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Karnal News: पुल निर्माण में देरी पर अफसरों को फटकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पश्चिमी यमुना नहर पर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए निर्माण कार्य जारी है जिसका निरीक्षण करने के लिए मंगलवार को सिंचाई एवं जल संसाधन और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी पहुंचीं। उन्होंने पश्चिमी यमुना नहर (डब्ल्यूजेसी) पर बनाए जा रहे रेलवे ब्रिज नंबर 65200 का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में देरी पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि यह कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की समस्या न रहे।
पिछले वर्ष 27 अगस्त को पश्चिमी यमुना नहर अंडरपास रेलवे पुल के समीप करीब 100 फुट हिस्सा पानी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया था। पानी के तेज बहाव से अगले दिन दूसरी तरफ के तट की स्लैब का टुकड़ा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे दुरुस्त करने में विभाग को मशक्कत करनी पड़ी थी। कुछ समय पहले इस ब्रिज के हालात ज्यादा खराब हो गए थे, जिसके चलते पानी को रोककर इसकी मरम्मत की जा रही है। पश्चिमी यमुना नहर में 13 हजार 300 क्यूसेक पानी बहता है। विभाग की ओर से मई महीने से पहले काम पूरा किया जाना है, क्योंकि जून में धान लगनी शुरू हो जाती है। इस समय किसानों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। सिंचाई मंत्री ने यहां पहुंच कर प्रगति कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को इसे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नहरों में मिट्टी कटाव की समस्या से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और इसके स्थायी समाधान के लिए कार्य किया जा रहा है। मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता राजेश कुमार माैजूद रहे।
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करनाल। पश्चिमी यमुना नहर पर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए निर्माण कार्य जारी है जिसका निरीक्षण करने के लिए मंगलवार को सिंचाई एवं जल संसाधन और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी पहुंचीं। उन्होंने पश्चिमी यमुना नहर (डब्ल्यूजेसी) पर बनाए जा रहे रेलवे ब्रिज नंबर 65200 का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में देरी पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि यह कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की समस्या न रहे।
पिछले वर्ष 27 अगस्त को पश्चिमी यमुना नहर अंडरपास रेलवे पुल के समीप करीब 100 फुट हिस्सा पानी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया था। पानी के तेज बहाव से अगले दिन दूसरी तरफ के तट की स्लैब का टुकड़ा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे दुरुस्त करने में विभाग को मशक्कत करनी पड़ी थी। कुछ समय पहले इस ब्रिज के हालात ज्यादा खराब हो गए थे, जिसके चलते पानी को रोककर इसकी मरम्मत की जा रही है। पश्चिमी यमुना नहर में 13 हजार 300 क्यूसेक पानी बहता है। विभाग की ओर से मई महीने से पहले काम पूरा किया जाना है, क्योंकि जून में धान लगनी शुरू हो जाती है। इस समय किसानों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। सिंचाई मंत्री ने यहां पहुंच कर प्रगति कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को इसे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नहरों में मिट्टी कटाव की समस्या से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और इसके स्थायी समाधान के लिए कार्य किया जा रहा है। मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता राजेश कुमार माैजूद रहे।
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