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Karnal News: खुले गड्ढे भरेंगे, बैरिकेडिंग नहीं मिली तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
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करनाल। इंद्री के फाजिलपुर में खुले गड्ढे में गिरकर सात वर्षीय देव की मौत के बाद भी शहर में जगह-जगह खुले गड्ढे लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। अमर उजाला ने लगातार पड़ताल कर सेक्टर-12, सेक्टर-9, अटल पार्क और कुंजपुरा रोड सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी सामने आई लापरवाही को प्रमुखता से उठाया। अब प्रशासन ने इस मामले में सख्ती दिखाई है।
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खुले गड्ढों को भरने के साथ विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। कहीं भी बैरिकेडिंग के बिना खुदाई मिली तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपने स्तर पर भी खुले गड्ढों की जांच कराएगा। इसके लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी निर्देश दिए गए हैं। ब्यूरो
हादसे के बाद नहीं, पहले दूर करना होगा खतरा
अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया था कि सेक्टर-12 में निर्मल कॉलोनी के पास संडे मार्केट की जगह करीब 20 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरा गड्ढा खुला पड़ा था। कुंजपुरा रोड पर पाइप लाइन डालने के लिए की गई खुदाई के बाद भी पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। सेक्टर-9 में सीवरेज लाइन के लिए खोदा गया गड्ढा और अटल पार्क के मुख्य द्वार के पास करीब 12 फुट गहरा गड्ढा भी लोगों के लिए खतरा बने हुए थे। इन स्थानों पर बच्चों और राहगीरों के साथ हादसा होने की आशंका थी।
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विभागों को जिम्मेदारी के साथ करना होगा काम
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों के दौरान बैरिकेडिंग और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। खुले गड्ढों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जाए और जहां काम पूरा हो चुका है, वहां गड्ढों को भरकर रास्ता सुचारु बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित विभागों को सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण कार्यों के दौरान लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
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डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खुले गड्ढों को भरने के साथ विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। कहीं भी बैरिकेडिंग के बिना खुदाई मिली तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपने स्तर पर भी खुले गड्ढों की जांच कराएगा। इसके लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी निर्देश दिए गए हैं। ब्यूरो
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हादसे के बाद नहीं, पहले दूर करना होगा खतरा
अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया था कि सेक्टर-12 में निर्मल कॉलोनी के पास संडे मार्केट की जगह करीब 20 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरा गड्ढा खुला पड़ा था। कुंजपुरा रोड पर पाइप लाइन डालने के लिए की गई खुदाई के बाद भी पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। सेक्टर-9 में सीवरेज लाइन के लिए खोदा गया गड्ढा और अटल पार्क के मुख्य द्वार के पास करीब 12 फुट गहरा गड्ढा भी लोगों के लिए खतरा बने हुए थे। इन स्थानों पर बच्चों और राहगीरों के साथ हादसा होने की आशंका थी।
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विभागों को जिम्मेदारी के साथ करना होगा काम
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों के दौरान बैरिकेडिंग और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। खुले गड्ढों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जाए और जहां काम पूरा हो चुका है, वहां गड्ढों को भरकर रास्ता सुचारु बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित विभागों को सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण कार्यों के दौरान लोगों की जान जोखिम में न पड़े।