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धर्मशाला के लिए जाट समाज ने भरी हुंकार
अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Mon, 30 Dec 2013 12:06 AM IST
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कैथल में जाट धर्माशाला एवं विकास समिति के बैनर तले संयोजक बलवान सिंह कोटड़ा के नेतृत्व में आहूत जाट सम्मेलन में जिले भर से भारी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया, जिसमें धर्मशाला के निर्माण के लिए पूरे समाज ने समिति को सहमति दी।
सम्मेलन में फैसला लिया गया कि आगामी 5 जनवरी तक समाज के गणमान्य 51 लोगों की समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सभी राजनैतिक पार्टियों से संबंधित लोगों को शामिल किया जाएगा। यह समिति मंत्री रणदीप सुरजेवाला, मुख्यमंत्री हुड्डा से मिलकर कैथल में जाट धर्मशाला के लिए समाज के लोगों की ओर से चुनी गई तीन जगहों में से किसी एक जगह देने की मांग करेगी।
यदि सरकार की ओर से जमीन नहीं दी गई तो जाट समाज जमीन खरीद कर अपने बूते पर धर्मशाला का निर्माण करेगा। सम्मेलन में धर्मशाला निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व ही 60 से अधिक लोगों ने एक-एक लाख रुपये का दान देने का भी ऐलान किया गया। समाज के इन दानी लोगों को मंच पर सम्मानित भी किया गया।
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सम्मेलन के लिए मास्टर राय सिंह कौलेखां को अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद समिति के संयोजक बलवान सिंह कोटड़ा ने धर्मशाला के लिए शुरू की गई मुहीम की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपने 6 साल के कार्यकाल में जाट शिक्षण संस्था के माध्यम से किए गए कार्यों की भी जानकारी दी।
साथ ही समाज के लोगों की धर्मशाला के निर्माण के लिए सहमति ली। इसके बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक, सम्मेलन के अध्यक्ष मास्टर राय सिंह कौलेखां, आरक्षण आंदोलन के अग्रणी नेता धर्मपाल छौत, पूनिया खाप के सचिव महेंद्र सिंह पूनिया, रामफल मोर, मौण खाप से धूप सिंह मौण, लालचंद शास्त्री आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
सम्मेलन के संयोजक एवं जाट प्रबंधक समिति के पूर्व प्रधान बलवान सिंह कोटड़ा ने बताया कि सम्मेलन में जाट समाज ने कैथल में धर्मशाला की जरूरत समझते हुए समाज की ओर से चुनी गई तीन जगहों में से किसी एक जगह धर्मशाला के लिए जगह देने की मांग का समर्थन किया है।
धर्मशाला के लिए इन जगह का चुनाव
निर्णय लिया गया कि इनमें हुडा सेक्टर 19 में 2900 गज, हनुमान वाटिका एवं रेलवे लाइन के बीच की जगह एवं पुराने बस अड्डे की जगह में से किसी एक जगह में धर्मशाला निर्माण की मांग के लिए 5 जनवरी तक 51 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।
इसके बाद मंत्री रणदीप सुरजेवाला, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलकर इस मांग को पूरा करने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानस रोड की ओर दी जाने वाली जगह को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि सरकार धर्मशाला बनाने के लिए जगह नहीं देगी तो जाट समाज जगह खरीद कर भी धर्मशाला का निर्माण करने में सक्षम है।
आंदोलन में शहीदों को नमन
सम्मेलन में आरक्षण आंदोलन के अग्रणी नेता धर्मपाल छौत, आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक, पूर्व एचसीएस मांगे राम ढुल सहित अन्य वक्ताओं ने जाटों को आरक्षण की मांग पर कहा कि जब तक सरकार नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक आरक्षण संबंधी संघर्ष जारी रहेगी।
साथ ही आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए सुनील श्योराण, संदीप कुमार एवं विजय कुमार को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। साथ ही शहीद सुनील श्योराण की मां का शॉल भेट कर सम्मान किया गया।
स्टेडियम का मुद्दा उठाए पर हंगामा
सम्मेलन में उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई जब जाट धर्मशाला एवं विकास समिति के सदस्य रामफल मोर ने जाट प्रबंधक एडहॉक कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मोर ने कहा कि सरकार के लोगों द्वारा पिछले दरवाजे से एडहॉक कमेटी बनाई गई है। जिसने समाज के गरीब बच्चों की माफ की गई फीस एवं कई युवाओं को नौकरी से हटाने जैसे कार्य किए। इतना ही नहीं एडहॉक कमेटी ने समाज के लोगों को सम्मेलन तक की इजाजत नहीं दी।
उन्होंने जैसे ही कहा कि कुछ लोग जाट मैदान में स्टेडियम बनाना चाहते हैं... की बात उठाई तो समाज के लोग इंद्र मुच्छल, सत्यवान शेरगढ़, राजपाल कादियान, नरेश ढांडा सहित कई समाज के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और विरोध करते हुए मंच तक जा पहुंचे। एक बार तो नौबत हाथापाई तक पहुंच गई थी।
दूसरी ओर से बलराज नौच सहित कई समाज के लोगों ने भी उनका जवाब देना शुरू कर दिया। इसी बीच सम्मलेन के अध्यक्ष मास्टर राय सिंह कौलेखां सहित अन्य के हस्ताक्षेप से मुश्किल से मामला शांत हुआ। मास्टर राय सिंह को घोषणा करनी पड़ी कि धर्मशाला एवं आरक्षण को छोड़कर कोई अन्य राजनैतिक मुद्दा नहीं उठाया जाएगा। तब जाकर सम्मेलन की कार्रवाई आगे बढ़ी।
इन लोगों को मिला सम्मान
कैथल में बनने वाले धर्मशाला के लिए रामफल मोर ने 5 लाख, गांव खुराना से रामफल, धर्मपाल, रघुबीर, ओमप्रकाश, पाली राम, रामकुमार, नरड़ से अमरनाथ, धर्मपाल, रणधीर ने एक-एक लाख, महाबीर बलवंती, लाल सिंह शास्त्री देवीगढ़, बलवान सिंह कोटड़ा, श्रीचंद नौच, चंदाना से दिलीप चंदाना, भगवान सिंह, इकबाल सिंह, सुरेंद्र सरपंच ने एक-एक लाख, रत्न सिंह पेगा, कृष्ण देवबन, हजारी कसान, जोगेंद्र ढुल, मांगे राम हरसौला, प्रेम जाखौली, रामधारी नैन, टेकचंद पट्टी अफगान, रघुबीर सिंह फिरोजपुर, रमेश सरपंच फिरोजपुर, संदीप संदीलखेड़ी, गुरमेल ठेकेदार नौच, चतर सिंह पूनिया, मिया सिंह जाजनपुर, सतीश चौशाला, चांदी राम कैलरम, भूपेंद्र जैलदार भागल, सतनारायण बालू, रामनारायण लांबा खेड़ी, सतीश कुमार देवीगढ़, चांदी राम शेरगढ़, जोरा सिंह बुढ़ाखेड़ा, मास्टर जिले सिंह करोड़ा, ओमपाल चंदाना, खुशी राम रामगढ़, संजीव जुलानीखेड़ा, सत्यवान शेरगढ़, बलबीर ग्योंग, रणधीर नैन, राजा राम कसान, दलबीर चहल, अलबेल नरड़, रामकुमार भेणी माजरा, शिवरण नौच, महाबीर प्यौदा, रामकुमार खरक पांडवा, नसीब सिंह मागो माजरी, सुभाष बड़सीकरी आदि को एक-एक लाख रुपये दान की घोषणा पर सम्मान मिला।
ये लोग भी रहे मौजूद
सम्मेलन में वक्ताओं के अलावा बाहरा खाप से सुरेश खौथ, जाट खाप से सूबेदार रामफल, दहिया खाप से सूबेदार मूलचंद, चहल खाप के सुरजीत चहल, सतवास खाप के रामभगत मलिक, दादरी खाप के सुभाष श्योराण, महेंद्रगढ़ से हवा सिंह लांबा, बलराज नौच, रणबीर फौजी, सुभाष बड़सीकरी, मल्लू बालू, बलराम आदि ने भी भाग लिया।
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सम्मेलन में फैसला लिया गया कि आगामी 5 जनवरी तक समाज के गणमान्य 51 लोगों की समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सभी राजनैतिक पार्टियों से संबंधित लोगों को शामिल किया जाएगा। यह समिति मंत्री रणदीप सुरजेवाला, मुख्यमंत्री हुड्डा से मिलकर कैथल में जाट धर्मशाला के लिए समाज के लोगों की ओर से चुनी गई तीन जगहों में से किसी एक जगह देने की मांग करेगी।
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यदि सरकार की ओर से जमीन नहीं दी गई तो जाट समाज जमीन खरीद कर अपने बूते पर धर्मशाला का निर्माण करेगा। सम्मेलन में धर्मशाला निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व ही 60 से अधिक लोगों ने एक-एक लाख रुपये का दान देने का भी ऐलान किया गया। समाज के इन दानी लोगों को मंच पर सम्मानित भी किया गया।
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सम्मेलन के लिए मास्टर राय सिंह कौलेखां को अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद समिति के संयोजक बलवान सिंह कोटड़ा ने धर्मशाला के लिए शुरू की गई मुहीम की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपने 6 साल के कार्यकाल में जाट शिक्षण संस्था के माध्यम से किए गए कार्यों की भी जानकारी दी।
साथ ही समाज के लोगों की धर्मशाला के निर्माण के लिए सहमति ली। इसके बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक, सम्मेलन के अध्यक्ष मास्टर राय सिंह कौलेखां, आरक्षण आंदोलन के अग्रणी नेता धर्मपाल छौत, पूनिया खाप के सचिव महेंद्र सिंह पूनिया, रामफल मोर, मौण खाप से धूप सिंह मौण, लालचंद शास्त्री आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
सम्मेलन के संयोजक एवं जाट प्रबंधक समिति के पूर्व प्रधान बलवान सिंह कोटड़ा ने बताया कि सम्मेलन में जाट समाज ने कैथल में धर्मशाला की जरूरत समझते हुए समाज की ओर से चुनी गई तीन जगहों में से किसी एक जगह धर्मशाला के लिए जगह देने की मांग का समर्थन किया है।
धर्मशाला के लिए इन जगह का चुनाव
निर्णय लिया गया कि इनमें हुडा सेक्टर 19 में 2900 गज, हनुमान वाटिका एवं रेलवे लाइन के बीच की जगह एवं पुराने बस अड्डे की जगह में से किसी एक जगह में धर्मशाला निर्माण की मांग के लिए 5 जनवरी तक 51 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।
इसके बाद मंत्री रणदीप सुरजेवाला, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलकर इस मांग को पूरा करने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानस रोड की ओर दी जाने वाली जगह को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि सरकार धर्मशाला बनाने के लिए जगह नहीं देगी तो जाट समाज जगह खरीद कर भी धर्मशाला का निर्माण करने में सक्षम है।
आंदोलन में शहीदों को नमन
सम्मेलन में आरक्षण आंदोलन के अग्रणी नेता धर्मपाल छौत, आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक, पूर्व एचसीएस मांगे राम ढुल सहित अन्य वक्ताओं ने जाटों को आरक्षण की मांग पर कहा कि जब तक सरकार नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक आरक्षण संबंधी संघर्ष जारी रहेगी।
साथ ही आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए सुनील श्योराण, संदीप कुमार एवं विजय कुमार को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। साथ ही शहीद सुनील श्योराण की मां का शॉल भेट कर सम्मान किया गया।
स्टेडियम का मुद्दा उठाए पर हंगामा
सम्मेलन में उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई जब जाट धर्मशाला एवं विकास समिति के सदस्य रामफल मोर ने जाट प्रबंधक एडहॉक कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मोर ने कहा कि सरकार के लोगों द्वारा पिछले दरवाजे से एडहॉक कमेटी बनाई गई है। जिसने समाज के गरीब बच्चों की माफ की गई फीस एवं कई युवाओं को नौकरी से हटाने जैसे कार्य किए। इतना ही नहीं एडहॉक कमेटी ने समाज के लोगों को सम्मेलन तक की इजाजत नहीं दी।
उन्होंने जैसे ही कहा कि कुछ लोग जाट मैदान में स्टेडियम बनाना चाहते हैं... की बात उठाई तो समाज के लोग इंद्र मुच्छल, सत्यवान शेरगढ़, राजपाल कादियान, नरेश ढांडा सहित कई समाज के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और विरोध करते हुए मंच तक जा पहुंचे। एक बार तो नौबत हाथापाई तक पहुंच गई थी।
दूसरी ओर से बलराज नौच सहित कई समाज के लोगों ने भी उनका जवाब देना शुरू कर दिया। इसी बीच सम्मलेन के अध्यक्ष मास्टर राय सिंह कौलेखां सहित अन्य के हस्ताक्षेप से मुश्किल से मामला शांत हुआ। मास्टर राय सिंह को घोषणा करनी पड़ी कि धर्मशाला एवं आरक्षण को छोड़कर कोई अन्य राजनैतिक मुद्दा नहीं उठाया जाएगा। तब जाकर सम्मेलन की कार्रवाई आगे बढ़ी।
इन लोगों को मिला सम्मान
कैथल में बनने वाले धर्मशाला के लिए रामफल मोर ने 5 लाख, गांव खुराना से रामफल, धर्मपाल, रघुबीर, ओमप्रकाश, पाली राम, रामकुमार, नरड़ से अमरनाथ, धर्मपाल, रणधीर ने एक-एक लाख, महाबीर बलवंती, लाल सिंह शास्त्री देवीगढ़, बलवान सिंह कोटड़ा, श्रीचंद नौच, चंदाना से दिलीप चंदाना, भगवान सिंह, इकबाल सिंह, सुरेंद्र सरपंच ने एक-एक लाख, रत्न सिंह पेगा, कृष्ण देवबन, हजारी कसान, जोगेंद्र ढुल, मांगे राम हरसौला, प्रेम जाखौली, रामधारी नैन, टेकचंद पट्टी अफगान, रघुबीर सिंह फिरोजपुर, रमेश सरपंच फिरोजपुर, संदीप संदीलखेड़ी, गुरमेल ठेकेदार नौच, चतर सिंह पूनिया, मिया सिंह जाजनपुर, सतीश चौशाला, चांदी राम कैलरम, भूपेंद्र जैलदार भागल, सतनारायण बालू, रामनारायण लांबा खेड़ी, सतीश कुमार देवीगढ़, चांदी राम शेरगढ़, जोरा सिंह बुढ़ाखेड़ा, मास्टर जिले सिंह करोड़ा, ओमपाल चंदाना, खुशी राम रामगढ़, संजीव जुलानीखेड़ा, सत्यवान शेरगढ़, बलबीर ग्योंग, रणधीर नैन, राजा राम कसान, दलबीर चहल, अलबेल नरड़, रामकुमार भेणी माजरा, शिवरण नौच, महाबीर प्यौदा, रामकुमार खरक पांडवा, नसीब सिंह मागो माजरी, सुभाष बड़सीकरी आदि को एक-एक लाख रुपये दान की घोषणा पर सम्मान मिला।
ये लोग भी रहे मौजूद
सम्मेलन में वक्ताओं के अलावा बाहरा खाप से सुरेश खौथ, जाट खाप से सूबेदार रामफल, दहिया खाप से सूबेदार मूलचंद, चहल खाप के सुरजीत चहल, सतवास खाप के रामभगत मलिक, दादरी खाप के सुभाष श्योराण, महेंद्रगढ़ से हवा सिंह लांबा, बलराज नौच, रणबीर फौजी, सुभाष बड़सीकरी, मल्लू बालू, बलराम आदि ने भी भाग लिया।