जाट आंदोलन रोकने की तैयारियों में जुटा प्रशासन
आरक्षण के लिए 29 जनवरी से शुरू होने वाले संभावित जाट आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी अपनी तैयारियां पूरी रखें। किसी को भी कानून अपने हाथ लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सभी अधिकारी इसकी समय रहते पूरी व्यवस्था कर लें। उक्त निर्देश डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने मंगलवार को स्थानीय विकास सदन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए दी। डीसी ने कहा कि समूचे जिला में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किये जा रहे हैं। सभी अधिकारी अपने-2 क्षेत्रों की स्थिति का मूल्यांकन करके निर्धारित समय के अनुसार उच्चाधिकारियों को सूचना दे। एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखना हम सबका पहला कार्य है यदि किसी ने कानून हाथ में लिया तो सीधी कार्रवाई करने से नहीं चुकेंगे। इस मौके पर आयुक्त नगरनिगम आदित्या दहिया, एसडीएम करनाल योगेश कुमार, एमडी शुगरमिल वर्षा खांगवाल, एसडीएम इन्द्री अश्विनी मलिक, एसडीएम असंध सुशील मलिक, सीटीएम सुधांशु गौतम, एसीयूटी प्रीति सहित सभी विभागों के आला अधिकारी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
हिंसात्मक आंदोलन के पक्ष में नही है जाट समाज
इस मौके पर जाट महासभा के प्रधान जोगेंद्र लाठर ने बताया कि जाट समाज किसी भी प्रकार के हिंसात्मक आंदोलन का पक्षधर नहीं है और आरक्षण से संबंधित जो भी फैसला माननीय कोर्ट द्वारा दिया जाएगा वह सर्वमान्य होगा। जाट समाज 36 बिरादरी की एकता को कायम करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। पीस कमेटी की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कपिल अत्रेजा, प्रमोद गुप्ता, संदीप लाठर, भूपेंद्र लाठर, कृष्ण लाल तनेजा, संजीव नरवाल, रूपनारायण चानना, संजय बत्तरा, प्रीतपाल सिंह पन्नू आदि मौजूद रहे।