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ममता थांग ता खिलाड़ी ने खेलों इंडिया में जीता कांस्य
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48: पंचकुला के चल रहे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में मणिपुरी मार्शल आर्ट थांग ता में कांस्य पदक विजेता म?
करनाल। पंचकूला में चल रहे चौथे खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में असंध की रहने वाली थांग ता मणिपुरी मार्शल आर्ट खिलाड़ी ममता ने कर्ण नगरी की झोली में पहला पदक डाल दिया है। ममता के कांस्य पदक जीतने पर उसके परिवार सहित गांव में खुशी का माहौल है। ममता ने पहला मैच जम्मू और कश्मीर से जीता, दूसरा मैच उत्तराखंड से जीता। तीसरा मैच मणिपुर से गंवाने के बाद तीसरे स्थान के लिए हुए क्वार्टर फाइल मैच में मध्य प्रदेश को 14-27 के अंतर से हराकर प्रतियोगिता में प्रदेश के लिए कांस्य पदक पक्का किया। वह इससे पहले भी कई स्टेट और नेशनल स्तर पर पदक जीत चुकी हैं।
अब तक की उपलब्धियां
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में पहली बार शामिल पांच परंपरागत खेलों में से एक थांग ता मणिपुरी मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है। असंध के गांव बहरी निवासी ममता के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पिता सोमदत्त शर्मा हलवाई का काम करते हैं। ममता ने पहली बार में ही पदक जीतकर खुद को साबित कर दिया। कभी कुश्ती खिलाड़ी रही ममता ने कुश्ती छोड़ थांग ता में अपना भविष्य बनाने की ठानी और 2019 में कैथल में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण, प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में चार स्वर्ण दो रजत, मणिपुर और जम्मू और कश्मीर में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर उसने एक प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीता।
बेहतर खेलने की उम्मीद
जीत स्पोर्ट्स अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही ममता के प्रशिक्षक विक्रम कादियान ने बताया कि ममता शुरू से ही बहुत मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी है। जब वह कुश्ती में खेलती थी तब भी बेहतर थी, आज थांग ता में भी बेहतर कर रही है। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में होने वाली नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भी जरूर पदक जीतेगी।
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अब तक की उपलब्धियां
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में पहली बार शामिल पांच परंपरागत खेलों में से एक थांग ता मणिपुरी मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है। असंध के गांव बहरी निवासी ममता के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पिता सोमदत्त शर्मा हलवाई का काम करते हैं। ममता ने पहली बार में ही पदक जीतकर खुद को साबित कर दिया। कभी कुश्ती खिलाड़ी रही ममता ने कुश्ती छोड़ थांग ता में अपना भविष्य बनाने की ठानी और 2019 में कैथल में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण, प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में चार स्वर्ण दो रजत, मणिपुर और जम्मू और कश्मीर में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर उसने एक प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीता।
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बेहतर खेलने की उम्मीद
जीत स्पोर्ट्स अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही ममता के प्रशिक्षक विक्रम कादियान ने बताया कि ममता शुरू से ही बहुत मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी है। जब वह कुश्ती में खेलती थी तब भी बेहतर थी, आज थांग ता में भी बेहतर कर रही है। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में होने वाली नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भी जरूर पदक जीतेगी।
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