{"_id":"5dbdead08ebc3e015105dfbd","slug":"health-karnal-news-knl10393147","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ‘मोबाइल अस्पताल’ खुद मरीज तक पहुंचेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ‘मोबाइल अस्पताल’ खुद मरीज तक पहुंचेगा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीमार के इलाज के लिये मरीजों को अस्पतालों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। अब अस्पताल खुद इलाज के लिये मरीजों के घर द्वार तक पहुंचेगा। केंद्र सरकार इसके लिये व्यवस्था करने जा रही है। अब हर जिले में मोबाइल अस्पताल तैयार किये जाएंगे। ये चलते फिरते अस्पताल गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले, घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएंगे। किसी भी बीमारी के इलाज के लिए मरीज को भटकना ना पड़े और सबको स्वास्थ्य सुविधाएं मिले। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार यह योजना बना रही है। करनाल के सांसद संजय भाटिया ने बताया कि जल्द ही सरकार की तरफ से यह सौगात लोगों को दी जाएगी। निशुल्क इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना के बाद अब घर द्वार पर ही मरीज को इलाज की सुविधा देने जा रही है।
एमपी फंड से होगा पैसा खर्च, ये सुविधाएं मिलेंगी
पश्चिमी यमुना नहर पर पहुंचे करनाल सांसद संजय भाटिया ने बताया कि मोबाइल अस्पताल की व्यवस्था का खर्च एमपी फंड से किया जाएगा। पांच साल के कार्यकाल के लिए उन्हें 25 करोड़ रुपये का फंड मिला है। जिसे वे लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए ही खर्च करेंगे। मोबाइल अस्पताल एक चलाता फिरता अस्पताल होगा। जिसमें मरीज को घर पर ही दवाई, ब्लड समेत कई तरह के टेस्ट, एक्स-रे व अन्य चिकित्सा सुविधाएं लोगों को मिलेंगी।
..ताकि अस्पताल में न खाने पड़े धक्के
अभी वर्तमान हर जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। जहां लाइन में लगने के बाद कई बार मरीजों को डॉक्टर नहीं मिलते। अगर डॉक्टर मिल जाए, तो दवा नहीं मिलती। सांसद ने बताया कि इस तरह की दिक्कतों को खत्म करने की दिशा में ही मोबाइल अस्पताल चलाने का फैसला लिया गया है। करनाल में भी कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2000 से ज्यादा व सामान्य अस्पताल में 1500 ओपीडी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमपी फंड से होगा पैसा खर्च, ये सुविधाएं मिलेंगी
पश्चिमी यमुना नहर पर पहुंचे करनाल सांसद संजय भाटिया ने बताया कि मोबाइल अस्पताल की व्यवस्था का खर्च एमपी फंड से किया जाएगा। पांच साल के कार्यकाल के लिए उन्हें 25 करोड़ रुपये का फंड मिला है। जिसे वे लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए ही खर्च करेंगे। मोबाइल अस्पताल एक चलाता फिरता अस्पताल होगा। जिसमें मरीज को घर पर ही दवाई, ब्लड समेत कई तरह के टेस्ट, एक्स-रे व अन्य चिकित्सा सुविधाएं लोगों को मिलेंगी।
विज्ञापन
..ताकि अस्पताल में न खाने पड़े धक्के
अभी वर्तमान हर जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। जहां लाइन में लगने के बाद कई बार मरीजों को डॉक्टर नहीं मिलते। अगर डॉक्टर मिल जाए, तो दवा नहीं मिलती। सांसद ने बताया कि इस तरह की दिक्कतों को खत्म करने की दिशा में ही मोबाइल अस्पताल चलाने का फैसला लिया गया है। करनाल में भी कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2000 से ज्यादा व सामान्य अस्पताल में 1500 ओपीडी होती है।
विज्ञापन