{"_id":"61b50d191016f113e6165812","slug":"karnal-will-become-water-plus-by-starting-toilets-treating-dirty-water-karnal-news-knl92368038","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय शुरू करके, गंदे पानी को उपचारित कर वाटर प्लस बनेगा करनाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय शुरू करके, गंदे पानी को उपचारित कर वाटर प्लस बनेगा करनाल
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करीब डेढ़ साल से बंद पड़े शौचालयों को नगर निगम ने दोबारा शुरू कर दिया है। साथ ही घरों से निकलने वाले गंदे पानी को एसटीपी में उपचारित करके ग्रीन बेल्ट, पार्क और डिवाइडर पर लगे पौधों में देने व सड़कों पर छिड़काव के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के साथ करनाल को नगर निगम वाटर प्लस का दर्जा दिलाने की तैयारी कर रहा है। ओडीएफ के तीनों चरण पार करने के बाद अब सबसे अंतिम एवं उच्च दर्जे को प्राप्त करने के लिए नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है।
साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में भी रैंकिंग सुधार के लिए काम शुरू हो गया है। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए योजना बनाई गई है। सबसे पहले निगम की ओर से खुले में शौच पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में यदि अब कोई व्यक्ति खुले में शौच या लघुशंका करता पाया गया तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। निगम आयुक्त ने इसके लिए लोगों से शहर के विभिन्न जगहों पर बने सार्वजनिक शौचालयों के इस्तेमाल की अपील की है। इसके अलावा सिटीजन एंगेजमेंट (सहभागिता) पर भी जोर दिया जा रहा है।
संस्थानों के बीच होगी प्रतिस्पर्धा, मिलेंगे 625 अंक
सिटीजन एंगेजमेंट के तहत होटल, ढाबे, अस्पताल, स्कूल व कॉलेज, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन और सरकारी दफ्तरों के बीच स्वच्छता मानदंडों को लेकर प्रतिस्पर्धा होगी, श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को रैंकिंग के आधार पर नगर निगम सम्मानित करेगा। सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों के तहत तैयारियां शुरू कर दी हैं। मानदंडों में भवन की स्थिति, शौचालयों की सफाई, गीले व सूखे कचरे का प्रबंधन, कंपोस्ट पिट, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, वेट वेस्ट को कंपोस्टिंग में परिवर्तित करना और जीरो वेस्ट गतिविधि शामिल है। सर्वेक्षण में इसके 625 अंक मिलेंगे।
विज्ञापन
खुद कचरे का निस्तारण करने वाला वार्ड बनेगा आत्मनिर्भर
कचरे का प्रबंधन करने का कार्य वार्ड में ही हो और सफाई भी रहे, इसके लिए नगर निगम ने आत्मनिर्भर वार्ड बनाने का भी अभियान चलाया है। निगम आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर-9 और 10 में काफी लोग गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग देकर व घरों में ही कंपोस्ट पिट बनाकर स्वयं निस्तारण कर रहे हैं। इसके लिए अन्य लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं। वार्ड की सभी आरडब्ल्यूए को इस मुहिम में शामिल किया है, ताकि वह अपने वार्ड को आत्मनिर्भर वार्ड बनाने में अपना शत प्रतिशत सहयोग दे सकें। जो वार्ड गीले व सूखे कचरे का समूचित निस्तारण करेगा, उसे आत्मनिर्भर वार्ड घोषित करेंगे। इसका लाभ स्वच्छ सवेक्षण 2022 की रैंकिंग में मिलेगा।
विज्ञापन
करनाल। करीब डेढ़ साल से बंद पड़े शौचालयों को नगर निगम ने दोबारा शुरू कर दिया है। साथ ही घरों से निकलने वाले गंदे पानी को एसटीपी में उपचारित करके ग्रीन बेल्ट, पार्क और डिवाइडर पर लगे पौधों में देने व सड़कों पर छिड़काव के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के साथ करनाल को नगर निगम वाटर प्लस का दर्जा दिलाने की तैयारी कर रहा है। ओडीएफ के तीनों चरण पार करने के बाद अब सबसे अंतिम एवं उच्च दर्जे को प्राप्त करने के लिए नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है।
साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में भी रैंकिंग सुधार के लिए काम शुरू हो गया है। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए योजना बनाई गई है। सबसे पहले निगम की ओर से खुले में शौच पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में यदि अब कोई व्यक्ति खुले में शौच या लघुशंका करता पाया गया तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। निगम आयुक्त ने इसके लिए लोगों से शहर के विभिन्न जगहों पर बने सार्वजनिक शौचालयों के इस्तेमाल की अपील की है। इसके अलावा सिटीजन एंगेजमेंट (सहभागिता) पर भी जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
संस्थानों के बीच होगी प्रतिस्पर्धा, मिलेंगे 625 अंक
सिटीजन एंगेजमेंट के तहत होटल, ढाबे, अस्पताल, स्कूल व कॉलेज, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन और सरकारी दफ्तरों के बीच स्वच्छता मानदंडों को लेकर प्रतिस्पर्धा होगी, श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को रैंकिंग के आधार पर नगर निगम सम्मानित करेगा। सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों के तहत तैयारियां शुरू कर दी हैं। मानदंडों में भवन की स्थिति, शौचालयों की सफाई, गीले व सूखे कचरे का प्रबंधन, कंपोस्ट पिट, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, वेट वेस्ट को कंपोस्टिंग में परिवर्तित करना और जीरो वेस्ट गतिविधि शामिल है। सर्वेक्षण में इसके 625 अंक मिलेंगे।
विज्ञापन
खुद कचरे का निस्तारण करने वाला वार्ड बनेगा आत्मनिर्भर
कचरे का प्रबंधन करने का कार्य वार्ड में ही हो और सफाई भी रहे, इसके लिए नगर निगम ने आत्मनिर्भर वार्ड बनाने का भी अभियान चलाया है। निगम आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर-9 और 10 में काफी लोग गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग देकर व घरों में ही कंपोस्ट पिट बनाकर स्वयं निस्तारण कर रहे हैं। इसके लिए अन्य लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं। वार्ड की सभी आरडब्ल्यूए को इस मुहिम में शामिल किया है, ताकि वह अपने वार्ड को आत्मनिर्भर वार्ड बनाने में अपना शत प्रतिशत सहयोग दे सकें। जो वार्ड गीले व सूखे कचरे का समूचित निस्तारण करेगा, उसे आत्मनिर्भर वार्ड घोषित करेंगे। इसका लाभ स्वच्छ सवेक्षण 2022 की रैंकिंग में मिलेगा।