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निगम की ‘सरकार’ पर अफसरशाही हावी
करनाल
Updated Thu, 06 Feb 2014 03:54 PM IST
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करनाल नगर निगम की चुनी गई ‘सरकार’ पर निगम की अफसरशाही भारी पड़ रही है। लाख कोशिश के बावजूद निगम के अधिकारी न तो मेयर की सुनते हैं और न ही किसी डिप्टी मेयर या पार्षद की।
हालात ये हैं कि अफसरशाही से परेशान मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षदों को जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। शुरुआत से ही यह स्थिति है। बुधवार को नगर निगम पार्षदों ने डीसी बलराज सिंह से मिलकर निगम में कार्यरत अधिकारियों द्वारा जानबूझ कर लोगों को परेशान करने और मेयर सहित किसी भी पार्षद का कोई आदेश न मानने की बात रखी।
मेयर रेणु बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग व डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कहा कि अधिकारी जानबूझ कर जनता को परेशान कर रहे हैं। सफाई कर्मचारी कोई कार्य नहीं कर रहे, जिससे गंदगी का आलम बना हुआ है।
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लोग मांगते हैं वोट का हिसाब
मेयर रेणु बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग व डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कहा कि लोगों ने पार्षदों को अपना प्रतिनिधि चुन कर भेजा है, लेकिन पार्षद अधिकारियों की मनमानी के चलते कोई कार्य ही नहीं करवा पा रहे हैं। लोग पार्षदों को कोस रहे हैं और कामकाज का हिसाब मांगते हैं, लेकिन अधिकारियों की मनमर्जी के चलते वे कुछ भी कह पाने में असमर्थ हैं।
अढ़ाई महीने से नहीं हुई मीटिंग
पार्षदों ने डीसी से कहा कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए वह ही कोई कदम उठाएं। हाउस की मीटिंग बुलाई जाए, ताकि विकास कार्यों से संबंधित जानकारी दे सकें। पिछले ढाई महीने से हाउस की कोई मीटिंग नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले सभी वार्डों में विकास कार्य करवाए जाने चाहिए।
डीसी ने मेयर और पार्षदाें को आश्वसान दिया कि वह इस मामले में जल्द ही कार्यवाही करेंगे। मौके पर पार्षद बलिंद्र सिंह, सुजाता अरोड़ा, रोहताश लाठर, मोहित कांबोज, सुदर्शन कालड़ा, शीला रानी, यशपाल मित्तल, राजेश अघी, जोगिंद्र चौहान, नरेंद्र पंडित मौजूद थे।
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हालात ये हैं कि अफसरशाही से परेशान मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षदों को जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। शुरुआत से ही यह स्थिति है। बुधवार को नगर निगम पार्षदों ने डीसी बलराज सिंह से मिलकर निगम में कार्यरत अधिकारियों द्वारा जानबूझ कर लोगों को परेशान करने और मेयर सहित किसी भी पार्षद का कोई आदेश न मानने की बात रखी।
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मेयर रेणु बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग व डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कहा कि अधिकारी जानबूझ कर जनता को परेशान कर रहे हैं। सफाई कर्मचारी कोई कार्य नहीं कर रहे, जिससे गंदगी का आलम बना हुआ है।
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लोग मांगते हैं वोट का हिसाब
मेयर रेणु बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग व डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कहा कि लोगों ने पार्षदों को अपना प्रतिनिधि चुन कर भेजा है, लेकिन पार्षद अधिकारियों की मनमानी के चलते कोई कार्य ही नहीं करवा पा रहे हैं। लोग पार्षदों को कोस रहे हैं और कामकाज का हिसाब मांगते हैं, लेकिन अधिकारियों की मनमर्जी के चलते वे कुछ भी कह पाने में असमर्थ हैं।
अढ़ाई महीने से नहीं हुई मीटिंग
पार्षदों ने डीसी से कहा कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए वह ही कोई कदम उठाएं। हाउस की मीटिंग बुलाई जाए, ताकि विकास कार्यों से संबंधित जानकारी दे सकें। पिछले ढाई महीने से हाउस की कोई मीटिंग नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले सभी वार्डों में विकास कार्य करवाए जाने चाहिए।
डीसी ने मेयर और पार्षदाें को आश्वसान दिया कि वह इस मामले में जल्द ही कार्यवाही करेंगे। मौके पर पार्षद बलिंद्र सिंह, सुजाता अरोड़ा, रोहताश लाठर, मोहित कांबोज, सुदर्शन कालड़ा, शीला रानी, यशपाल मित्तल, राजेश अघी, जोगिंद्र चौहान, नरेंद्र पंडित मौजूद थे।