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बेटी का शव सड़क पर रखकर लगाया जाम
करनाल
Updated Tue, 27 May 2014 11:53 PM IST
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करीब तीन साल पहले पड़ोस के लड़के से प्रेम विवाह करने वाली लड़की रजनी की
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संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रजनी के परिजनों ने पति शम्मी और
उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है।
शम्मी और रजनी ने तीन साल पहले घर से भागकर शादी कर ली थी और तब से वे देहरादून में रह रहे थे। देहरादून में ही रजनी की मौत हुई, जहां उसके परिजनों ने शम्मी और उसके परिजनों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। मंगलवार को परिजनों ने करनाल-कैथल रोड पर रजनी का शव रखकर जाम लगा दिया।
वे केस को देहरादून से करनाल ट्रांसफर करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। करीब पौने घंटे तक उन्होंने शव को सड़क पर रखे रखा। जाम से वाहनों की कतारें लग गई। विरोध जता रहे परिजनों की कई बार पुलिस और वाहन चालकों से तू-तू मैं-मैं हुई। जाम सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर लगाया और पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद 10 बजकर 21 मिनट पर खुलवाया।
शिव कॉलोनी की लड़की रजनी (24) के पिता बाबूराम, मां सतोष, भाई दीपक, जीजा राजेंद्र, दीपक सहित रीना, निशा ने बताया कि तीन साल पहले रजनी को बहला फुसलाकर पड़ोसी शम्मी ले गया था और कुछ दिन बाद शादी कर ली थी। उसी दिन से दोनों देहरादून में रहते थे। 25 मई शाम साढ़े चार बजे रजनी की मौत हो गई और उन्हें रात को लड़के के दोस्तों ने फोन पर यह सूचना दी।
सूचना मिलने पर वे देहरादून गए और पुलिस को आपबीती सुनाई। परिजनों ने पुलिस को बयान दिए हैं कि पति शम्मी, इसके पिता, माता, बहन, भाई, चाचा सहित परिवार के लोगों ने पूरी प्लानिंग करके लड़की रजनी की हत्या की है। इस तरह की धमकी शम्मी व उसके परिवार के लोग पहले भी देते रहे हैं। इंसाफ के लिए मंगलवार को जाम लगाना पड़ा। पुलिस ने फिलहाल आरोपी गिरफ्तार नहीं किए हैं और वह बार-बार धमकी दे रहे हैं।
इससे उनके परिवार से खतरा है। पुलिस केस में पक्षपात कर रही है। डीएसपी सिटी राजकुमार ने मौके पर पहुंचकर देहरादून में साथ जाने का आश्वासन दिया और कार्रवाई में पूरा सहयोग करने की बात कही। इसके बाद परिजनों ने शव हटाकर जाम खोल दिया। पुलिस ने ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलवाने में 20 से 25 मिनट का समय लगाया।
काछवा पुल पर भी दो घंटे लगा जाम
कैथल पुल पर जाम लगाने के बाद वाहन चालकों ने नहर से होते हुए काछवा पुल से वाहनों की आवाजाही की। वहां पर ट्रैफिक ज्यादा होेने पर बुरी तरह से जाम लग गया। रोडवेज की एक दर्जन बसों सहित अन्य सैकड़ों वाहन दो घंटे तक जाम में फंसे रहे। जाम नहर से लेकर माल रोड तक करीब दो किलोमीटर की लंबी लाइन रही। कैथल पुल से जाम खुलने के बाद भी पौने घंटे तक काछवा पुल से वाहन टस से मस नहीं हुए। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शम्मी और रजनी ने तीन साल पहले घर से भागकर शादी कर ली थी और तब से वे देहरादून में रह रहे थे। देहरादून में ही रजनी की मौत हुई, जहां उसके परिजनों ने शम्मी और उसके परिजनों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। मंगलवार को परिजनों ने करनाल-कैथल रोड पर रजनी का शव रखकर जाम लगा दिया।
वे केस को देहरादून से करनाल ट्रांसफर करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। करीब पौने घंटे तक उन्होंने शव को सड़क पर रखे रखा। जाम से वाहनों की कतारें लग गई। विरोध जता रहे परिजनों की कई बार पुलिस और वाहन चालकों से तू-तू मैं-मैं हुई। जाम सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर लगाया और पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद 10 बजकर 21 मिनट पर खुलवाया।
शिव कॉलोनी की लड़की रजनी (24) के पिता बाबूराम, मां सतोष, भाई दीपक, जीजा राजेंद्र, दीपक सहित रीना, निशा ने बताया कि तीन साल पहले रजनी को बहला फुसलाकर पड़ोसी शम्मी ले गया था और कुछ दिन बाद शादी कर ली थी। उसी दिन से दोनों देहरादून में रहते थे। 25 मई शाम साढ़े चार बजे रजनी की मौत हो गई और उन्हें रात को लड़के के दोस्तों ने फोन पर यह सूचना दी।
सूचना मिलने पर वे देहरादून गए और पुलिस को आपबीती सुनाई। परिजनों ने पुलिस को बयान दिए हैं कि पति शम्मी, इसके पिता, माता, बहन, भाई, चाचा सहित परिवार के लोगों ने पूरी प्लानिंग करके लड़की रजनी की हत्या की है। इस तरह की धमकी शम्मी व उसके परिवार के लोग पहले भी देते रहे हैं। इंसाफ के लिए मंगलवार को जाम लगाना पड़ा। पुलिस ने फिलहाल आरोपी गिरफ्तार नहीं किए हैं और वह बार-बार धमकी दे रहे हैं।
इससे उनके परिवार से खतरा है। पुलिस केस में पक्षपात कर रही है। डीएसपी सिटी राजकुमार ने मौके पर पहुंचकर देहरादून में साथ जाने का आश्वासन दिया और कार्रवाई में पूरा सहयोग करने की बात कही। इसके बाद परिजनों ने शव हटाकर जाम खोल दिया। पुलिस ने ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलवाने में 20 से 25 मिनट का समय लगाया।
काछवा पुल पर भी दो घंटे लगा जाम
कैथल पुल पर जाम लगाने के बाद वाहन चालकों ने नहर से होते हुए काछवा पुल से वाहनों की आवाजाही की। वहां पर ट्रैफिक ज्यादा होेने पर बुरी तरह से जाम लग गया। रोडवेज की एक दर्जन बसों सहित अन्य सैकड़ों वाहन दो घंटे तक जाम में फंसे रहे। जाम नहर से लेकर माल रोड तक करीब दो किलोमीटर की लंबी लाइन रही। कैथल पुल से जाम खुलने के बाद भी पौने घंटे तक काछवा पुल से वाहन टस से मस नहीं हुए। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।