छह जगहों पर जाम, जनता परेशान
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इससे रोडवेज डिपो की करीब सौ बसें बंद हो गई और 86 बसों को चंडीगढ़ से दिल्ली जीटी रोड पर चलाया गया। असंध के गांव बल्ला, फफड़ाना, जयसिंहपुरा, जबाला, मोरमाजरा व घरौंडा क्षेत्र के गगसीना गांव में दिनभर जाम रहा। युवकों ने सड़कों के पास खड़े पेड़ों को काटकर जाम लगा दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। जाम लगा रहे लोगों ने न किसी बुजुर्ग को जाने दिया और न ही किसी अन्य वाहन को, जबकि लोग मजबूरी बताकर रास्ता मांगते रहे, लेकिन किसी को भी नहीं जाने दिया। 11 घंटे के बाद गांव जयसिंहपुरा, जबाला, बल्ला से जाम खुल गया, जबकि फफड़ाना मोड़ पर सफेदे का पेड़ काटकर सड़क के बीचों बीच डाल दिया। विरोध जता रहे लोगों ने चेताया है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे से फिर जाम शुरू हो जाएगा।
गुरुवार को सुबह आठ बजे से शाम सात बजे तक जाम लगाकर विरोध जताया। जिले में जाट आरक्षण का असर सबसे अधिक रोडवेज के राजस्व पर पड़ा। अधिकारियों ने गुरुवार को करीब छह लाख रुपये का राजस्व कम होने की संभावना जताई है। उधर, असंध पूरी तरह से बंद रहने से जन जीवन भी प्रभावित रहा। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट रहने के आदेश जारी किए हैं, उधर एसपी पंकज नैन ने सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि वे जाम न लगाएं और शांति बनाए रखें।
स्कूली बच्चों से लेकर आमजन के छूटे पसीने असंध। जाट आरक्षण की चिंगारी असंध क्षेत्र में भी पहुंच गई। जाट आरक्षण की मांग को लेकर असंध क्षेत्र के जाट सड़कों पर उतर आए। उन्होंने क्षेत्र में चार जगह आरक्षण की मांग की। इस दौरान लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाटों ने आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ रोष प्रकट किया। जाम के दौरान यात्रियों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी हुई। इस दौरान जाट लोगों ने असंध पानीपत मार्ग पर बडे़-बडे़ वृक्ष काट कर रोड जाम किया। इससे वाहन चालकों को पूरा दिन धक्के खाने पड़े। जाम की सूचना मिलने के बाद एसडीएम सुशील मलिक, डीएसपी बलजिंद्र सिंह, तहसीलदार अभिषेक बिबयान, नायब तहसीलदार हिम्मत सिंह, थाना प्रभारी हरिंद्र सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शकारी लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन असफल रहे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए करनाल से रिजर्व पुलिस बल की दो टुकड़ी बुलाई गई।
चार जगह लगाया जाम असंध क्षेत्र में भी जाटों ने जाम लगाकर आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर लंगर डाल दिया। सैकड़ाें लोगों ने जयसिंहपुरा, जभाला, फफड़ाना व बल्ला में जाम लगाकर अपना रोष प्रकट किया। जाट समुदाय के लोगों बलिंद्र सिंह, जयकुमार, गुरदयाल, बलकार, राजबीर, सुनील, नरेंद्र, रणबीर, प्रकाश, छत्रपाल, शमशेर का कहना था कि सरकार जाट समुदाय के लोगों के साथ अन्याय कर रही है। वे हमारा हक किसी ओर को दे रही है। जब तक हमरा हक हमें नहीं मिलता तब तक हम शांत नहीं बैठेंगे।
पुलिस ने बदले वाहनों के रूट असंध क्षेत्र में लगे जाम के कारण हर वर्ग को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हरियाणा रोजवेज की बसों का चक्का जाम रहा, वहीं अन्य नीजी वाहनों को भी भारी परेशानी रही। जगह-जगह वाहनों की लंबी लाइनें लगी रही। पुलिस ने वाहनों के रूट भी बदले, लेकिन दूसरी जगह भी जाम लगा होने की वजह से उन्हें केवल निराशा ही हाथ लगी।
स्कूल बसों को भी नहीं दिया रास्ता आरक्षण को लेकर जाम लगाने वाले लोगों ने किसी भी वाहन को जाम से निकलने के लिए रास्ता नहीं दिया। इससे सभी को काफी परेशानी हुई। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद बच्चों को भी घर पहुंचने में काफी परेशानी हुई।
वाहनों का इंतजार करते रहे यात्री असंध क्षेत्र में कई मेन रूटों पर जाम लगा होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हुई। हरियाणा रोडवेज की बसों के सारा दिन न चलने व निजी वाहनों के जाम में फंसा होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे थे। इस कारण उन्हें देर रात तक वाहनों का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कुछ यात्री तो पैदल ही अपने घरों को जाते नजर आए।