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Karnal News: ताइक्वांडो में असंध की ममता ने जीता स्वर्ण पदक
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- स्वागत में निकाला रोड शो, बहरीन में आयोजित हुई प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में असंध के बाहरी गांव की ममता ने स्वर्ण पदक जीता है। 23 अक्टूबर से बहरीन के रिफा नेशनल स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में उसने यह मुकाम पाया।
असंध में मंगलवार को स्वर्ण पदक विजेता ममता शर्मा का रोड शो निकालकर स्वागत किया गया। कस्बे की जेपीएस अकादमी से ममता का फूल मालाएं पहनाकर शहर के मुख्य मार्गों से रोड शो निकाला गया। इस दौरान कई जगहों पर फूल माला व नोटों के हार डालकर स्वागत किया गया। ममता ने बताया कि उसने इसी वर्ष 12 वीं कक्षा पास की है। वह पिछले तीन वर्षो से कैथल की स्पोर्ट्स अकादमी में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रही है।
ममता ने अपनी जीत का श्रेय पिता सोमदत्त व माता कविता को दिया है। अब उनका अगला मुख्य लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का है। उन्होंने बताया उनके मुख्य कोच देशराज ने भी उनकी सफलता में भरपूर साथ दिया। अकादमी में ले जाने वापस लेकर आने में भाई का सहयोग रहा। ममता के पिता ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज है।
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असंध। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में असंध के बाहरी गांव की ममता ने स्वर्ण पदक जीता है। 23 अक्टूबर से बहरीन के रिफा नेशनल स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में उसने यह मुकाम पाया।
असंध में मंगलवार को स्वर्ण पदक विजेता ममता शर्मा का रोड शो निकालकर स्वागत किया गया। कस्बे की जेपीएस अकादमी से ममता का फूल मालाएं पहनाकर शहर के मुख्य मार्गों से रोड शो निकाला गया। इस दौरान कई जगहों पर फूल माला व नोटों के हार डालकर स्वागत किया गया। ममता ने बताया कि उसने इसी वर्ष 12 वीं कक्षा पास की है। वह पिछले तीन वर्षो से कैथल की स्पोर्ट्स अकादमी में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रही है।
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ममता ने अपनी जीत का श्रेय पिता सोमदत्त व माता कविता को दिया है। अब उनका अगला मुख्य लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का है। उन्होंने बताया उनके मुख्य कोच देशराज ने भी उनकी सफलता में भरपूर साथ दिया। अकादमी में ले जाने वापस लेकर आने में भाई का सहयोग रहा। ममता के पिता ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज है।
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