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सुरक्षा में चूक पर एडीजीपी ने पुलिस अधिकारियों की लगाई क्लास
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Wed, 31 May 2017 11:29 PM IST
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अदालत परिसर में बदमाशों द्वारा गोलियां चलाकर कानून व्यवस्था को धता बताने के मामले को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को अदालत परिसर, लघु सचिवालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर एडीजीपी ला एंड आर्डर अकील अहमद करनाल पहुंचे और आईजी सुभाष यादव, एसपी जश्नदीप सिंह, डीएसपी और थाना प्रभारियों की बैठक ली।
बैठक का अहम मुद्दा अदालत परिसर में सरेआम हुई फायरिंग का रहा। इस दौरान एडीजीपी ने इस मामले की रिपोर्ट तलब की, साथ ही सचिवालय और अदालत परिसर में पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम करने के आदेश दिए। वहीं, इससे पहले सुबह से ही अदालत परिसर में गेटों पर मेटल डिटेक्टर और पुलिस चेकिंग दोनों जारी रही।
गौरतलब है कि कुख्यात बदमाश नीरज पुनिया की पेशी के दौरान पुरानी रंजिश के चलते तीन युवकों ने अदालत परिसर और कोर्ट रूम के अंदर फायरिंग कर दी थी, जिससे पुनिया और दो अन्य पुलिस कर्मचारी जख्मी हो गए थे। पुुनिया का इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। इस मामले को लेकर शाम को एडीजीपी ला एंड आर्डर अकील अहमद करनाल लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और मामले को लेकर विस्तार से जानकारी हासिल की। साथ ही अब तक की मामले में अपडेट भी ली।
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उन्होंने एसपी करनाल को निर्देश दिये कि अदालत परिसर की पुख्ता सुरक्षा के बंदोबस्त किये जाएं, साथ ही चेकिंग प्वाइंट बढ़ाए जाएं। करीब आधा घंटा तक उन्होंने कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिये। इससे पहले अदालत परिसर में बुधवार सुबह पुलिस पहले के मुकाबले अलर्ट दिखाई दी। सभी गेटों पर मेटल डिटेक्टर लगे रहे और हर आने जाने वाले की चेकिंग की गई। बीच के रास्तों को बंद करने के लिए फिलहाल रस्से खींचे गए हैं, बाद में यहां पर तारबंदी की जाएगी, ताकि कोई बीच में से भाग न सके। देर शाम एसपी जेएस रंधावा ने भी अदालत परिसर का मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था को जांचा। इस दौरान अदालत परिसर की दीवारें ऊंची करने को लेकर चर्चा की गई।
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बैठक का अहम मुद्दा अदालत परिसर में सरेआम हुई फायरिंग का रहा। इस दौरान एडीजीपी ने इस मामले की रिपोर्ट तलब की, साथ ही सचिवालय और अदालत परिसर में पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम करने के आदेश दिए। वहीं, इससे पहले सुबह से ही अदालत परिसर में गेटों पर मेटल डिटेक्टर और पुलिस चेकिंग दोनों जारी रही।
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गौरतलब है कि कुख्यात बदमाश नीरज पुनिया की पेशी के दौरान पुरानी रंजिश के चलते तीन युवकों ने अदालत परिसर और कोर्ट रूम के अंदर फायरिंग कर दी थी, जिससे पुनिया और दो अन्य पुलिस कर्मचारी जख्मी हो गए थे। पुुनिया का इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। इस मामले को लेकर शाम को एडीजीपी ला एंड आर्डर अकील अहमद करनाल लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और मामले को लेकर विस्तार से जानकारी हासिल की। साथ ही अब तक की मामले में अपडेट भी ली।
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उन्होंने एसपी करनाल को निर्देश दिये कि अदालत परिसर की पुख्ता सुरक्षा के बंदोबस्त किये जाएं, साथ ही चेकिंग प्वाइंट बढ़ाए जाएं। करीब आधा घंटा तक उन्होंने कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिये। इससे पहले अदालत परिसर में बुधवार सुबह पुलिस पहले के मुकाबले अलर्ट दिखाई दी। सभी गेटों पर मेटल डिटेक्टर लगे रहे और हर आने जाने वाले की चेकिंग की गई। बीच के रास्तों को बंद करने के लिए फिलहाल रस्से खींचे गए हैं, बाद में यहां पर तारबंदी की जाएगी, ताकि कोई बीच में से भाग न सके। देर शाम एसपी जेएस रंधावा ने भी अदालत परिसर का मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था को जांचा। इस दौरान अदालत परिसर की दीवारें ऊंची करने को लेकर चर्चा की गई।