कृषि मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विपक्ष ने अनदेखी की, इसलिए कम हुआ खेती के प्रति रुझान : कृषि मंत्री
विज्ञापन
एनडीआरआई में किसानों के साथ किसान सम्मान निधि समारोह का सीधा प्रसारण देखते कृषि मंत्री श्याम सि
करनाल। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने देश के लोगों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे हमारे देश का पैसा हमारे देश में ही रहेगा। हमारा देश दुनिया में अपनी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर पाएगा। तीसरी आर्थिक शक्ति बनकर दुनिया के सामने खड़ा होगा। उन्होंने विपक्ष पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इस कारण से ही किसानों का रुझान खेती के प्रति कम हो गया है।
कृषि मंत्री शनिवार को एनडीआरआई (राष्ट्रीय डेयर अनुसंधान संस्थान) में आयोजित किसान सम्मान निधि समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सरकार के कार्यकाल के दौरान फसलों के एमएसपी के नाम पर नाममात्र की बढ़ोतरी की जाती थी। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है तब से न केवल फसलों के एमएसपी में अभूतपूर्व वृद्धि की जा रही है बल्कि प्रदेश में भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों के नुकसान की भरपाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में फसलों के वाजिब दाम किसानों को दिए गए। खाद, बीज व कीटनाशक दवाएं और कृषि उपकरण भी सस्ती दर, अनुदान राशि पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोटावेटर के लिए ट्रैक्टर की जरूरत पड़ती है, किसानों की इस जरूरत को समझते हुए इस योजना में राज्य सरकार ने संशोधन के प्रस्ताव को तैयार करके स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा है। हरियाणा राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 33.17 लाख किसानों को 9025.58 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम वितरित किया जा चुका है।
विज्ञापन
उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे ऐसे बीजों को सर्टिफाइड करें जिनसे उत्पादन भी अधिक हो और गुणवत्ता भी अच्छी हो। धान को मिलिंग के लिए मिलर को दिया जाता है और उनसे बदले में अच्छी क्वालिटी का चावल केंद्र सरकार को भेजा जाता है, लेकिन बीज की गुणवत्ता सही नहीं होने से चावल के टुकड़े की मात्रा अधिक हो जाती है जिससे मिलर को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को बढ़ाने का भी आह्वान किया।
कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा एकमात्र राज्य है जो प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को दो एकड़ या उससे अधिक भूमि पर एक देसी गाय की खरीद पर 25,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान करता है। वर्ष 2025 से यह सब्सिडी बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है। उन्होंने कई अन्य किसान हित की योजनाओं के भी आंकड़े बताए।
अमेरिका के टेरिफ बढ़ाने से संबंधों पर असर के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि अमेरिका व्यापारी देश है। हमें अपनी अर्थव्यवस्था का ध्यान रखना है। हमारे पास 140 करोड़ लोगों का बाजार है। इसलिए हम किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं। जहां तक धमकी की बात है, तो दूर बैठकर कोई कुछ भी कहे, इसे धमकी नहीं कहा जा सकता है। धमकी आमने-सामने आकर दी जाती है।
विज्ञापन
कृषि मंत्री शनिवार को एनडीआरआई (राष्ट्रीय डेयर अनुसंधान संस्थान) में आयोजित किसान सम्मान निधि समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सरकार के कार्यकाल के दौरान फसलों के एमएसपी के नाम पर नाममात्र की बढ़ोतरी की जाती थी। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है तब से न केवल फसलों के एमएसपी में अभूतपूर्व वृद्धि की जा रही है बल्कि प्रदेश में भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों के नुकसान की भरपाई की जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में फसलों के वाजिब दाम किसानों को दिए गए। खाद, बीज व कीटनाशक दवाएं और कृषि उपकरण भी सस्ती दर, अनुदान राशि पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोटावेटर के लिए ट्रैक्टर की जरूरत पड़ती है, किसानों की इस जरूरत को समझते हुए इस योजना में राज्य सरकार ने संशोधन के प्रस्ताव को तैयार करके स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा है। हरियाणा राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 33.17 लाख किसानों को 9025.58 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम वितरित किया जा चुका है।
विज्ञापन
उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे ऐसे बीजों को सर्टिफाइड करें जिनसे उत्पादन भी अधिक हो और गुणवत्ता भी अच्छी हो। धान को मिलिंग के लिए मिलर को दिया जाता है और उनसे बदले में अच्छी क्वालिटी का चावल केंद्र सरकार को भेजा जाता है, लेकिन बीज की गुणवत्ता सही नहीं होने से चावल के टुकड़े की मात्रा अधिक हो जाती है जिससे मिलर को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को बढ़ाने का भी आह्वान किया।
कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा एकमात्र राज्य है जो प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को दो एकड़ या उससे अधिक भूमि पर एक देसी गाय की खरीद पर 25,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान करता है। वर्ष 2025 से यह सब्सिडी बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है। उन्होंने कई अन्य किसान हित की योजनाओं के भी आंकड़े बताए।
अमेरिका के टेरिफ बढ़ाने से संबंधों पर असर के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि अमेरिका व्यापारी देश है। हमें अपनी अर्थव्यवस्था का ध्यान रखना है। हमारे पास 140 करोड़ लोगों का बाजार है। इसलिए हम किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं। जहां तक धमकी की बात है, तो दूर बैठकर कोई कुछ भी कहे, इसे धमकी नहीं कहा जा सकता है। धमकी आमने-सामने आकर दी जाती है।