{"_id":"6133e5f08ebc3eb2691a4bc2","slug":"guru-pranam-you-also-teach-to-live-life-karnal-news-knl821708188","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरु प्रणाम सम्मान समारोह: सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं देते जीवन जीना भी सिखाते हैं शिक्षक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरु प्रणाम सम्मान समारोह: सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं देते जीवन जीना भी सिखाते हैं शिक्षक
Sun, 05 Sep 2021 03:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 03:02 AM IST
सार
वर्ष 2019-20 के लिए राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए चयनित पांच शिक्षकों, अपने खर्च पर स्कूल की बदहाली का दाग धोकर मॉडर्न बनाने वाले तीन शिक्षकों, राजकीय स्कूलों में सर्वाधिक छात्र संख्या बढ़ाने वाले दो स्कूलों और शिक्षा से अछूते रहने वाले बच्चों को अक्षर ज्ञान देकर स्कूल तक पहुंचाने वाली तीन संस्थाओं के प्रतिनिधियों समेत कुल 30 हस्तियों को गुरु प्रणाम सम्मान से नवाजा गया।
विज्ञापन
समारोह का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं देते जीवन जीना भी सिखाते हैं आप...। इन पंक्तियों को सार्थक करने वाले कर्णनगरी करनाल के 30 शिक्षकों एवं शिक्षण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली शख्सियतों को गुरु प्रणाम सम्मान से सम्मानित किया गया। मौका था अमर उजाला की ओर से आयोजित गुरु प्रणाम सम्मान समारोह का, जिसका आयोजन शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को होटल डिवेंचर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडीसी योगेश कुमार ने शिरकत की।
विज्ञापन
वहीं सम्मानित अतिथि के रूप में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा और जिला शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शाहपुर के प्रिंसिपल रविंद्र चौधरी भी कार्यक्रम में पहुंचे। मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का आगाज किया गया। अतिथियों ने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए व्यक्ति के जीवन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
इस दौरान वर्ष 2019-20 के लिए राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए चयनित पांच शिक्षकों, अपने खर्च पर स्कूल की बदहाली का दाग धोकर मॉडर्न बनाने वाले तीन शिक्षकों, राजकीय स्कूलों में सर्वाधिक छात्र संख्या बढ़ाने वाले दो स्कूलों और शिक्षा से अछूते रहने वाले बच्चों को अक्षर ज्ञान देकर स्कूल तक पहुंचाने वाली तीन संस्थाओं के प्रतिनिधियों समेत कुल 30 हस्तियों को गुरु प्रणाम सम्मान से नवाजा गया।
विज्ञापन
गीत गुनगुनाए और साझा की संघर्ष की कहानियां..
कार्यक्रम में शिक्षकों ने अपने जीवन के अनुभव भी अमर उजाला के मंच से साझा किए। वहीं संघर्ष की कहानियों से सभी को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी गई। मंच संचालन एंकर महक ने किया। उन्होंने कई प्रतियोगिताओं के माध्यम से शिक्षकों और अतिथियों का मनोरंजन भी किया। इस दौरान कई शिक्षकों ने गीतों की प्रस्तुति देते हुए प्रतिभा दिखाई जिसकी सभी ने सराहना की।
इनका रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम की सफलता में जिला शिक्षा विभाग का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा एक्सीलेंट सिविल अकादमी के चेयरमैन वीके सिंह, वंडर वैली आईटीआई के एमडी नरेश गुप्ता, रॉयल एंड विविड फिजिक्स क्लासिज के निदेशक रविकांत स्नेही, एक्सपर्ट क्लासेज के निदेशक शुभम, टाइम एकेडमी से अतुल गुप्ता व माधव कॉमर्स अकादमी के निदेशक हेमंत शर्मा और सह निदेशक वीरेंद्र का खास योगदान रहा।
नागरिक, समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक का अहम योगदान : एडीसी
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुंचे अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) योगेश कुमार ने गुरु और शिष्य के रिश्तों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक अच्छे गुरु से मिली सीख व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। गुरु चुनते वक्त हमें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वहीं शिक्षक के रूप में गुरु की भूमिका निभाने वालों को भी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होना चाहिए। क्योंकि शिक्षक ही नागरिक, समाज और राष्ट्र का निर्माण करता है। कार्यक्रम में उन्होंने अपने बचपन और स्कूल के समय की जिंदगी के अनुभव साझा किए।
पढ़ाने के साथ बच्चों की प्रतिभा को तराशना शिक्षक की जिम्मेदारी : डीईईओ
मंच से संबोधित करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) रोहताश वर्मा ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ उनकी प्रतिभा को तराशे। सभी बच्चे सफल हों, यही एक अच्छे शिक्षक का लक्ष्य होना चाहिए। बच्चे के सर्वांगीण विकास की ओर ध्यान होना चाहिए। इसके लिए गुरु का कर्तव्यनिष्ठ होना जरूरी है। किताबों से ऊपर उठकर बच्चों को हर क्षेत्र में परिपक्व बनाना भी शिक्षक का धर्म है।
हर शिक्षक का समय के साथ अपडेट होना जरूरी : डाइट प्रिंसिपल
जिला शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शाहपुर के प्रिंसिपल रविंद्र चौधरी ने कहा कि समय के साथ शिक्षकों का अपडेट होना जरूरी है। कोरोना रूपी आई आपदा में इस बात की जरूरत सबसे ज्यादा महसूस की गई, जो शिक्षक समय के साथ अपडेट हो गए, वे आज सबसे आगे हैं और उनके पढ़ाए विद्यार्थी भी आगे पहुंचेंगे। हमेशा बच्चों की सफलता में ही शिक्षक की कामयाबी झलकती है।