फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   No focus on real progress... just a lot of noise in the claims.

Karnal News: उठान पर नहीं जोर... सिर्फ दावों में ही शोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 02:35 AM IST
विज्ञापन
No focus on real progress... just a lot of noise in the claims.
नई अनाज मंडी में शेड के बाहर पड़े धान के कट्टे।
करनाल। जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद के साथ उठान की धीमी रफ्तार भी परेशानी बढ़ा रही है। रविवार को धान की खरीद बंद रखकर केवल उठान पर जोर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद काम में अपेक्षित तेजी नहीं आई। शनिवार तक खरीदे गए धान में से महज 13,383 हजार मीट्रिक टन (एमटी) का ही उठान हो पाया।
विज्ञापन

ऐसे में मंडियों में पहले से खरीदे गए धान के कट्टों के ढेर लगे हुए हैं। उठान में तेजी लाने के लिए एजेंसियों की ओर से 130 वाहनों की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है लेकिन मंडी में हकीकत इससे अलग नजर आई। रविवार को मंडी में करीब 30 वाहन ही दिखाई दिए। हालांकि इसका कारण उठान के बाद गए वाहनों की वापसी में देरी बताई गई।
विज्ञापन


आई-फॉर्म कटने में देरी
आढ़तियों का कहना है कि उनकी तरफ से धान की खरीद होने पर वेबसाइट पर जे-फॉर्म जारी किया जाता है। इसके बाद धान के उठान के लिए खरीद एजेंसियों की ओर से आई-फॉर्म जारी करना होता है। अधिकारी आई-फॉर्म करने में दो से चार दिन का समय लगा रहे हैं, तब तक मंडी में आवक और खरीदे गए धान के कट्टों के ढेर लग जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

राइस मिलरों का सहयोग न करने का दावा
करनाल राइस मिलर एसोसिएशन के प्रधान सौरभ गुप्ता ने आरोप लगाया कि एजेंसी और आढ़तियों की ओर से राइस मिलरों का सहयोग नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर सरकार पोर्टल की प्रक्रिया में थोड़ी राहत दे तो उठान का कार्य तेजी से किया जा सकेगा। दो से तीन दिन खरीद बंद कर सिर्फ उठान पर जोर दिया जाना चाहिए।


उठान के लिए 130 वाहनों को लगाया गया है। मंडी में खरीद होने के बाद आई-फॉर्म कटने में दो से चार दिन लग रहे हैं। पोर्टल पर आउटगोइंग पास भी देरी से जारी हो रहे हैं, इसलिए धान का उठान समय पर नहीं हो पा रहा है। - अशोक खुराना, ट्रांसपोर्ट ठेकेदार, करनाल

रविवार को केवल उठान के कार्य पर जोर दिया गया। पोर्टल प्रक्रिया के कारण थोड़ी परेशानी हो रही है। जिस खरीदे गए धान के आई-फॉर्म जारी हो चुके हैं, ठेकेदार को उनका तुरंत उठान करने के लिए कहा गया है। - सुनील ढुल, मंडी सुपरवाइजर, करनाल

6940 मीट्रिक टन की आवक, 13 हजार का उठान
जिले की अनाज मंडियों में रविवार को धान की खरीद बंद कर उठान के कार्य पर जोर दिया गया। 13,383 मीट्रिक टन धान का उठान किया गया। 6940 मीट्रिक टन धान की आवक हुई। अभी तक मंडियों में 3.55 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 2.65 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। 1.50 लाख मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है। मंडियों में 1.16 लाख मीट्रिक टन धान पड़ा है।

नमी के फेर में कम दाम पर धान बेचने को मजबूर किसान

निसिंग। अनाज मंडी में किसान नमी के चक्रव्यूह में फंसकर कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहा है। किसान नेता यशपाल राणा, रणधीर, बलवान, रामफल, रमेश, कुलदीप, रामपाल, रोशन लाल, सोहन सिंह, मामू, रामकिसान का आरोप है कि खरीदारों के पास अपनी पीआर किस्म की धान को बेचने के लिए पॉलिथीन में डालकर नमी की मात्रा की जांच करवानी पड़ रही है। मशीनों में नमी की मात्रा अलग-अलग आ रही है। इससे किसानों को अपनी पीआर धान को 1900, 2000, 2100 रुपये में बेचना पड़ रहा है। उठान धीमा होने से फसल को रखने का स्थान भी नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।

मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता ने बताया कि उठान के लिए रविवार को मंडी बंद की गई थी। अभी तक करीब 60 गाड़ियों ने उठान किया है और 50 प्रतिशत उठान अभी बाकी है। स्टेट वेयर निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि एक लाख क्विंटल धान का उठान मंडी से अभी तक हो चुका है। फूड सप्लाई निरीक्षक सत्यवान ने बताया कि शाम तक 60 गाड़ियों का उठान मंडी से हो जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed