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सरकार के खिलाफ गरजे जाट, आज यशपाल मलिक भरेंगे जोश
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:08 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण की मांग को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले बल्ला में चल रहा धरना पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। धरने में पांचवें दिन जिले के दूर-दराज के गांवों के लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर हुंकार भरी। इस दौरान ऐलान किया गया कि शुक्रवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक शुक्रवार को बल्ला में पहुंचकर धरने की आगामी रणनीति तय करेंगे। धरने को सुचारु रूप से चलाने के लिए गांव दर गांव घूमकर चंदा एकत्र कर धरनास्थल पर जमा करवाया जा रहा है।
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वीरवार को धरना जयसिंह पुरा गांव के परमाल सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुआ। इससे पहले बल्ला गांव की धरना समिति के सदस्यों ने एक बैठक आयोजित की गई। समिति मेंबर बलवान सिंह मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि गांव में धरने के बेहतर संचालन के लिए बल्ला के किसानों की ओर से आए सुझाव के बाद प्रति एकड़ की दर से चंदा तय करने पर समिति सदस्यों ने मुहर लगा दी। इसके अलावा शुक्रवार को यशपाल मलिक के धरनास्थल पर पहुंचने को लेकर की जाने वाली तैयारियों पर भी भावी रूपरेखा तैयार की गई।
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बृहस्पतिवार को जाट महासभा करनाल की ओर से पहुंचे संरक्षक सुखबीर सिंह संधू, शमशेर सिंह संधू और जोगेंद्र संधू सहित अन्य ने कहा कि सरकार को चाहिए कि रासुका या धारा-144 का भय दिखाने की बजाय जाट समुदाय की मांगों को अविलंब पूरा करे। इस मौके पर समिति के जिला प्रधान नफे सिंह मान ने कहा कि सरकार से कई दौर की वार्ता के बावजूद उनकी मांगों पर सहमति जताई जा चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से इनको पूरा करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस मौके पर महिलाओं ने गीत सुनाकर सभास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी मांगों को पूरा करवाने के लिए छेड़े गए आंदोलन में उनका पूर्ण सहयोग बना रहेगा।
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तैयारियों में जुटे जाट समाज के लोग
शुक्रवार को बल्ला में यशपाल मलिक के पहुंचने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने उनके स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीं। सभा स्थल पर अन्य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ की आशंका को देखते हुए पांडाल की जगह पर अतिरिक्त मिट्टी डालकर उसे कई घंटों तक तैयार किया गया। इसी के साथ शुक्रवार को अन्य दिनों बनने वाले खाने की जगह विशेष खाना बनाने का निर्णय लिया है। स्पेशल खाने वाले मैन्यू को लेकर कमेटी सदस्यों की ओर से देर शाम बैठक चलती रही।
धरने के लिए चंदा एकत्र करने में जुटे लोग
धरने को सुचारु रूप से चलाने के लिए जिले के कई गांवों ने अपने स्तर पर चंदा एकत्र कर धरना स्थल पर पहुंचाना शुरू कर दिया है, ताकि सभास्थल पर जलपान और लंगर चलता रहे। बल्ला गांव की ओर से 1.5 लाख रुपये, बसी और गगसीना गांव की ओर से 11 हजार व दुपेडी गांव की ओर से 51 सौ रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई, जबकि कुड़लन गांव की ओर से 61 हजार रुपये सभास्थल पर देने का ऐलान किया गया।
दूसरी बिरादरियों का समर्थन जारी
जाट समुदाय सहित अन्य समुदाय के लोगों को धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन देने का सिलसिला जारी है। इंद्री ब्लॉक के कलसौरा, रायपुर जाटान, हसनपुर सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने मौके पर अपना समर्थन दिया। इसके अलावा गंगादत्त शर्मा, ईश्वर शर्मा, रामरतन शर्मा, लक्ष्मी नारायण, महा सिंह प्रजापत, भगत प्रजापत, नफे सिंह सैनी, जौली के पूर्व सरपंच हिसम सिंह, रंगरूटीखेडा के पूर्व सरपंच सतबीर सिंह, असंध ब्लाक समिति के पूर्व अध्यक्ष बलविंद्र सिंह जूण, कर्ण सिंह जूण, इंद्र सिंह, प्रेम सिंह, जगदीश जूण, फफडाना गांव के सतीश दूहन, जय सिंह पुरा के सुनील सिंधड आदि ग्रामीणों ने धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन देने की घोषणा की।