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बिरादरी कहेगी तो आज ही इस्तीफा दे दूंगा, लांछन बर्दाश्त नहीं : भूपेंद्र लाठर
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पत्रकार वार्ता में दस्तावेज दिखाते भूपेंद्र लाठर संवाद
करनाल। जाट महासभा करनाल की प्रधानी पर राह बुधवार को पंचायत में भी नहीं थमी। समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से बुलाई गई 42 सदस्यीय पंचायत विफल रही। विरोधी पक्ष ने शर्त रखी कि पंचायत में भूपेंद्र लाठर या उनके परिवार का कोई व्यक्ति मौजूद न हो। इस शर्त के नहीं माने जाने पर विरोधी पक्ष के सभी लोग उठकर चले गए।
बैठक से उठकर जाने के बाद मौजूदा प्रधान भूपेंद्र लाठर ने प्रेस वार्ता की। कहा कि यदि बिरादरी फैसला करेगी तो वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे। परंतु समाज के नाम पर निजी स्वार्थ साधना और झूठे लांछन बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका परिवार कभी पद का भूखा नहीं रहा। साल 2013-14 में उनके पिता जोगिंदर लाठर को जबरन उम्मीदवार बनाया गया था। लाठर का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक है।
उन्होंने विरोधी पक्ष पर पंचायत छोड़कर भागने और अपमानजनक शब्द प्रयोग करने का आरोप लगाया। लाठर ने 1994 से 2013 तक के पुराने रिकॉर्ड प्रस्तुत किए। इसमें हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई एडीसी जांच रिपोर्ट भी शामिल थी। उन्होंने पुराने पदाधिकारियों शमशेर सिंह संधू और नफे सिंह मान गुट पर निशाना साधा।
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कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष नरवाल ने बताया कि जाट धर्मशाला में पंचायत बुलाई गई थी। दोनों पक्षों से 21-21 सदस्य तय किए गए थे। बैठक शुरू होते ही विरोधी पक्ष ने शर्त रखी कि भूपेंद्र लाठर या उनके परिवार का कोई व्यक्ति मौजूद न हो। इस शर्त को मानने से इन्कार करने पर विरोधी पक्ष पंचायत छोड़कर चला गया। कार्यकारिणी ने आरोप लगाया कि विरोधियों का मकसद केवल विवाद खड़ा करना है।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
भूपेंद्र लाठर ने पुराने पदाधिकारियों पर गंभीर वित्तीय व नियम उल्लंघन के आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया के सामने संस्था के बायलॉज के दस्तावेज भी लहराए। लाठर गुट ने साफ किया कि 13 तारीख को होने वाले कॉलेजियम चुनाव के लिए वे तैयार हैं। भूपेंद्र लाठर ने कहा कि फैसला धर्मशाला में बैठकर होगा, किसी के घर पर नहीं।
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बैठक से उठकर जाने के बाद मौजूदा प्रधान भूपेंद्र लाठर ने प्रेस वार्ता की। कहा कि यदि बिरादरी फैसला करेगी तो वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे। परंतु समाज के नाम पर निजी स्वार्थ साधना और झूठे लांछन बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका परिवार कभी पद का भूखा नहीं रहा। साल 2013-14 में उनके पिता जोगिंदर लाठर को जबरन उम्मीदवार बनाया गया था। लाठर का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक है।
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उन्होंने विरोधी पक्ष पर पंचायत छोड़कर भागने और अपमानजनक शब्द प्रयोग करने का आरोप लगाया। लाठर ने 1994 से 2013 तक के पुराने रिकॉर्ड प्रस्तुत किए। इसमें हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई एडीसी जांच रिपोर्ट भी शामिल थी। उन्होंने पुराने पदाधिकारियों शमशेर सिंह संधू और नफे सिंह मान गुट पर निशाना साधा।
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कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष नरवाल ने बताया कि जाट धर्मशाला में पंचायत बुलाई गई थी। दोनों पक्षों से 21-21 सदस्य तय किए गए थे। बैठक शुरू होते ही विरोधी पक्ष ने शर्त रखी कि भूपेंद्र लाठर या उनके परिवार का कोई व्यक्ति मौजूद न हो। इस शर्त को मानने से इन्कार करने पर विरोधी पक्ष पंचायत छोड़कर चला गया। कार्यकारिणी ने आरोप लगाया कि विरोधियों का मकसद केवल विवाद खड़ा करना है।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
भूपेंद्र लाठर ने पुराने पदाधिकारियों पर गंभीर वित्तीय व नियम उल्लंघन के आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया के सामने संस्था के बायलॉज के दस्तावेज भी लहराए। लाठर गुट ने साफ किया कि 13 तारीख को होने वाले कॉलेजियम चुनाव के लिए वे तैयार हैं। भूपेंद्र लाठर ने कहा कि फैसला धर्मशाला में बैठकर होगा, किसी के घर पर नहीं।