रोडवेज माना, दूसरे विभाग अड़े

कैथल Updated Tue, 21 Jan 2014 11:59 PM IST
holding another department
सरकार के साथ सोमवार रात चंडीगढ़ में हुई बैठक के बाद रोडवेज की हड़ताल मंगलवार सुबह खुल गई। हड़ताल खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं अन्य विभागों ने मंगलवार से हड़ताल शुरू की जो 23 जनवरी तक जारी रहेगी। इस हड़ताल का विभिन्न विभागों में मिला-जुला असर देखने को मिला। हड़ताल में शामिल हुए विभिन्न विभागों में सबसे ज्यादा बिजली निगम के कर्मचारी शामिल रहे। इसके अलावा नगर परिषद, शिक्षा, जनस्वास्थ्य समेत अन्य विभागों में कहीं आंशिक तो कहीं व्यापक असर देखने को मिला।

सोमवार को रोडवेज की हड़ताल के बाद रोडवेज कर्मचारी मंगलवार सुबह करीब 4:45 बजे बस अड्डे पर एकत्रित हुए। यहां से उन्हें जानकारी मिली कि रात को हुई सरकार के साथ बातचीत में उनकी लगभग सभी मांगें मान ली गई हैं। इस सूचना के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया। हालांकि सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारी नेताओं ने इस फैसले का विरोध भी किया लेकिन कैथल में उनकी संख्या कम होने के कारण रोडवेज की हड़ताल लगभग समाप्त हो गई।

बिजली निगम में व्यापक असर
उधर बिजली निगम में कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। यहां सभी 132, 133, 220 केवी सबस्टेशनों को छोड़कर कर्मचारी सोमवार रात 10 बजे से ही हड़ताल पर चले गए। इस कारण प्रत्येक सबस्टेशन पर दो पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। निगम में कनिष्ठ अभियंता से लेकर एसएसए, एलएम, एएलएम, क्लेरिकल स्टॉफ, डीसी रेट, पार्टटाइम पर लगे कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। विद्युत भवन में भी करीब-करीब सभी सीटें खाली पड़ी हुई थीं। कुछेक कर्मचारी ही काम करते नजर आए। कर्मचारियों ने कैथल में विद्युत भवन में सर्वकर्मचारी संघ एवं कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में अलग-अलग धरने दिए जिसमें कर्मचारी नेताआें नरेश कुमार, प्रधान इकबाल सिंह, दिलबाग सिंह, जिले सिंह, सतपला सिंह, कृष्ण कुमार, भीम सिंह, ओमप्रकाश, राजीव कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।

314 कर्मचारी ड्यूटी पर
विभाग के अधीक्षक अभियंता एसके बंसल ने कहा कि जिले भर में बिजली आपूर्ति बिना किसी बाधा के चल रही है। रात को हड़ताल के कारण कलायत, राजौंद, गुहला-चीका और ढांड में कुछ समय के लिए सप्लाई बाधित हुई थी, लेकिन इसे चालू कर दिया गया है। निगम में कुल 1442 कर्मचारियों में से 314 कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। इसके साथ-साथ जिले में कार्यरत 12 एसडीओ को 10-10 व्यक्ति दैनिक भुगतान पर रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं उन्हें दो-दो गाड़ियां उपलब्ध करवाई हैं। जहां भी बिजली आपूर्ति बंद मिलेगी, उसे चालू कर दिया जाएगा। सभी सब स्टेशनों पर पुलिस सुरक्षा तैनात की गई है।

अस्पताल में 21 कर्मचारी हड़ताल पर
स्वास्थ्य विभाग से कई कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। हड़ताल के कारण इंदिरा गांधी अस्पताल में लैब में काम प्रभावित रहा। यहां टेस्ट करवाने के लिए अंबाला रोड से आई सुमन ने कहा कि उसका ऑपरेशन किया जाना है, जिसके लिए खून टेस्ट लिखा है, लेकिन यहां हड़ताल के कारण टेस्ट नहीं हो रहा है। रेखा, संजय ने बताया कि खून टेस्ट करवाने के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। एसएमओ डॉ. नरेश वर्मा ने बताया कि 183 में से 21 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।

पानी की आपूर्ति बाधित
हड़ताल का असर जनस्वास्थ्य विभाग में भी देखने को मिला। यहां करीब 15 प्रतिशत ट्यूबवेलों पर पानी की आपूर्ति बाधित रही। विभाग के अधीक्षक अभियंता सुभाष पाहवा ने बताया कि हड़ताल के दौरान सभी ट्यूबवेलों से पेयजल आपूर्ति दी जाएगी। जहां बिजली की समस्या होगी, वहां जनरेट का प्रबंध किया गया है। विभाग में करीब 30 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं।

शिक्षा विभाग में आंशिक असर
उधर नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार सफाई कर्मचारियों में 453 में से 57 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए जिसमें सफाई कर्मचारी व दमकल विभाग सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। शिक्षा विभाग में हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला। शिक्षा विभाग में हड़ताल का असर न के बराबर रहा। स्कूलों से इक्का-दुक्का अध्यापक ही हड़ताल में शामिल नजर आए।

दिन में दो बार ली गई हाजिरी
सरकार के निर्देशानुसार सभी विभागों में दो बार हाजिरी ली गई। दोपहर व शाम के समय। हाजिरी दोनों बार संबंधित विभाग के मुख्यालय व डीसी कार्यालय में भेजी गई ताकि पता लगाया जा सके कि किस विभाग में कितने कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुबह की हाजिरी में जिले भर में बिजली, जनस्वास्थ्य, रोडवेज, बीएंडआर, स्वास्थ्य, डीईटीसी, नगर परिषद सहित अन्य विभागों के 3889 कर्मचारियों में से 1636 कर्मचारी हड़ताल पर रहे लेकिन जिले में लगभग सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहीं।

सख्ती से निपटेगी सरकार
रोडवेज को छोड़कर अन्य विभागों में चल रही हड़ताल को लेकर सरकार नरमी के मूड में नहीं दिख रही है। यदि कोई कर्मचारी हड़ताल के लिए जबरदस्ती करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज भी किया जा सकता है। डीसी एनके सोलंकी ने कहा कि हड़ताल में जनजीवन प्रभावित न हो, इस बात का ध्यान रखा जा रहा है। यदि जीवन के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होगी तो तुरंत प्रभाव से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा यदि कोई भी व्यक्ति काम कर रहे कर्मचारियों पर दबाव डालता है तो उसके खिलाफ भी तुरंत प्रभाव से केस दर्ज करवाया जाएगा। हड़ताल के मद्देनजर सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं।

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