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सिर्फ हाजिरी लगाने शिक्षक आते हैं स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 06 Feb 2014 10:09 PM IST
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ड्यूटी में कोताही बरतने वाले सरकारी स्कूल स्टाफ की अब खैर नहीं। स्कूल टाइम के दौरान ड्यूटी से नदारद पाए जाने वाले शिक्षकों पर अब विभागीय कार्रवाई होगी। इसके लिए जिला प्रशासन सख्ती बरतने के मूड़ में है।
थानेसर के एसडीएम राजेश कुमार ने वीरवार को राजकीय मिडिल स्कूल खानपुर कौलियां का निरीक्षण किया। इसके साथ ही पीएचसी पिपली भी पहुंचे।
एसडीएम राजेश कुमार ने स्कूल में विद्यार्थियों से बातचीत की। विद्यार्थियों के अलावा ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में सरोज बाला मुख्याध्यापिका हैं, जबकि चार अन्य अध्यापक भी है, लेकिन समय पर कभी नहीं आते।
यही नहीं, कई दिनों तक वे स्कूल भी नहीं आते। ग्राम निवासियों ने जानकारी दी कि अध्यापिका शीतल सलूजा हर रोज साढे़ 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्यालय आती है और अपनी हाजिरी लगाकर वापस चली जाती हैं।
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दूसरी ओर, प्राथमिक विद्यालय में भी मुख्य अध्यापक संजू कुमार सहित चार अध्यापक है, जिनमें से दो अध्यापक ही हाजिर मिले। इसके अलावा शिक्षक नदारद थे। एसडीएम ने बताया कि राजकीय मिडिल स्कूल खानपुर कौलियां में प्रात: 9 बजे से 9:30 बजे तक कोई भी आध्यापक हाजिर नहीं मिला।
विद्यालय में प्रार्थना सभा भी नहीं हुई। पीएचसी पिपली में निरीक्षण के दौरान हाजिरी रजिस्टर के अनुसार सुनीता सिंह मेडिकल इंचार्ज की हाजिरी नहीं लगी हुई थी। पूछने पर स्टाफ ने टालमटोल की, तो एसडीएम ने स्वयं सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार से बात की। सुनीता सिंह के बारे में पूछा, तो 15 मिनट के अंदर सुनीता पीएचसी में पहुंच गईं।
गैरहाजिरी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं : एसडीएम
एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अध्यापक और अधिकारी लापरवाही बरतते पाए गए हैं, उनके विरुद्ध उपायुक्त को पत्र द्वारा लिख दिया गया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल
एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बरती जा रही ड्यूटी में कोताही विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाती है। इस लापरवाही से पता चलता है कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली में कमी है। इस विषय में वे उपायुक्त से बात करेंगे।
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थानेसर के एसडीएम राजेश कुमार ने वीरवार को राजकीय मिडिल स्कूल खानपुर कौलियां का निरीक्षण किया। इसके साथ ही पीएचसी पिपली भी पहुंचे।
एसडीएम राजेश कुमार ने स्कूल में विद्यार्थियों से बातचीत की। विद्यार्थियों के अलावा ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में सरोज बाला मुख्याध्यापिका हैं, जबकि चार अन्य अध्यापक भी है, लेकिन समय पर कभी नहीं आते।
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यही नहीं, कई दिनों तक वे स्कूल भी नहीं आते। ग्राम निवासियों ने जानकारी दी कि अध्यापिका शीतल सलूजा हर रोज साढे़ 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्यालय आती है और अपनी हाजिरी लगाकर वापस चली जाती हैं।
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दूसरी ओर, प्राथमिक विद्यालय में भी मुख्य अध्यापक संजू कुमार सहित चार अध्यापक है, जिनमें से दो अध्यापक ही हाजिर मिले। इसके अलावा शिक्षक नदारद थे। एसडीएम ने बताया कि राजकीय मिडिल स्कूल खानपुर कौलियां में प्रात: 9 बजे से 9:30 बजे तक कोई भी आध्यापक हाजिर नहीं मिला।
विद्यालय में प्रार्थना सभा भी नहीं हुई। पीएचसी पिपली में निरीक्षण के दौरान हाजिरी रजिस्टर के अनुसार सुनीता सिंह मेडिकल इंचार्ज की हाजिरी नहीं लगी हुई थी। पूछने पर स्टाफ ने टालमटोल की, तो एसडीएम ने स्वयं सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार से बात की। सुनीता सिंह के बारे में पूछा, तो 15 मिनट के अंदर सुनीता पीएचसी में पहुंच गईं।
गैरहाजिरी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं : एसडीएम
एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अध्यापक और अधिकारी लापरवाही बरतते पाए गए हैं, उनके विरुद्ध उपायुक्त को पत्र द्वारा लिख दिया गया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल
एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बरती जा रही ड्यूटी में कोताही विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाती है। इस लापरवाही से पता चलता है कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली में कमी है। इस विषय में वे उपायुक्त से बात करेंगे।