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मन की बात सुनाकर चले गए, नहीं सुनीं फरियाद
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Thu, 08 Dec 2016 12:56 AM IST
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मन की बात सुनाकर चले गए, नहीं सुनीं फरियाद
- फोटो : Amar Ujala
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कुंजपुरा रोड स्थित सेंट थरेसा कॉन्वेंट स्कूल में बुधवार को आयोजित बिजली सम्मेलन में आए निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर लोगों को अपनी बात सुनाकर चले गए। इस दौरान उन्होंने सम्मेलन में आए सरपंचों और अन्य लोगों की व्यथा नहीं सुनी। इससे सरपंचों में रोष दिखाई दिया। सम्मेलन खत्म होने के बाद कई गांवों के सरपंच ने उन्हें अपनी गांवों की समस्या से अवगत करवाना चाहा तो सीएमडी ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि आज वह उनकी समस्या सुनने के लिए नहीं आए हैं। समस्या के बारे में निगम के एसई और एक्सन से बात कीजिए। वहीं सीएम की कोर कमेटी के एक सदस्य ने भी एक समस्या रखी तो उन्हें भी यही जवाब दिया।
सम्मेलन के बाद के ऐसे ही तीन मुद्दे प्रमुख हैं, जिनके जवाब से सरपंच और अन्य लोग मायूस दिखाई दिए। पहले मुद्दे में सीकरी गांव की सरपंच सुनीता रानी के पति बलबीर मराठा ने सीएमडी को बताया कि उसके गांव के पास डूंगरा में छह-सात माह पूर्व गांव के बहुत से लोगों पर बिजली चोरी का जुर्माना लगाया गया था। अब जुर्माना भर देने के बाद भी हर बिल में निगम द्वारा फिर से वह जुर्माना लगाकर भेजा जा रहा है। इस पर निगम के सीएमडी कपूर ने जवाब दिया कि वह आज उनकी समस्या सुनने के लिए नहीं आए हैं। वह आज दूसरे काम के लिए आए हैं। इस समस्या के लिए निगम के एसई जेके कांबोज से मिले। इस पर सरपंच के पति बलबीर ने जवाब दिया कि वह कई बार एसई और अन्य अधिकारियों से मिल चुका है, लेकिन कोई भी उनकी समस्या नहीं सुनता।
गांव सीकरी की सरपंच सुनीता देवी ने बताया कि गांव में वाटर सप्लाई के दो ट्यूबवेल हैं, जिन पर लाइन नहीं लगी हुई है। जब भी फ्यूज उड़ जाता है तो फीडर से पूरी लाइन बंद करवाने के बाद ही फ्यूज लगाया जाता है। इसी कारण कई बार तो दो-दो दिन तक लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल पाता। दूसरे मामले में गांव समानाबाहू के सरपंच दीपक बंसल गांव के पास लगते डेरों के लिए अलग ट्रांसफार्मर होने की बात रखी तो सीएमडी ने उन्हें भी जवाब दिया कि निगम के अधिकारियों से बात कीजिए। इस पर सरपंच ने कहा कि वह कई बार अधिकारियों के सामने अपनी बात रख चुके हैं। वहीं सीएम की कोर कमेटी के सदस्य मेहर सिंह कलामपुरा ने किसानों की समस्या बताई तो सीएमडी ने उन्हें भी जवाब दिया कि यह बातें यहां करने की नहीं है। यहां वह दूसरे काम के लिए आए हैं।
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सरपंचों का आरोप है कि सीएमडी केवल अपने मन की बात सुनाने आए थे, लेकिन उनकी समस्याओं को नहीं सुना गया। सरपंचों ने कहा कि जैसा निगम के अधिकारी और कर्मचारी करते हैं, ऐसा ही सीएमडी ने किया। बिजली सम्मेलन के दौरान मेयर रेनू बाला गुप्ता, संजय महला, एसपी पंकज नैन, एसई जेके कांबोज, सीएम कोर कमेटी के सदस्य, गांवों से आए सरपंच, एमसी और कई पार्षद मौजूद रहे।
31 तक भरो बिल, फिर सिफारिश नहीं चलेगी
करनाल। प्रदेश सरकार बकाया बिलों की राशि को जमा करवाने के लिए गंभीर है। इसके लिए सरकार विशेष अभियान चलाकर लोगों को बकाया राशि जमा करवाने के लिए प्रेरित भी कर रही है, लेकिन जो लोग 31 दिसंबर तक बकाया राशि नहीं भरेगा, निगम उन्हें बख्शने के मूड में नहीं है। निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि उपभोक्ताओं की सरकार ने बकाया बिजली के बिलों की राशि को भरने के लिए दो स्कीमें चलाकर उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाया है। इसके बाद भी 31 दिसंबर तक जो उपभोक्ता बिजली के बिलों को नहीं भरेगा, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। सीएमडी ने कहा कि पहले तो बिजली निगम के डिफाल्टरों के मीटर उतारने पर सिफारिशी लोगों के फोन आ जाते थे। परंतु अब वह दौर चला गया है। जो लोग निगम के डिफाल्टर होंगे 31 दिसंबर के बाद निगम द्वारा उनका ही इलाज किया जाएगा।
एक लाख से ज्यादा बकाया वाले होंगे टारगेट
सबसे पहले 1 लाख या उससे ज्यादा बकाया वाले लोगों पर कार्रवाई होगी। सीएमडी ने बताया कि 2 किलोवाट लोड से कम वाले ग्रामीण क्षेत्र में 11 लाख 60 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जो बिल ना चुका पाने के कारण डिफाल्टर हैं। वहीं शहरों में इनकी संख्या डेढ़ लाख के लगभग हैं। इन्हीं लोगों को देखते हुए निगम ने ये स्कीम लागू की हैं। इसके बाद भी अगर लोगों ने राशि जमा नहीं की तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
बिजली चोरों और कर्मचारियों पर निशाना
निगम के सीएमडी ने बिजली चोरी को लेकर जिले के लोगों और जिले के बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने बताया कि जिले में 46 प्रतिशत बिजली लॉस है, जो केवल 10 प्रतिशत होने चाहिए। 36 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। जिस क्षेत्र में ज्यादा चोरी है, वहां सप्लाई कम दी जाती है। वहीं उन्होंने कहा कि बिजली के रेट दो कारणों से बढ़ते हैं, एक तो बिजली चोरी अधिक हो या फिर निगम के अधिकारी भ्रष्ट हों।
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सम्मेलन के बाद के ऐसे ही तीन मुद्दे प्रमुख हैं, जिनके जवाब से सरपंच और अन्य लोग मायूस दिखाई दिए। पहले मुद्दे में सीकरी गांव की सरपंच सुनीता रानी के पति बलबीर मराठा ने सीएमडी को बताया कि उसके गांव के पास डूंगरा में छह-सात माह पूर्व गांव के बहुत से लोगों पर बिजली चोरी का जुर्माना लगाया गया था। अब जुर्माना भर देने के बाद भी हर बिल में निगम द्वारा फिर से वह जुर्माना लगाकर भेजा जा रहा है। इस पर निगम के सीएमडी कपूर ने जवाब दिया कि वह आज उनकी समस्या सुनने के लिए नहीं आए हैं। वह आज दूसरे काम के लिए आए हैं। इस समस्या के लिए निगम के एसई जेके कांबोज से मिले। इस पर सरपंच के पति बलबीर ने जवाब दिया कि वह कई बार एसई और अन्य अधिकारियों से मिल चुका है, लेकिन कोई भी उनकी समस्या नहीं सुनता।
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गांव सीकरी की सरपंच सुनीता देवी ने बताया कि गांव में वाटर सप्लाई के दो ट्यूबवेल हैं, जिन पर लाइन नहीं लगी हुई है। जब भी फ्यूज उड़ जाता है तो फीडर से पूरी लाइन बंद करवाने के बाद ही फ्यूज लगाया जाता है। इसी कारण कई बार तो दो-दो दिन तक लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल पाता। दूसरे मामले में गांव समानाबाहू के सरपंच दीपक बंसल गांव के पास लगते डेरों के लिए अलग ट्रांसफार्मर होने की बात रखी तो सीएमडी ने उन्हें भी जवाब दिया कि निगम के अधिकारियों से बात कीजिए। इस पर सरपंच ने कहा कि वह कई बार अधिकारियों के सामने अपनी बात रख चुके हैं। वहीं सीएम की कोर कमेटी के सदस्य मेहर सिंह कलामपुरा ने किसानों की समस्या बताई तो सीएमडी ने उन्हें भी जवाब दिया कि यह बातें यहां करने की नहीं है। यहां वह दूसरे काम के लिए आए हैं।
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सरपंचों का आरोप है कि सीएमडी केवल अपने मन की बात सुनाने आए थे, लेकिन उनकी समस्याओं को नहीं सुना गया। सरपंचों ने कहा कि जैसा निगम के अधिकारी और कर्मचारी करते हैं, ऐसा ही सीएमडी ने किया। बिजली सम्मेलन के दौरान मेयर रेनू बाला गुप्ता, संजय महला, एसपी पंकज नैन, एसई जेके कांबोज, सीएम कोर कमेटी के सदस्य, गांवों से आए सरपंच, एमसी और कई पार्षद मौजूद रहे।
31 तक भरो बिल, फिर सिफारिश नहीं चलेगी
करनाल। प्रदेश सरकार बकाया बिलों की राशि को जमा करवाने के लिए गंभीर है। इसके लिए सरकार विशेष अभियान चलाकर लोगों को बकाया राशि जमा करवाने के लिए प्रेरित भी कर रही है, लेकिन जो लोग 31 दिसंबर तक बकाया राशि नहीं भरेगा, निगम उन्हें बख्शने के मूड में नहीं है। निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि उपभोक्ताओं की सरकार ने बकाया बिजली के बिलों की राशि को भरने के लिए दो स्कीमें चलाकर उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाया है। इसके बाद भी 31 दिसंबर तक जो उपभोक्ता बिजली के बिलों को नहीं भरेगा, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। सीएमडी ने कहा कि पहले तो बिजली निगम के डिफाल्टरों के मीटर उतारने पर सिफारिशी लोगों के फोन आ जाते थे। परंतु अब वह दौर चला गया है। जो लोग निगम के डिफाल्टर होंगे 31 दिसंबर के बाद निगम द्वारा उनका ही इलाज किया जाएगा।
एक लाख से ज्यादा बकाया वाले होंगे टारगेट
सबसे पहले 1 लाख या उससे ज्यादा बकाया वाले लोगों पर कार्रवाई होगी। सीएमडी ने बताया कि 2 किलोवाट लोड से कम वाले ग्रामीण क्षेत्र में 11 लाख 60 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जो बिल ना चुका पाने के कारण डिफाल्टर हैं। वहीं शहरों में इनकी संख्या डेढ़ लाख के लगभग हैं। इन्हीं लोगों को देखते हुए निगम ने ये स्कीम लागू की हैं। इसके बाद भी अगर लोगों ने राशि जमा नहीं की तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
बिजली चोरों और कर्मचारियों पर निशाना
निगम के सीएमडी ने बिजली चोरी को लेकर जिले के लोगों और जिले के बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने बताया कि जिले में 46 प्रतिशत बिजली लॉस है, जो केवल 10 प्रतिशत होने चाहिए। 36 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। जिस क्षेत्र में ज्यादा चोरी है, वहां सप्लाई कम दी जाती है। वहीं उन्होंने कहा कि बिजली के रेट दो कारणों से बढ़ते हैं, एक तो बिजली चोरी अधिक हो या फिर निगम के अधिकारी भ्रष्ट हों।