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अतिथि अध्यापकों ने शहर में निकाला जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Tue, 18 Feb 2014 09:28 PM IST
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अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांगों पर मंगलवार को शहर में रोष प्रदर्शन किया। अध्यापकों ने सांसद डॉ. अरविंद शर्मा पर वादा खिलाफी और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते कमेटी चौक पर पुतला फूंका।
जिलेभर से भारी संख्या में अतिथि अध्यापक दोपहर एक बजे कर्ण पार्क में एकत्रित हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में सांसद डॉ. अरविंद शर्मा के पुतले की शवयात्रा लेकर कमेटी चौक, सर्राफा बाजार और नावल्टी रोड से होते हुए वापस कमेटी चौक पहुंच कर पुतला फूंका।
अध्यापकों ने कहा कि सरकार इतनी संवेदनहीन हो चुकी है कि उनका कोई भी नुमाइंदा जंतर-मंतर दिल्ली में बैठे 11 अनशनकारी अतिथि अध्यापकों का हाल पूछने तक नहीं गया।
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अतिथि अध्यापकों को आमरण अनशन पर बैठे 10 दिन हो चुके हैं। उनकी हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। दो अनशनकारी अध्यापकों की हालत बिगड़ने के कारण राममनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
बाकी का स्वास्थ्य भी दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। वह अतिथि अध्यापकों की मांगें मानने और बातचीत करने को तैयार नहीं है।
प्रदर्शन की अगुवाई करते राज्य कार्यकारिणी सदस्य जरनैल सिंह ने कहा कि उन्होंने कई बार सांसद अरविंद शर्मा से धरना स्थल पर पहुंच कर अतिथि अध्यापकों का हाल-चाल जानने और अपना समर्थन देने की अपील की, लेकिन उन्होंने कोई गौर नहीं किया।
इसके चलते लोकसभा क्षेत्र से लगभग 1500 अतिथि अध्यापकों के परिवारों, रिश्तेदारों में सांसद के प्रति आक्रोश है।
इसी दौरान सूचना मिली कि कैथल जिले के ब्लॉक बदराना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत अतिथि अध्यापक गणित शिक्षक बलकार सिंह की तनाव के कारण हृदय गति रुकने से मौत हो गई।
इसी तरह राज्यभर में अब तक लगभग 80 अतिथि अध्यापकों की अपने कार्यकाल के दौरान मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार ने उनके परिवार को न ही कोई आर्थिक मदद दी और न ही उसके स्थान पर परिवार के किसी सदस्य को रोजगार दिया।
जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि अध्यापक 19 फरवरी को सामूहिक अवकाश लेकर रोहतक मंडल के तहत दिल्ली अपने अनशनकारी अतिथि अध्यापकों का हौसला बढ़ाने पहुंचे और स्कूलों का बहिष्कार तब तक करेंगे जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती।
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ से कृष्ण निर्माण व बलराज सिंह जिला प्रधान ने भी अतिथि अध्यापकों का साथ देने का वादा किया।
इस मौके पर राजेश खत्री, सतीश शर्मा, राकेश कुमार, सुनील केश्वर, नरिंद्र सन्धू, पवन पोपड़ा, रणबीर बल्ला, रमणीक शर्मा, रोशन शर्मा, विनोद कांबोज, राजेश सैनी, अशोक बांसा, बलवान सुबरी, रामपाल शर्मा, सचिन इंद्री, चंद्रवती, संजीवता, सीमा, सरिता, संतोष, राजरानी, प्रज्ञा, सुखवंत कौर, किरण, मंजू, कोमल का बोज, हेमा, चन्द्रकांता उपस्थित रहे।
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जिलेभर से भारी संख्या में अतिथि अध्यापक दोपहर एक बजे कर्ण पार्क में एकत्रित हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में सांसद डॉ. अरविंद शर्मा के पुतले की शवयात्रा लेकर कमेटी चौक, सर्राफा बाजार और नावल्टी रोड से होते हुए वापस कमेटी चौक पहुंच कर पुतला फूंका।
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अध्यापकों ने कहा कि सरकार इतनी संवेदनहीन हो चुकी है कि उनका कोई भी नुमाइंदा जंतर-मंतर दिल्ली में बैठे 11 अनशनकारी अतिथि अध्यापकों का हाल पूछने तक नहीं गया।
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अतिथि अध्यापकों को आमरण अनशन पर बैठे 10 दिन हो चुके हैं। उनकी हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। दो अनशनकारी अध्यापकों की हालत बिगड़ने के कारण राममनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
बाकी का स्वास्थ्य भी दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। वह अतिथि अध्यापकों की मांगें मानने और बातचीत करने को तैयार नहीं है।
प्रदर्शन की अगुवाई करते राज्य कार्यकारिणी सदस्य जरनैल सिंह ने कहा कि उन्होंने कई बार सांसद अरविंद शर्मा से धरना स्थल पर पहुंच कर अतिथि अध्यापकों का हाल-चाल जानने और अपना समर्थन देने की अपील की, लेकिन उन्होंने कोई गौर नहीं किया।
इसके चलते लोकसभा क्षेत्र से लगभग 1500 अतिथि अध्यापकों के परिवारों, रिश्तेदारों में सांसद के प्रति आक्रोश है।
इसी दौरान सूचना मिली कि कैथल जिले के ब्लॉक बदराना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत अतिथि अध्यापक गणित शिक्षक बलकार सिंह की तनाव के कारण हृदय गति रुकने से मौत हो गई।
इसी तरह राज्यभर में अब तक लगभग 80 अतिथि अध्यापकों की अपने कार्यकाल के दौरान मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार ने उनके परिवार को न ही कोई आर्थिक मदद दी और न ही उसके स्थान पर परिवार के किसी सदस्य को रोजगार दिया।
जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि अध्यापक 19 फरवरी को सामूहिक अवकाश लेकर रोहतक मंडल के तहत दिल्ली अपने अनशनकारी अतिथि अध्यापकों का हौसला बढ़ाने पहुंचे और स्कूलों का बहिष्कार तब तक करेंगे जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती।
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ से कृष्ण निर्माण व बलराज सिंह जिला प्रधान ने भी अतिथि अध्यापकों का साथ देने का वादा किया।
इस मौके पर राजेश खत्री, सतीश शर्मा, राकेश कुमार, सुनील केश्वर, नरिंद्र सन्धू, पवन पोपड़ा, रणबीर बल्ला, रमणीक शर्मा, रोशन शर्मा, विनोद कांबोज, राजेश सैनी, अशोक बांसा, बलवान सुबरी, रामपाल शर्मा, सचिन इंद्री, चंद्रवती, संजीवता, सीमा, सरिता, संतोष, राजरानी, प्रज्ञा, सुखवंत कौर, किरण, मंजू, कोमल का बोज, हेमा, चन्द्रकांता उपस्थित रहे।