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53 गाड़ियों के फर्जी बिल बनाकर लाखों ठगे
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ट्रांसपोर्टर ने अपने कर्मचारी पर 53 गाड़ियों के फर्जी बिल बनाकर 40 लाख 95 हजार 761 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-13 निवासी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि वह 13 साल से कमीशन पर ट्रांसपोर्ट का काम दशमेश रोडलाइनस के नाम से दुकान नंबर 764 नई अनाज मंडी गेट जीटी रोड करनाल में कर रहा है। उसका एक कर्मचारी कैथल के गांव हावड़ी निवासी रितु पाल उसके पास पिछले 10 वर्ष से काम कर रहा है। गुरविंद्र ने बताया कि वह सेंचुरी प्लाई फैक्टरी रंबा रोड तरावड़ी में हर रोज काफी गाड़ियां भेजता है। जिन्हें वह अलग-अलग ट्रांसपोर्ट एजेंसी करनाल, अंबाला, पानीपत और दिल्ली से मंगवाता था। किसी कारण से उसकी फैक्टरी के मैनेजर से कहासुनी हो गई थी। इसलिए अब वह वहां गाड़ी नहीं लगाता था। इसका फायदा कर्मचारी रितु पाल ने उठाया। 14 महीने पहले उसने उसे फोन कर कहा था कि मनोज गाड़ी मांग रहा है, इसमें हमें फायदा होगा। इस पर उसने गाड़ी भेजने के लिए हां कह दिया था। इसी दौरान उनके घर के पांच सदस्यों को कोरोना हो गया तो कर्मचारी रितु पाल बिल व बिल्टी बुक के सभी काम करने लगा। उसने आरोप लगाया कि कर्मचारी रितु पाल ने 30 अगस्त 2020 से 29 अक्तूबर 2021 तक 53 गाड़ियां भेजने के फर्जी बिल तैयार कर लिए जोकि मिल में गई ही नहीं। गाड़ियों का किराया भी वह श्री शिव संगम ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक संतोष कुमार के बैंक खाते में समायोजित करता था। उनका ऑफिस नई अनाज मंडी करनाल में है। उन्होंने बताया कि रितु ने विरेंद्र सिंह के नाम के एक और बैंक खाते में कई बार गाड़ियाें का किराया समायोजित कराया है। उसने बताया कि बैंक खाते में लेन-देन ज्यादा होने के कारण उसे कभी शक नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि रितु ने कुल मिलाकर 53 झूठी गाड़ियां लगाई और उसकी राशि लगभग 4095761 रुपये हड़प ली। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-13 निवासी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि वह 13 साल से कमीशन पर ट्रांसपोर्ट का काम दशमेश रोडलाइनस के नाम से दुकान नंबर 764 नई अनाज मंडी गेट जीटी रोड करनाल में कर रहा है। उसका एक कर्मचारी कैथल के गांव हावड़ी निवासी रितु पाल उसके पास पिछले 10 वर्ष से काम कर रहा है। गुरविंद्र ने बताया कि वह सेंचुरी प्लाई फैक्टरी रंबा रोड तरावड़ी में हर रोज काफी गाड़ियां भेजता है। जिन्हें वह अलग-अलग ट्रांसपोर्ट एजेंसी करनाल, अंबाला, पानीपत और दिल्ली से मंगवाता था। किसी कारण से उसकी फैक्टरी के मैनेजर से कहासुनी हो गई थी। इसलिए अब वह वहां गाड़ी नहीं लगाता था। इसका फायदा कर्मचारी रितु पाल ने उठाया। 14 महीने पहले उसने उसे फोन कर कहा था कि मनोज गाड़ी मांग रहा है, इसमें हमें फायदा होगा। इस पर उसने गाड़ी भेजने के लिए हां कह दिया था। इसी दौरान उनके घर के पांच सदस्यों को कोरोना हो गया तो कर्मचारी रितु पाल बिल व बिल्टी बुक के सभी काम करने लगा। उसने आरोप लगाया कि कर्मचारी रितु पाल ने 30 अगस्त 2020 से 29 अक्तूबर 2021 तक 53 गाड़ियां भेजने के फर्जी बिल तैयार कर लिए जोकि मिल में गई ही नहीं। गाड़ियों का किराया भी वह श्री शिव संगम ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक संतोष कुमार के बैंक खाते में समायोजित करता था। उनका ऑफिस नई अनाज मंडी करनाल में है। उन्होंने बताया कि रितु ने विरेंद्र सिंह के नाम के एक और बैंक खाते में कई बार गाड़ियाें का किराया समायोजित कराया है। उसने बताया कि बैंक खाते में लेन-देन ज्यादा होने के कारण उसे कभी शक नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि रितु ने कुल मिलाकर 53 झूठी गाड़ियां लगाई और उसकी राशि लगभग 4095761 रुपये हड़प ली। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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