{"_id":"698e3abbff97bf76e4024ace","slug":"opposed-the-india-us-agricultural-trade-agreement-karnal-news-c-18-knl1018-844223-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का किया विरोध
Fri, 13 Feb 2026 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 13 Feb 2026 02:10 AM IST
विज्ञापन
करनाल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर वीरवार को गांवों में किसानों ने हमारा खेत, हमारा अधिकार अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अपने-अपने खेतों में एकत्र होकर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के विरोध में लिखित पर्चियां जलाकर रोष प्रकट किया। जिले के नीलोखेड़ी, घरौंडा, असंध, करनाल और इंद्री विकास खंडों में किसानों का व्यापक स्तर पर विरोध देखने को मिला।
भाकियू असंध ब्लॉक प्रधान जोगिंद्र सिंह झींडा ने कहा कि कृषि देश की रीढ़ है और किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई भी समझौता किसानों की सहमति के बिना स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौता अगर लागू हुआ तो इससे देश के किसानों, उनकी फसल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। किसान अपने खेत, अपनी फसल और अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे।
तेज करेंगे आंदोलन
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि दोपहर बाद प्रदेश की सभी ग्राम इकाइयों में किसानों ने शांतिपूर्ण, संगठित और अनुशासित तरीके से इस अभियान को सफल बनाया। हर गांव में किसानों ने अपने खेतों पर पहुंचकर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता लिखी पर्चियों की होली जलाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। रतनमान ने कहा कि हमारा खेत, हमारा अधिकार केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसानों की अस्मिता और आत्मसम्मान की आवाज है। अगर सरकार ने किसानों की आवाज नहीं सुनी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू असंध ब्लॉक प्रधान जोगिंद्र सिंह झींडा ने कहा कि कृषि देश की रीढ़ है और किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई भी समझौता किसानों की सहमति के बिना स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौता अगर लागू हुआ तो इससे देश के किसानों, उनकी फसल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। किसान अपने खेत, अपनी फसल और अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विज्ञापन
तेज करेंगे आंदोलन
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि दोपहर बाद प्रदेश की सभी ग्राम इकाइयों में किसानों ने शांतिपूर्ण, संगठित और अनुशासित तरीके से इस अभियान को सफल बनाया। हर गांव में किसानों ने अपने खेतों पर पहुंचकर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता लिखी पर्चियों की होली जलाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। रतनमान ने कहा कि हमारा खेत, हमारा अधिकार केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसानों की अस्मिता और आत्मसम्मान की आवाज है। अगर सरकार ने किसानों की आवाज नहीं सुनी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन