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बैंक ने जमीन नीलाम की तो होगा आंदोलन : टिकैत
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संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। जलाला वीरान गांव में कर्जदार किसान ऋषिपाल की बैंक की ओर से सवा दो एकड़ जमीन की नीलामी करने के मामले में बुधवार को किसानों की पंचायत हुई। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यदि किसान पर 17 लाख रुपये कर्ज है तो डीसी रेट पर जमीन की कीमत आंकी जानी चाहिए थी। उस रेट से जितनी जमीन बेचने से कर्ज पूरा होता उतनी ही जमीन नीलाम करते। जिस तरह उद्यमी के साथ समझौता होता है, उसी तरह किसान के साथ भी करना चाहिए था। किसान को कर्ज चुकाने के लिए छह महीने का समय दिया जाना चाहिए था। इस जमीन को नीलाम नहीं होने दिया जाएगा। यदि बैंक नहीं माना तो आंदोलन होगा।
टिकैत ने आरोप लगाया कि किसान को बिना नोटिस दिए मिलीभगत करके उसकी जमीन नीलाम कर दी गई। उन्होंने चंदन बंजारे व राजस्थान के एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि भाकियू ने नीलामी रुकवाकर किसान का उसकी जमीन पर कब्जा बरकरार रखा था। उन्होंने कहा कि किसान की जमीन बेचकर बैंक में कर्ज अदा किया जा सकता है। डीसी के माध्यम से भी कर्ज चुकाया जा सकता है। जमीन लेने वाले पानीपत के किसान से भी बातचीत कर अपने पैसे लेने व किसान की जमीन वापस देने संबंधित बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसान को अपनी जमीन खुद बेचने की इजाजत मिलनी चाहिए।
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि आज भ्रष्टाचार करके एक किसान की जमीन नीलाम की गई। कल दूसरे की होगी। पंचायत में अखिल भारतीय किसान सभा के खंड प्रधान गुलजार सिंह, शाम सिंह, महताब कादियान, फतेह सिंह झींडा, जगदीप औलख, फूल सिंह, अमन बब्बर, मुख्त्यार सिंह, आशीष, जसपाल व निरवैर रत्तक सहित अन्य किसान नेता मौजूद थे।
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निसिंग। जलाला वीरान गांव में कर्जदार किसान ऋषिपाल की बैंक की ओर से सवा दो एकड़ जमीन की नीलामी करने के मामले में बुधवार को किसानों की पंचायत हुई। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यदि किसान पर 17 लाख रुपये कर्ज है तो डीसी रेट पर जमीन की कीमत आंकी जानी चाहिए थी। उस रेट से जितनी जमीन बेचने से कर्ज पूरा होता उतनी ही जमीन नीलाम करते। जिस तरह उद्यमी के साथ समझौता होता है, उसी तरह किसान के साथ भी करना चाहिए था। किसान को कर्ज चुकाने के लिए छह महीने का समय दिया जाना चाहिए था। इस जमीन को नीलाम नहीं होने दिया जाएगा। यदि बैंक नहीं माना तो आंदोलन होगा।
टिकैत ने आरोप लगाया कि किसान को बिना नोटिस दिए मिलीभगत करके उसकी जमीन नीलाम कर दी गई। उन्होंने चंदन बंजारे व राजस्थान के एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि भाकियू ने नीलामी रुकवाकर किसान का उसकी जमीन पर कब्जा बरकरार रखा था। उन्होंने कहा कि किसान की जमीन बेचकर बैंक में कर्ज अदा किया जा सकता है। डीसी के माध्यम से भी कर्ज चुकाया जा सकता है। जमीन लेने वाले पानीपत के किसान से भी बातचीत कर अपने पैसे लेने व किसान की जमीन वापस देने संबंधित बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसान को अपनी जमीन खुद बेचने की इजाजत मिलनी चाहिए।
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भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि आज भ्रष्टाचार करके एक किसान की जमीन नीलाम की गई। कल दूसरे की होगी। पंचायत में अखिल भारतीय किसान सभा के खंड प्रधान गुलजार सिंह, शाम सिंह, महताब कादियान, फतेह सिंह झींडा, जगदीप औलख, फूल सिंह, अमन बब्बर, मुख्त्यार सिंह, आशीष, जसपाल व निरवैर रत्तक सहित अन्य किसान नेता मौजूद थे।
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