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सरकारी रेस्ट हाउस की नींव भरने के लिए जिलाधीश के आदेश किये दफन

Wed, 22 Feb 2017 12:08 AM IST
सोमदत्त शर्मा/करनाल,अमर उजाला
सोमदत्त शर्मा/करनाल,अमर उजाला Updated Wed, 22 Feb 2017 12:08 AM IST
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Government Rest House to fill the foundation of the order of DM were buried, Karnal, Grunda
सिंचाई विभाग के अधिकारी सरेआम करा रहे हैं नहर के पास से खुदाई - फोटो : अमर उजाला

जिले में 9 फरवरी से सभी नहरों और नदियों के 200 मीटर तक खनन पर जिलाधीश करनाल ने प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन यहां सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इन आदेशों की कोई परवाह नहीं है। विभाग के अधिकारी इंद्री में करीब दो करोड़ रुपये से बनने जा रहे रेस्ट हाउस के निर्माण से पहले नींव (भरत) भरने को सरेआम पश्चिमी यमुना नहर के से अवैध खनन करा रहे हैं।

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सरेआम जेसीबी से नहर के अंदर की पटड़ी को उखाड़ दिया गया है और यहां पर उगे पेड़ों को उखाड़ दिया गया है। दिन चलने वाले खनन से निकलने वाली मिट्टी से ही रेस्ट हाउस की नींव भरी जा रही है। खास बात यह है कि इस काम में लगे लोगों को न तो डीसी के आदेशों का डर है और न ही हाईकोर्ट की गाइडलाइन का। खुदाई कर विभाग के अधिकारी जिलाधीश के आदेशों की ही दफन करने की कोशिश कर रहे हैं।
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बता दें कि इंद्री स्थित रेस्ट हाउस काफी पुराना और कंडम हो चुका है। इसके स्थान पर नया रेस्ट हाउस बनाया जा रहा है। इंद्री से विधायक व मंत्री कर्णदेव कांबोज ने रेस्ट हाउस के लिए बकायदा दो करोड़ रुपये का बजट पास कराया है, हालांकि यह सिर्फ कंस्ट्रशन का बजट है। विभागीय अधिकारी बताते हैं टेंडर के साथ यह शर्त रखी गई थी कि रेस्ट हाउस के लिए नींव भरने के लिए जितनी मिट्टी की जरूरत पड़ेगी, वो सिंचाई विभाग उपलब्ध कराएगा। इसी कारण, विभाग की तरफ से ठेकेदार को पश्चिमी यमुना नहर से खुदाई कराने के लिए कह दिया है। पिछले कई दिन से यहां पर जमकर खुदाई चल रही है। नहर के अंदर से मिट्टी उठाई जा रही है।
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करीब एक किलोमीटर तक नहर से मिट्टी खुदाई कर दी गई है। यहां से मिट्टी के डंपर भरे जा रहे हैं सीधे रेस्ट हाउस में पहुंच रहे हैं। खनन के कारण नहर पर उगे पेड़ पौधों को भी कुचला जा रहा है और कई पेड़ भी उखाड़ दिये गए हैं, जो अब सूख गए हैं। गौरतलब है कि जिलाधीश मनदीप सिंह बराड़ ने जिले में नहरों पर खुदाई करने पर अप्रैल तक रोक लगाई हुई है, लेकिन विभाग के अधिकारियों को जिलाधीश के आदेशों का कोई डर नहीं है।


मंत्री जी आते हैं, शाबाजी देते हैं
अमर उजाला की टीम जब नहर पर चल रही खुदाई के स्थल पर पहुंची तो खुदाई कर रहे लोगों ने बताया कि यहां खुदाई अधिकारियों के आदेश पर ही चल रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या आपको पता नहीं डीसी करनाल ने नहर से 200 मीटर परीधि तक में खनन बंद कर रखा है, तो इस पर उन्होंने कहा कि ये सब हमें नहीं अधिकारियों को पता होगा। वहीं, बाद में टीम रेस्ट हाउस पहुंची और वहां पर नहर के पास खोदकर लाई गई मिट्टी के बारे में पूछा तो मजबूरों ने बताया कि मंत्री भी यहां आते हैं, काम के लिए हमें शाबासी भी देते हैं। उधर, इस बारे में मंत्री कर्ण देव कांबोज के मीडिया सलाहकार बीशपाल राणा का कहना है कि मिट्टी उठवाने के मामले में मंत्री जी का कोई लेना देना नहीं है। अगर किसी ने ऐसा कहा है तो गलत है।

9 फरवरी को जारी किये थे आदेश
गत 9 फरवरी को जिलाधीश मनदीप सिंह बराड़ ने अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर आदेश दिये थे कि नहरों से 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार की मसीन द्वारा खुदाई न करने के आदेश दिये थे। आदेशों में कहा गया है कि यह प्रक्रिया आगामी 6 अप्रैल तक जारी रहेगी।

आदेशों में कहा गया है कि अवैध खनन करने वाले लोगों को कहा गया है कि वे ट्रैक्टर-ट्राली, हाइड्रोलिक ट्राली और 4 टायरों वाली ट्राली आदि से अवैध खनन को निकालने वाली मशीनों को नहर से 200 मीटर की परिधि में नहीं ले जा सकेंगे। इसके अलावा, यह भी कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश में सभी नदियों से खनन निकालना बंद है। किसी भी नदी व नहर के एक किलोमीटर के बीच 5 व 5 से अधिक व्यक्ति इकट्ठे हथियार लेकर भी नहीं जा सकते और यहां पर धारा 144 लागू रहेगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है।


पहले इंकार, बाद में माने एसडीओ
इस बारे में जब सिंचाई विभाग के एसडीओ करनैल सिंह से बात की गई तो उन्होंने पहले तो किसी भी तरह की खुदाई से इंकार किया। बाद में फोटोग्राफी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि टेंडर के अनुरूप रेस्ट हाउस के नींव के लिए मिट्टी देने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की थी। इसी के तहत ठेकेदार को मिट्टी उपलब्ध कराई जा रही है।

एसडीओ का कहना है कि जो खुदाई कराई गई है, उसे अब बंद कर दिया जाएगा। एसडीओ ने पहले को पश्चिमी यमुना नहर पर किसी खुदाई से साफ इंकार किया, बाद में कहा कि एक छोटे नाले से खुदाई कराई जा रही है। हालांकि, मंत्री के आदेशों पर उन्होंने इसमें मंत्री जी का कोई दखल नहीं है। खुदाई विभाग ही करा रहा है।


मुझे जानकारी नहीं : ठेकेदार
इस बारे में ठेकेदार बलविंद्र सिंह का कहना है कि हमारी मशीन एक छोटे से नाले पर खुदाई कर रही है, वो जगह विभागीय अधिकारियों ने बताई है। पशिचमी यमुना नहर पर चल रही खुदाई के बारे में वे कुछ नहीं जानते। मिट्टी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है, उसी के तहत मिट्टी विभाग भिजवा रहा है। इस बारे में पूरी जानकारी एसडीओ करनैल सिंह ही दे सकते हैं। 

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