{"_id":"61a7100c153e1a5030279aa3","slug":"ncreased-difficulties-for-art-and-craft-diploma-holders-karnal-news-knl91300990","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा धारकों की बढ़ीं मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा धारकों की बढ़ीं मुश्किलें
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा को आईटीआई के समकक्ष न माने जाने पर डिप्लोमा धारकों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। मंगलवार को डिप्लोमा धारक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एकत्रित हुए और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और दूरवर्ती निदेशालय के अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा को आईटीआई के समान दर्जा देने की मांग उठाई।
डिप्लोमा धारक कुलदीप, जितेंद्र, दिनेश, नीरज, रीतू, पूनम, ललिता, कविता व सुमन ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरवर्ती निदेशालय द्वारा सत्र 2003 से 2006 तक आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा कराया गया। इसी डिप्लोमा के आधार पर प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों की नियुक्ति के साथ-साथ पंजाब व दिल्ली के केंद्रीय विद्यालयों में भी बहुत से शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने केयू द्वारा कराए गए आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा को आईटीआई के समान नहीं मान रही और इस संदर्भ में एक हलफनामा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में दिया गया है। उनका कहना है कि जब केयू के सभी कोर्स प्रदेश सरकार सरकारी नियुक्तियों में मान्य करती है तो केवल आर्ट एंड क्राफ्ट का डिप्लोमा प्रदेश सरकार द्वारा मान्य क्यों नहीं किया जा रहा ? आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा धारक विश्वविद्यालय व प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि वे उन को न्याय दिलाने का काम करें।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा को आईटीआई के समकक्ष न माने जाने पर डिप्लोमा धारकों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। मंगलवार को डिप्लोमा धारक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एकत्रित हुए और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और दूरवर्ती निदेशालय के अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा को आईटीआई के समान दर्जा देने की मांग उठाई।
डिप्लोमा धारक कुलदीप, जितेंद्र, दिनेश, नीरज, रीतू, पूनम, ललिता, कविता व सुमन ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरवर्ती निदेशालय द्वारा सत्र 2003 से 2006 तक आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा कराया गया। इसी डिप्लोमा के आधार पर प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों की नियुक्ति के साथ-साथ पंजाब व दिल्ली के केंद्रीय विद्यालयों में भी बहुत से शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने केयू द्वारा कराए गए आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा को आईटीआई के समान नहीं मान रही और इस संदर्भ में एक हलफनामा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में दिया गया है। उनका कहना है कि जब केयू के सभी कोर्स प्रदेश सरकार सरकारी नियुक्तियों में मान्य करती है तो केवल आर्ट एंड क्राफ्ट का डिप्लोमा प्रदेश सरकार द्वारा मान्य क्यों नहीं किया जा रहा ? आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा धारक विश्वविद्यालय व प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि वे उन को न्याय दिलाने का काम करें।
विज्ञापन