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जेल में न मोबाइल की घंटियां बजेंगी, न नशा कर पाएंगे कैदी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 02:30 AM IST
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Neither mobile bells will ring in jail, nor will prisoners be able to take drugs
राकेश चौहान
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करनाल। जिला जेल में अब न तो मोबाइलों की घंटियां बज पाएंगी, न कैदी नशीले पदार्थों का सेवन कर पाएंगे, क्योंकि यहां की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक होने जा रही है। लाखों रुपये की एक नई लॉन लाइनर मेटल डिटेक्टर मशीन आई है। इसके माध्यम से जेल की पुलिस कैदियों द्वारा दीवार व जमीन में छिपाए गए मोबाइलों को तलाश लेगी।
अक्सर कैदी व बंदी मोबाइलों को जमीन या दीवारों व किसी वस्तु में छिपा देते थे जो तलाशी के दौरान पकड़ में नहीं आता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह डिटेक्टर मशीन चंद सेकेंड्स में मोबाइल का पता लगा लेगी। वहीं कैदियों से नशीला पदार्थ बरामद करने के लिए पंजाब से डॉग स्क्वॉयड ताशा को लाया गया है। यह डॉग जेल में कैदियों व बंदियों द्वारा छिपाए गए नशीले पदार्थ को तो खोजेगी ही, मोबाइल का भी पता लगाएगी। जिला जेल में 1854 कैदी हैं। इनमें करीब 64 महिलाएं और चार बच्चे हैं। यहां कैदियों की क्षमता 2434 है। संवाद
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बैग स्कैनर मशीन से स्कैन होगी हर वस्तु
जिला जेल में अब पुलिस कर्मियों द्वारा कैदियों की वस्तुओं की तलाशी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि जिला जेल में बैग स्कैनर मशीन आ गई है। इस मशीन से स्कैन होकर ही हर छोटी से बड़ी वस्तु जेल के अंदर प्रवेश कर पाएगी ताकि जिला जेल के अंदर कोई भी अवैध वस्तु न पहुंचे। इससे पहले जिला जेल में कैदियों के कपड़ों की तलाशी पुलिस कर्मी लेते थे। ऐसे में कई बार कैदियों के परिजन कपड़ों के अंदर नशीला पदार्थ व अन्य वस्तु छिपाकर भेज देते थे जो पुलिस कर्मी की तलाशी में पकड़ी नहीं जाती थी लेकिन अब इस बैग स्कैनर मशीन से अवैध वस्तुओं को पकड़ा जाएगा।
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लांड्री मशीन में धुलेंगे कैदियों के पकड़े
जेल में एक लांड्री मशीन भी आई है ताकि कैदियों को कपड़े धोने में परेशानी न हो। इससे अलग भी कई प्रकार की सुविधाएं कैदियों को जिला जेल में मिल रही हैं।
जैमर लगाने की तैयारी
जेल परिसर में जैमर लगाने की भी तैयारी चल रही है ताकि मोबाइल में नेटवर्क ही न रहे और जेल में बंद कैदी व बंदी कहीं कॉल न कर पाएं। व्हाट्सएप कॉल पर भी अंकुश लग सकेगा।

जिला जेल की सुरक्षा चाक चौबंद है। कड़ी सुरक्षा के लिए एक बैग स्कैनर मशीन व लॉन लाइनर मेटल डिटेक्टर मशीन दी गई है। एक स्क्वॉयड डॉग भी पंजाब से लाया गया है, जिसकी सर्च अभियान में मदद ली जाएगी। वहीं, एक लांड्री मशीन भी आई है। जेल में किसी भी प्रकार की अवैध वस्तु की एंट्री नहीं होने दी जाएगी। जैमर लगाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
अमित कुमार भादों, जिला जेल अधीक्षक, करनाल
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