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अब मुख्यालय में बैठकर नहरों में पानी की उपलब्धता पर नजर रखी जा सकेगी
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करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पोर्टल पर रियल टाइम डाटा एग्जीविशन सिस्टम (आरटीडीएएस) की शुरुआत की। इससे अब नहरों में पानी की उपलब्धता के बारे में चंडीगढ़ मुख्यालय में बैठे-बैठे जानकारी मिल सकेगी। इस दौरान जल शक्ति अभियान और अटल भू-जल योजना की मानिका श्योकंद को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया। जींद की रहने वाली मानिका श्योकंद 2020 में मिस ग्रैंड इंडिया रही हैं।
वीडियो कांफ्रेसिंग के बाद उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल भू-जल योजना केंद्र सरकार, विश्व बैंक और राज्य सरकार की संयुक्त सहभागिता वाली भू-जल प्रबंधन योजना है। जो भूजल एवं कृषि संबंधित अन्य सरकारी योजनाओ जैसे जल शक्ति अभियान, मेरा पानी-मेरी विरासत, जल जीवन मिशन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, मनरेगा एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बीच समन्वय स्थापित करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य हर व्यक्ति तक पीने योग्य स्वच्छ जल, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेती के लिए प्रयाप्त मात्रा में जल भंडारण, वर्षा के जल संचयन, संरक्षण एवं घटते जल स्तर को रोकना है। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि इस योजना से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर कार्य किया जाए।
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उपायुक्त ने बताया कि अटल भू-जल योजना के अंतर्गत जिले के चिह्नित 41 गांवों का जल सुरक्षा प्लान बनाया जाएगा। योजना के तहत 30 सितंबर तक 10 गांवों में यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भू-जल विशेषज्ञ एवं आईईसी विशेषज्ञ के साथ मिलकर गांव-गांव जाकर जन भागीदारी द्वारा भूजल प्रबंधन के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, क्षमता निर्माण एवं जागरुकता संवाद अभियान की शुरुआत करेंगे। मुख्य लोगों के साथ मिलकर ग्राम स्तर पर जल स्रोतों जैसे कुओं, तालाबों, झीलों, नदी, नालों के आंकड़े एकत्रित करना, जल बजट एवं जल सुरक्षा प्लान तैयार करना है।
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वीडियो कांफ्रेसिंग के बाद उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल भू-जल योजना केंद्र सरकार, विश्व बैंक और राज्य सरकार की संयुक्त सहभागिता वाली भू-जल प्रबंधन योजना है। जो भूजल एवं कृषि संबंधित अन्य सरकारी योजनाओ जैसे जल शक्ति अभियान, मेरा पानी-मेरी विरासत, जल जीवन मिशन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, मनरेगा एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बीच समन्वय स्थापित करेगी।
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उन्होंने यह भी बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य हर व्यक्ति तक पीने योग्य स्वच्छ जल, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेती के लिए प्रयाप्त मात्रा में जल भंडारण, वर्षा के जल संचयन, संरक्षण एवं घटते जल स्तर को रोकना है। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि इस योजना से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर कार्य किया जाए।
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उपायुक्त ने बताया कि अटल भू-जल योजना के अंतर्गत जिले के चिह्नित 41 गांवों का जल सुरक्षा प्लान बनाया जाएगा। योजना के तहत 30 सितंबर तक 10 गांवों में यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भू-जल विशेषज्ञ एवं आईईसी विशेषज्ञ के साथ मिलकर गांव-गांव जाकर जन भागीदारी द्वारा भूजल प्रबंधन के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, क्षमता निर्माण एवं जागरुकता संवाद अभियान की शुरुआत करेंगे। मुख्य लोगों के साथ मिलकर ग्राम स्तर पर जल स्रोतों जैसे कुओं, तालाबों, झीलों, नदी, नालों के आंकड़े एकत्रित करना, जल बजट एवं जल सुरक्षा प्लान तैयार करना है।