{"_id":"57ec0b7f4f1c1b537c57585e","slug":"mp-karnal-mp-ashwani-chopra-officers-village-karnal","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों को धक्का लगाना पड़ता है, तब काम होते हैं : सांसद चोपड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों को धक्का लगाना पड़ता है, तब काम होते हैं : सांसद चोपड़ा
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Wed, 28 Sep 2016 11:57 PM IST
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महिला को सम्मानित करते सांसद।
- फोटो : अमर उजाला
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अपने विवादित और बेबाक बयानों के लिए चर्चित सांसद अश्विनी चोपड़ा ने एक बार प्रदेश की अफसरशाही पर निशाना साधा है। सांसद ने कहा कि अफसर चलते नहीं है, इनको चलाना पड़ता है। इनको धक्का लगाना पड़ता है, तब जाकर काम होते हैं। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। सांसद चोपड़ा बुधवार को गोद लिए गांव मोहिदीनपुर में खुले में शौच मुक्त गांव होने पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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सांसद ने कहा कि जब मैंने यह गांव गोद लिया था तो यहां काफी समस्याएं थीं, लेकिन अब समस्याएं समाप्त हो रही हैं। जो रह गई हैं, उन्हें भी दूर किया जाएगा। वहीं, सांसद ने इसी दौरान मंच से कहा कि कुछ काम रह गए हैं या फिर धीरे चल रहे हैं, वे भी जल्द कराएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अफसर कहां चलते हैं, उनको काम कराने के लिए धक्का मारना पड़ता है।
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सांसद ने पूछे सवाल, प्रशासन ने दिलाये जवाब
बुधवार को गांव पहुंचे सांसद सबसे पहले स्कूल पहुंचे। उसके बाद गांव के हालात जानने के लिए वे घर-घर जाने के लिए निकले। सांसद ने घरों में जाकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से अलग अलग बात की और गांव की समस्याएं और समाधान जाने। सांसद ने यह भी पूछा कि क्या पहले से गांव में सुधार है? शराब बिकनी बंद हुई या नहीं? खास बात यह रही कि किसी भी ग्रामीण ने सांसद के सामने कोई खास समस्या नहीं रखी और सभी ने कहा कि सांसद ने हमारे गांव की काया पलट दी।
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देश में पांचवें स्थान पर रहा गांव
सांसद ने बताया कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत उनका गोद लिया गांव पूरे देश के 700 गोद लिए गांवों में से पांचवें स्थान पर चुना गया है। उन्होंने दो साल में गांव में काफी कार्य कराए हैं। सांसद ने कहा कि काफी संख्या में सांसदों ने गांवों को संभाला ही नहीं, इसलिए वे पिछड़ गए। सांसद ने कहा कि उनका सपना है यह गांव माडल बने, क्योंकि सभी ने मुझे यह गांव गोद लेने से इंकार किया था। इसके साथ ही वे उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि गांव से शराब समाप्त की जाए और ठेके गांव से बाहर निकाला जाए।