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Karnal News: 14 साल बाद भी विकसित नहीं हो पाया कर्ण नगरी का औद्योगिक सेक्टर-37

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2025 01:34 AM IST
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Industrial Sector-37 of Karna Nagari could not be developed even after 14 years.
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। शहर के औद्योगिक चारों सेक्टरों में सेक्टर-37 आज भी विकास से अछूता पड़ा है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) की ओर से 14 साल पहले 2012 में जीटी रोड के साथ लगती 207 एकड़ जमीन पर विकसित किया गया औद्योगिक सेक्टर आज भी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाया है। हालांकि अब यहां एचएसआईआईडीसी उद्यमियों को उद्योगों के लिए नीलामी पर प्लॉट लेकर यहां उद्योग स्थापित करने का मौका दे रहा है। यहां पड़े खाली प्लॉटों की ऑनलाइन नीलामी जनवरी में प्रस्तावित है।

एचएसआईआईडीसी की ओर से प्लान किए गए इस सेक्टर में फिलहाल भी 178 प्लॉटों में से केवल 85 प्लाॅट ही अलॉट हो पाएं हैं। बाकी बचे 93 खाली प्लॉटों की अब ऑनलाइन नीलामी होगी। जिसके लिए पंजीकरण की अंतिम प्रक्रिया 18 दिसंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद इस सेक्टर में उद्योग आ पाएंगे जो लोगों को रोजगार भी देंगे। जबकि दूसरी ओर इसके मुकाबले सेक्टर-3ए, सेक्टर-3 (एक्सटेंशन) और सेक्टर-3 काफी हद तक विकसित हो चुका है। हालांकि इनमें भी कुछ प्लॉट खाली हैं।
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सेक्टर-37 में कॉमर्शियल प्लॉट के लिए अलग से जमीन रिजर्व की गई है। अस्पताल के लिए भी जगह रखी गई है। इसके साथ-साथ पार्क, ग्रीन बेल्ट आदि बनाने के लिए आरक्षित की गई है। इस बड़े सेक्टर के विकसित होने से नए उद्यमियों को स्थान मिल सकेगा। जिससे शहर में नए उद्योगों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इस औद्योगिक सेक्टर के विकसित होने पर यहां बड़ी संख्या में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। जिससे शहर के विकास को भी गति मिलेगी। साथ ही हरियाणा सरकार का भी राजस्व बढ़ेगा। यहां स्थापित होने वाली नई औद्योगिक इकाइयों में बेरोजगार लोगों को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
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30 साल की प्लानिंग चार सेक्टरों पर काम
कर्ण नगरी को औद्योगिक सेक्टर देने के लिए 1967 में गठित किए गए हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने चार सेक्टरों को बनाने की प्लानिंग की थी। शहर में प्लानिंग के अनुसार सेक्टर-3ए और सेक्टर-3 (एक्सटेंशन) 2005 में, सेक्टर-3 को 2009 में और सेक्टर-37 को 2012 में काटा गया। इसका उद्देश्य हरियाणा में उद्योगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना रहा। यह निगम औद्योगिक क्षेत्रों, थीम पार्कों और अन्य वाणिज्यिक परियोजनाओं के विकास के लिए बनाया गया। इनमें सेक्टर तीन में 235 प्लॉट, सेक्टर तीन ए में 176 प्लॉट और सेक्टर तीन एक्सटेंशन में 87 प्लॉट हैं। इनमें से ज्यादातर प्लॉट अलॉट किए जा चुके हैं। हालांकि फिलहाल इनमें से कुछ प्लॉट खाली पड़े हैं। जिनमें उद्योग स्थापित किए जाने हैं। अब सेक्टर 37 के अधूरे विकास को पूरी तरह विकसित करने का प्लान बनाया गया है। जिसके खाली प्लॉटों की नीलामी का शेड्यूल भी तैयार हो चुका है।




सेक्टर 37 के खाली प्लॉटों की ऑनलाइन नीलामी की जाएगी। इसके लिए हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) की ओर से आवेदन मांगे गए हैं। 18 दिसंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं। इसके बाद छह जनवरी को इनकी नीलामी हो जाएगी। वहीं, सेक्टर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी एचएएसआईआईडीसी काम कर रहा है। इससे कर्ण नगरी के इस औद्योगिक सेक्टर को एक पहचान मिलेगी। औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ बड़ी संख्या में हरियाणा के बेरोजगारों को नौकरियां भी मिलेंगी।

- मंजीत बलहारा, संपदा प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी, करनाल
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