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जमानत से पहले दुनिया को छोड़ गया गुरजीवन
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जिला जेल में बृहस्पतिवार को एक और बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 11 जुलाई को उसकी जमानत पर सुनवाई होनी थी। परिजनों को उम्मीद थी कि वह रिहा होकर घर वापस आएगा, लेकिन इससे पहले ही वह दुनिया छोड़ गया। इकलौते बेटे की मौत की सूचना के बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मां-बाप रोते-बिलखते हुए अपने बेटे के बेकसूर होने की दुहाई देते रहे।
गांव महमल निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके बेटे गुरजीवन सिंह को दो माह पहले पुलिस ने घर से गिरफ्तार किया था। उस पर वर्ष 2020 में छीना झपटी में संलिप्तता का आरोप था। मामले में एक अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया गया था, जिसकी रिहाई भी हो चुकी है। 11 जुलाई को बेटे की जमानत पर भी कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन इससे पहले बृहस्पतिवार की सुबह जेल से उसके मौत की खबर आई। उन्होंने बताया कि बेटे की गिरफ्तारी के समय उसे निमोनिया की शिकायत थी। ऐसे में पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने आई तो उन्होंने विनती की थी कि अभी उसका उपचार चल रहा है। वे कुछ समय बाद खुद उसे थाने में पेश कर देंगे, लेकिन पुलिस ने उनकी फरियाद को अनसुना कर दिया। जेल से मिली सूचना के बाद परिजन कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां मृतक का पोस्टमार्टम होना था। इस दौरान भी मां परविंद्र कौर और पिता सुखदेव सिंह रोते-बिलखते हुए अपने बेटे के बेकसूर होने की बात कहते रहे। परिजनों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व गुरजीवन की शादी पंजाब के बटाला जिले के तेजा गांव निवासी मनरीत के साथ हुई थी, लेकिन यह खुशी ज्यादा समय नहीं रही और गुरजीवन को पहले जेल जाना पड़ा और फिर वह इस दुनिया को ही छोड़ गया। जेल प्रशासन के अनुसार अचानक तबीयत खराब होने पर जेल कर्मचारी उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसने दम तोड़ दिया। वहीं मामले में थाना रामनगर प्रभारी किरण का कहना है कि मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
तीन दिन पूर्व भी एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
जिला जेल में तीन दिन पहले भी एक बंदी खेड़ी मान सिंह निवासी रजत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बीते सोमवार की रात करीब आठ बजे परिजनों को मौत की सूचना मिली थी। परिजनों ने मामले में कई सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि जब रजत को कोर्ट में पेश किया गया तब वह स्वस्थ था। दो वर्ष पूर्व ही रजत की शादी हुई थी। चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। तब जेल अधीक्षक अमित कुमार ने कहा था कि दो जुलाई को रजत जेल में आया था। सोमवार शाम को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसका जेल के डॉक्टर से चेकअप कराया गया। उसके बाद उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
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गांव महमल निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके बेटे गुरजीवन सिंह को दो माह पहले पुलिस ने घर से गिरफ्तार किया था। उस पर वर्ष 2020 में छीना झपटी में संलिप्तता का आरोप था। मामले में एक अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया गया था, जिसकी रिहाई भी हो चुकी है। 11 जुलाई को बेटे की जमानत पर भी कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन इससे पहले बृहस्पतिवार की सुबह जेल से उसके मौत की खबर आई। उन्होंने बताया कि बेटे की गिरफ्तारी के समय उसे निमोनिया की शिकायत थी। ऐसे में पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने आई तो उन्होंने विनती की थी कि अभी उसका उपचार चल रहा है। वे कुछ समय बाद खुद उसे थाने में पेश कर देंगे, लेकिन पुलिस ने उनकी फरियाद को अनसुना कर दिया। जेल से मिली सूचना के बाद परिजन कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां मृतक का पोस्टमार्टम होना था। इस दौरान भी मां परविंद्र कौर और पिता सुखदेव सिंह रोते-बिलखते हुए अपने बेटे के बेकसूर होने की बात कहते रहे। परिजनों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व गुरजीवन की शादी पंजाब के बटाला जिले के तेजा गांव निवासी मनरीत के साथ हुई थी, लेकिन यह खुशी ज्यादा समय नहीं रही और गुरजीवन को पहले जेल जाना पड़ा और फिर वह इस दुनिया को ही छोड़ गया। जेल प्रशासन के अनुसार अचानक तबीयत खराब होने पर जेल कर्मचारी उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसने दम तोड़ दिया। वहीं मामले में थाना रामनगर प्रभारी किरण का कहना है कि मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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तीन दिन पूर्व भी एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
जिला जेल में तीन दिन पहले भी एक बंदी खेड़ी मान सिंह निवासी रजत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बीते सोमवार की रात करीब आठ बजे परिजनों को मौत की सूचना मिली थी। परिजनों ने मामले में कई सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि जब रजत को कोर्ट में पेश किया गया तब वह स्वस्थ था। दो वर्ष पूर्व ही रजत की शादी हुई थी। चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। तब जेल अधीक्षक अमित कुमार ने कहा था कि दो जुलाई को रजत जेल में आया था। सोमवार शाम को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसका जेल के डॉक्टर से चेकअप कराया गया। उसके बाद उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
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