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मराठा ने भरा नामांकन, कार्यकर्ताओं में जोश
करनाल
Updated Tue, 18 Mar 2014 11:17 PM IST
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नामांकन के चौथे दिन मंगलवार को पहला नामांकन दाखिल हुआ। बसपा प्रत्याशी
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के तौर पर मराठा वीरेंद्र वर्मा ने करनाल लोकसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र
जिला निर्वाचन अधिकारी डीसी बलराज सिंह को जमा कराया।
बसपा ने निरंतर दूसरी बार मराठा को करनाल लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। ढोल नगाड़े के साथ नामांकन भरने आए मराठा वीरेंद्र वर्मा के साथ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश सारन समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सैकड़ों कार्यकर्ता जिला सचिवालय के बाहर जमा रहे।
नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से बात करते मराठा ने कहा कि भाजपा में कांग्रेस से भी अधिक भ्रष्टाचार है। काबिल कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बीस-बीस करोड़ रुपये में टिकट बेचा गया। उनका दायित्व है कि वह लोगों को जागरूक करे। नरेंद्र मोदी वाली भाजपा के नकली मुखौटे को लोगों के सामने बेनकाब किया जाए।
बसपा का प्रयास है कि प्रचार के बल पर ऐसे हालात बना देंगे कि देश की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं मायावती होगी।
इससे पूर्व मराठा ने सेक्टर-12 के हुडा मैदान में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कहा कि नरेंद्र मोदी की कोई हवा नहीं है। उन्होंने कहा कि गैरों ने करनाल की राजनीतिक जमीन को पूरी तरह खोखला कर दिया है।
बसपा का मकसद गैरों को भगाना है, अपना को जीताना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता बसपा सुप्रीमो मायावती के आदेश की अनुपालना कर रहे हैं। वह इस बार आठ लाख वोट लेकर अन्य उम्मीदवारों को पराजित करेंगे। बसपा के राज्य अध्यक्ष नरेश सारन ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मराठा वीरेंद्र वर्मा को कार्यकर्ताओं के बीच उम्मीदवार बना कर भेजा है।
अब कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बनती है उन्हें सांसद बना कर लोकसभा में भेजें।
इस मौके पर जोनल कोआर्डिनेटर डॉ. बलदेव सिंह, लोकसभा प्रभारी रमेश करनवाल, हरविंद्र कल्याण, भगवंत बांबा, सुरेंद्र राणा, डॉ. ईशम सिंह जास्ट, जिलाध्यक्ष रामपाल भैवान, अजीत सिंह, हेमराज, जिला परिषद अध्यक्ष अशोक मित्तल, नगर पार्षद राकेश कुमार उर्फ भाग सिंह, अनिल सैनी व सुनीता सभ्रवाल समेत काफी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं मराठा
मराठा वीरेंद्र वर्मा ने नामांकन फार्म में अपनी चल-अचल संपत्ति का जो विवरण भरा है, उसमें उन्होंने खुद के नाम 5 लाख रुपये नकदी, बैंक व वित्तीय संस्थानों में 80 लाख रुपये जमा, मोटर वाहन के तहत एक फोर्ड एंडेवर व जॉन डियर ट्रैक्टर, जेवरों में 100 तोले सोना कीमत 29 लाख रुपये, कृषि भूमि में 12 एकड़ भूमि गांव झंझाडी में व 13 एकड़ भूमि गांव पखाना में कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये, भवन व आवासीय संपत्ति में चार कनाल में 20 कमरों का फार्म हाउस और अल्फा सिटी में 250 गज का प्लॉट कीमत 50 लाख रुपये दिखाया है। वर्मा ने अपनी पत्नी के नाम संपत्ति के विवरण में 2 लाख रुपये नकदी, 8 लाख रुपये बैंकों में जमा राशि, 10 लाख की एलआईसी पॉलिसी, एक महेंद्रा बोलेरो व एक ऑयल कैंटर, 120 तोले सोना कीमत 32 लाख रुपये और आधा एकड़ में पेट्रोल पंप कीमत 50 लाख रुपये भरा है। वर्मा ने अपनी देनदारी में किसी की तरफ कुछ भी देय नहीं दिखाया है।
बसपा ने निरंतर दूसरी बार मराठा को करनाल लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। ढोल नगाड़े के साथ नामांकन भरने आए मराठा वीरेंद्र वर्मा के साथ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश सारन समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सैकड़ों कार्यकर्ता जिला सचिवालय के बाहर जमा रहे।
नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से बात करते मराठा ने कहा कि भाजपा में कांग्रेस से भी अधिक भ्रष्टाचार है। काबिल कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बीस-बीस करोड़ रुपये में टिकट बेचा गया। उनका दायित्व है कि वह लोगों को जागरूक करे। नरेंद्र मोदी वाली भाजपा के नकली मुखौटे को लोगों के सामने बेनकाब किया जाए।
बसपा का प्रयास है कि प्रचार के बल पर ऐसे हालात बना देंगे कि देश की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं मायावती होगी।
इससे पूर्व मराठा ने सेक्टर-12 के हुडा मैदान में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कहा कि नरेंद्र मोदी की कोई हवा नहीं है। उन्होंने कहा कि गैरों ने करनाल की राजनीतिक जमीन को पूरी तरह खोखला कर दिया है।
बसपा का मकसद गैरों को भगाना है, अपना को जीताना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता बसपा सुप्रीमो मायावती के आदेश की अनुपालना कर रहे हैं। वह इस बार आठ लाख वोट लेकर अन्य उम्मीदवारों को पराजित करेंगे। बसपा के राज्य अध्यक्ष नरेश सारन ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मराठा वीरेंद्र वर्मा को कार्यकर्ताओं के बीच उम्मीदवार बना कर भेजा है।
अब कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बनती है उन्हें सांसद बना कर लोकसभा में भेजें।
इस मौके पर जोनल कोआर्डिनेटर डॉ. बलदेव सिंह, लोकसभा प्रभारी रमेश करनवाल, हरविंद्र कल्याण, भगवंत बांबा, सुरेंद्र राणा, डॉ. ईशम सिंह जास्ट, जिलाध्यक्ष रामपाल भैवान, अजीत सिंह, हेमराज, जिला परिषद अध्यक्ष अशोक मित्तल, नगर पार्षद राकेश कुमार उर्फ भाग सिंह, अनिल सैनी व सुनीता सभ्रवाल समेत काफी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं मराठा
मराठा वीरेंद्र वर्मा ने नामांकन फार्म में अपनी चल-अचल संपत्ति का जो विवरण भरा है, उसमें उन्होंने खुद के नाम 5 लाख रुपये नकदी, बैंक व वित्तीय संस्थानों में 80 लाख रुपये जमा, मोटर वाहन के तहत एक फोर्ड एंडेवर व जॉन डियर ट्रैक्टर, जेवरों में 100 तोले सोना कीमत 29 लाख रुपये, कृषि भूमि में 12 एकड़ भूमि गांव झंझाडी में व 13 एकड़ भूमि गांव पखाना में कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये, भवन व आवासीय संपत्ति में चार कनाल में 20 कमरों का फार्म हाउस और अल्फा सिटी में 250 गज का प्लॉट कीमत 50 लाख रुपये दिखाया है। वर्मा ने अपनी पत्नी के नाम संपत्ति के विवरण में 2 लाख रुपये नकदी, 8 लाख रुपये बैंकों में जमा राशि, 10 लाख की एलआईसी पॉलिसी, एक महेंद्रा बोलेरो व एक ऑयल कैंटर, 120 तोले सोना कीमत 32 लाख रुपये और आधा एकड़ में पेट्रोल पंप कीमत 50 लाख रुपये भरा है। वर्मा ने अपनी देनदारी में किसी की तरफ कुछ भी देय नहीं दिखाया है।