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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Landed on the street against government employees

सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे कर्मचारी

Wed, 06 Aug 2014 12:38 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल Updated Wed, 06 Aug 2014 12:38 AM IST
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मांगें लागू न करने पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर
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कर्मचारियों ने मंगलवार को जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार को कोसा। पुलिस को करीब पंद्रह बसों में कर्मचारियों को भरकर ले जाना पड़ा।

कर्मचारी प्रदर्शन करते रहे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई। पुलिस ने कर्मचारियों को वापस प्रदर्शन स्थल पर लाकर ही छोड़ दिया, लेकिन कर्मचारी जेल में जाने की जिद्द करते रहे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जिला करनाल के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिहमार, केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान शरबत पूनिया, उप महासचिव जीवन सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने विरोध जताया।

जिला प्रधान ओमप्रकाश सिहमार, सचिव कृष्ण शर्मा, प्रेस प्रवक्ता साहब सिंह ने बताया कि जब तक कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी जाती, ये लड़ाई जारी रहेगी। आंदोलन की रूपरेखा दोबारा से बनाई जाएगी। सरकार को अपनी गलत नीतियों को बदलना होगा।
ये हैं मांगें
हरियाणा के कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतन भत्ते, ग्रेड पे देने, दो वर्ष की सेवाकाल के बाद कच्चे कर्मचारियों को बिना शर्त पक्का करने, लिपिक वर्ग, पुलिस, राजस्व, वन विभाग के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने, कैशलैस मेडिकल सुविधा प्रदान करने, पीपीपी, आउटसोर्सिंग, निजीकरण, ठेका प्रथा को विभागों से बंद करने, महंगाई के अनुरूप शिक्षा, मेडिकल, मकान, किराया भत्ते सहित सभी भत्तों में बढ़ोतरी करना, काटे गए टेक्निकल स्केल के अध्यादेश को वापस लेने, सरकारी विभागों में स्थायी नियुक्तियां करना सहित अन्य मांगें हैं।
अध्यापक लड़ाई जारी रखेंगे
अध्यापक संघ के प्रधान बलराज सिंह ने कहा कि अध्यापक अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे। लिपिक वर्ग के प्रधान रमेश कांबोज ने कहा कि सरकार ने केवल आश्वासन दिए हैं। पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर, फील्ड मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान महावीर संधू ने कहा कि कर्मचारियों के लिए लड़ाई हर कीमत पर लड़ी जाएगी। आशा वर्कर यूनियन से सुदेश, रोशनी व सुमन रोहिला ने कहा कि आशा वर्करों के साथ अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्टाफ नर्स एसोसिएशन प्रधान शीला, बबीता और दीपिका ने भी जेल भरो आंदोलन में हिस्सा लिया।

इन्होंने किया प्रदर्शन
कर्मचारी सतपाल सैनी, ओमप्रकाश माटा, गुरध्यान सिंह, अनिल सैनी, वीरभान बिडलान, अशोक प्रोचा, कुलबीर सिंह, जगतार सिंह, नरेंद्र, राजपाल, बाबूराम, बबली, सुमन, राजपाल, शेर सिंह दहिया, महावीर संधू, अशोक आर्य, वीरभान, सुभाष प्रोचा, अशोक पांचाल, सुरेश आदीवाल, सतपाल सैनी, राहुल वर्मा, अव्वल सिंह, राजेंद्र सिंह राणा, मुकेश जांगड़ा, कृपाल सिंह, एनपी सिंह चौहान, गिरधारीलाल, मलकीत सिंह, राजेश शर्मा, नरेश सैन, महेंद्र पंाचाल, रिषीपाल, तेजपाल, सुरेश, बलराज सिंह, जगतार सिंह, सुदेश रानी, सुषमा, रेखा कांबोज, बबिता सहित सैकड़ों कर्मचारी सरकार के खिलाफ दहाड़े।
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